8 अगस्त 2026
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तंबाकू-मुक्त मेघालय अभियान तेज: 10,000 स्कूल, 6 लाख छात्र जुड़े, युवाओं से भागीदारी की अपील

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तंबाकू-मुक्त मेघालय अभियान तेज: 10,000 स्कूल, 6 लाख छात्र जुड़े, युवाओं से भागीदारी की अपील

सारांश

मेघालय सरकार ने 'तंबाकू-मुक्त मेघालय' अभियान को नई ऊर्जा दी है — 10,000 से अधिक स्कूलों में 6 लाख छात्र, 83% कॉलेज तंबाकू-मुक्त और 1,050 से अधिक ग्राम परिषदें सक्रिय। राज्य की 60% आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की है, इसलिए युवा-केंद्रित यह अभियान राज्य के स्वास्थ्य भविष्य की नींव बन रहा है।

मुख्य बातें

मेघालय सरकार ने 7 अगस्त 2026 को शिलांग में राज्य-स्तरीय तंबाकू-विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
'तंबाकू-मुक्त शिक्षण संस्थान' पहल 10,000 से अधिक स्कूलों में लगभग 6 लाख छात्रों तक पहुँची।
पिछले पाँच वर्षों में सभी 11 जिलों के 85% स्कूलों को कवर किया गया; 28,000 से अधिक शिक्षक और 7.3 लाख छात्र शामिल।
83% कॉलेज तंबाकू-मुक्त घोषित; 1,050 से अधिक विलेज हेल्थ काउंसिल तंबाकू-नियंत्रण उपाय लागू कर रही हैं।
राज्य की 60% से अधिक आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की है — युवा-केंद्रित रणनीति अभियान की धुरी।
COTPA के तहत सार्वजनिक धूम्रपान, तंबाकू विज्ञापन और नाबालिगों को तंबाकू बिक्री पर कानूनी प्रतिबंध की याद दिलाई गई।

मेघालय सरकार ने 7 अगस्त 2026 को शिलांग में 'तंबाकू-मुक्त मेघालय' अभियान को नई गति देते हुए स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम स्वास्थ्य परिषदों के माध्यम से तंबाकू नियंत्रण में हुई प्रगति का ब्यौरा दिया और युवाओं की व्यापक भागीदारी का आह्वान किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) द्वारा आयोजित इस राज्य-स्तरीय कार्यक्रम की थीम थी — 'तंबाकू: मौत का व्यापार'।

मुख्य घटनाक्रम

कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, शिक्षक, कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ और छात्र एक मंच पर आए। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव तथा NHM मिशन निदेशक रामकुमार एस. ने तंबाकू को गंभीर और दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम का कारण बताते हुए कहा कि राज्य का यह अभियान स्कूलों तक पहुँचकर असर दिखा चुका है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मेघालय की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी 25 वर्ष से कम आयु की है, इसलिए युवा-केंद्रित रणनीति अनिवार्य है।

उन्होंने सभी जिला मुख्यालयों में जागरूकता अभियान के विस्तार के लिए विभिन्न विभागों और हितधारकों के समन्वित प्रयास की जरूरत बताई।

स्कूलों और कॉलेजों में अभियान की पहुँच

स्कूली शिक्षा और साक्षरता निदेशक ऋचा कुलकर्णी ने बताया कि 'तंबाकू-मुक्त शिक्षण संस्थान' पहल राज्य भर के 10,000 से अधिक स्कूलों में लगभग 6 लाख छात्रों तक पहुँच चुकी है। स्कूलों के माध्यम से किए गए शुरुआती हस्तक्षेप ने छात्रों को 'स्वास्थ्य दूत' के रूप में उभरने में सक्षम बनाया है।

NTCP की वरिष्ठ दंत चिकित्सक नबनीता डी. मौरी ने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में सभी 11 जिलों के लगभग 85 प्रतिशत स्कूलों को इस पहल के तहत कवर किया गया है, जिसमें 28,000 से अधिक शिक्षक और 7.3 लाख छात्र शामिल हुए। इसके साथ ही, 83 प्रतिशत कॉलेज तंबाकू-मुक्त घोषित हो चुके हैं।

