साधना शिवदासानी की जयंती: सायरा बानो ने इंस्टाग्राम पर साझा कीं यादगार तस्वीरें, जैकी श्रॉफ ने भी किया याद
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री साधना शिवदासानी की जयंती पर बुधवार, 2 सितंबर को फ़िल्म जगत ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। 60 और 70 के दशक की इस शीर्ष अभिनेत्री को याद करते हुए अभिनेत्री सायरा बानो और अभिनेता जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर पुरानी तस्वीरें और संदेश साझा किए।
सायरा बानो की भावुक श्रद्धांजलि
अभिनेत्री सायरा बानो ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई यादगार तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें वह साधना, राज कपूर और माला सिन्हा जैसे दिग्गज सितारों के साथ नज़र आ रही हैं। अपनी पोस्ट में सायरा बानो ने लिखा, 'साधना को जन्मदिन पर प्यार भरी याद। भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन अदाकाराओं में से एक और गरिमा से भरी शख्सियत।'
सायरा बानो ने आगे लिखा कि साधना, एस. मुखर्जी (शशधर मुखर्जी) के फिल्मालय स्टूडियो की सबसे बेहतरीन खोजों में से एक थीं। उन्होंने 'वो कौन थी', 'मेरा साया' और 'वक्त' जैसी कालजयी फिल्मों में अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई।
जैकी श्रॉफ का संदेश
अभिनेता जैकी श्रॉफ ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर साधना की कुछ पुरानी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'आप हमेशा हमारी यादों में रहेंगी।' उनकी यह संक्षिप्त लेकिन भावपूर्ण श्रद्धांजलि चाहने वालों के बीच खूब सराही गई।
साधना कट और उनकी विरासत
60 और 70 के दशक की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार साधना अपनी बेहतरीन अदाकारी के साथ-साथ अपने अनूठे हेयरस्टाइल — जिसे 'साधना कट' कहा जाता है — के लिए आज भी याद की जाती हैं। यह हेयरस्टाइल हॉलीवुड अभिनेत्री ऑड्रे हेपबर्न से प्रेरित था और उस दौर की युवतियों के बीच एक बड़ा ट्रेंड बन गया था।
गौरतलब है कि साधना ने महज 14 साल की उम्र में राज कपूर की फिल्म 'श्री 420' के प्रसिद्ध गाने 'मुड़ मुड़ के ना देख' में एक बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम किया था। इसके बाद 1958 की फिल्म 'अबाना' में उन्होंने मुख्य अभिनेत्री की छोटी बहन का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें मात्र ₹1 की प्रतीकात्मक फीस मिली थी।
करियर का सफ़र
साल 1960 में शशधर मुखर्जी की फिल्म 'लव इन शिमला' से साधना ने मुख्य अभिनेत्री के रूप में पदार्पण किया। निर्देशक आरके नैयर की यह फिल्म सुपरहिट रही और साधना रातोंरात स्टार बन गईं। इसके बाद 'वो कौन थी', 'मेरा साया' और 'वक्त' जैसी फिल्मों ने उन्हें उस दौर की सबसे माँग वाली अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया।
फिल्म 'संन्यास' में साइड रोल करने से इनकार करते हुए साधना ने फिल्मों से दूरी बना ली। उन्होंने केवल मुख्य नायिका के रूप में ही काम करने का अपना उसूल अंत तक निभाया — यह उनके आत्मसम्मान और पेशेवर दृढ़ता की मिसाल है।
निधन और अमर विरासत
25 दिसंबर 2015 को साधना शिवदासानी का निधन हो गया। उनके जाने के बाद भी उनकी फिल्में और 'साधना कट' आज भी भारतीय सिनेमा की सांस्कृतिक स्मृति का अभिन्न हिस्सा हैं। उनकी जयंती पर सहकर्मियों द्वारा दी गई श्रद्धांजलि यह बताती है कि उनकी यादें आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रहेंगी।