ग्राम स्तर पर तंबाकू नियंत्रण

आँकड़ों के अनुसार, 1,050 से अधिक विलेज हेल्थ काउंसिल तंबाकू-नियंत्रण उपायों को सक्रिय रूप से लागू कर रही हैं। यह ग्राम-स्तरीय सक्रियता अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू उपयोग की दर शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहती है।

कानून प्रवर्तन और युवाओं से अपील

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इवान डिएंगडोह ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, तंबाकू का विज्ञापन और नाबालिगों को या उनके द्वारा तंबाकू की बिक्री कानूनन प्रतिबंधित है।

पूर्वी खासी हिल्स के उपायुक्त अभिलाष बरनवाल ने युवाओं से साथियों के दबाव का विरोध करने और तंबाकू उत्पादों से दूर रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि असली साहस हानिकारक आदतों को 'ना' कहने में है।

पुरस्कार और संकल्प

कार्यक्रम का समापन उन स्कूलों, विलेज हेल्थ काउंसिल, छात्रों, पुलिस यूनिट और जिला प्रशासन को पुरस्कृत करने के साथ हुआ जिन्होंने तंबाकू नियंत्रण में उल्लेखनीय कार्य किया। इसके बाद 'तंबाकू-मुक्त मेघालय' की दिशा में सामूहिक संकल्प लिया गया। आगे की रणनीति में सभी जिला मुख्यालयों तक अभियान का विस्तार और युवा नेतृत्व को केंद्र में रखना प्रमुख लक्ष्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

050 से अधिक परिषदों की सक्रियता सराहनीय है, परंतु बिना स्वतंत्र निगरानी और परिणाम-आधारित मूल्यांकन के, ये संख्याएँ महज़ कागज़ी उपलब्धि बनने का जोखिम उठाती हैं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय का 'तंबाकू-मुक्त शिक्षण संस्थान' अभियान क्या है?
यह राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के तहत चलाई जा रही एक राज्यव्यापी पहल है, जो स्कूलों और कॉलेजों को तंबाकू-मुक्त बनाने और छात्रों को स्वास्थ्य दूत के रूप में तैयार करने पर केंद्रित है। अब तक यह अभियान 10,000 से अधिक स्कूलों में 6 लाख छात्रों तक पहुँच चुका है।
मेघालय में तंबाकू नियंत्रण में अब तक क्या प्रगति हुई है?
पिछले पाँच वर्षों में सभी 11 जिलों के 85% स्कूलों को कवर किया गया है, जिसमें 28,000 से अधिक शिक्षक और 7.3 लाख छात्र शामिल हुए। इसके अलावा 83% कॉलेज तंबाकू-मुक्त हो चुके हैं और 1,050 से अधिक विलेज हेल्थ काउंसिल तंबाकू-नियंत्रण उपाय सक्रिय रूप से लागू कर रही हैं।
मेघालय में युवाओं पर तंबाकू-विरोधी अभियान का फोकस क्यों है?
NHM मिशन निदेशक रामकुमार एस. के अनुसार, मेघालय की 60% से अधिक आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की है। इस जनसांख्यिकीय वास्तविकता को देखते हुए युवाओं को तंबाकू से दूर रखना और उन्हें स्वास्थ्य दूत बनाना राज्य की दीर्घकालिक स्वास्थ्य रणनीति की बुनियाद है।
COTPA कानून के तहत मेघालय में क्या प्रतिबंध हैं?
सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, तंबाकू का विज्ञापन और नाबालिगों को या उनके द्वारा तंबाकू की बिक्री पूरी तरह कानूनन प्रतिबंधित है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इवान डिएंगडोह ने इस कार्यक्रम में इन प्रावधानों की जानकारी प्रतिभागियों को दी।
इस अभियान में ग्राम स्तर पर क्या किया जा रहा है?
1,050 से अधिक विलेज हेल्थ काउंसिल तंबाकू-नियंत्रण उपायों को सक्रिय रूप से लागू कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य इस अभियान को सभी जिला मुख्यालयों तक विस्तारित करना है, जिसके लिए विभिन्न विभागों और हितधारकों के समन्वित प्रयास की योजना बनाई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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