तंबाकू-मुक्त मेघालय अभियान तेज: 10,000 स्कूल, 6 लाख छात्र जुड़े, युवाओं से भागीदारी की अपील
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय सरकार ने 7 अगस्त 2026 को शिलांग में 'तंबाकू-मुक्त मेघालय' अभियान को नई गति देते हुए स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम स्वास्थ्य परिषदों के माध्यम से तंबाकू नियंत्रण में हुई प्रगति का ब्यौरा दिया और युवाओं की व्यापक भागीदारी का आह्वान किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) द्वारा आयोजित इस राज्य-स्तरीय कार्यक्रम की थीम थी — 'तंबाकू: मौत का व्यापार'।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, शिक्षक, कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ और छात्र एक मंच पर आए। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव तथा NHM मिशन निदेशक रामकुमार एस. ने तंबाकू को गंभीर और दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम का कारण बताते हुए कहा कि राज्य का यह अभियान स्कूलों तक पहुँचकर असर दिखा चुका है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मेघालय की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी 25 वर्ष से कम आयु की है, इसलिए युवा-केंद्रित रणनीति अनिवार्य है।
उन्होंने सभी जिला मुख्यालयों में जागरूकता अभियान के विस्तार के लिए विभिन्न विभागों और हितधारकों के समन्वित प्रयास की जरूरत बताई।
स्कूलों और कॉलेजों में अभियान की पहुँच
स्कूली शिक्षा और साक्षरता निदेशक ऋचा कुलकर्णी ने बताया कि 'तंबाकू-मुक्त शिक्षण संस्थान' पहल राज्य भर के 10,000 से अधिक स्कूलों में लगभग 6 लाख छात्रों तक पहुँच चुकी है। स्कूलों के माध्यम से किए गए शुरुआती हस्तक्षेप ने छात्रों को 'स्वास्थ्य दूत' के रूप में उभरने में सक्षम बनाया है।
NTCP की वरिष्ठ दंत चिकित्सक नबनीता डी. मौरी ने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में सभी 11 जिलों के लगभग 85 प्रतिशत स्कूलों को इस पहल के तहत कवर किया गया है, जिसमें 28,000 से अधिक शिक्षक और 7.3 लाख छात्र शामिल हुए। इसके साथ ही, 83 प्रतिशत कॉलेज तंबाकू-मुक्त घोषित हो चुके हैं।
ग्राम स्तर पर तंबाकू नियंत्रण
आँकड़ों के अनुसार, 1,050 से अधिक विलेज हेल्थ काउंसिल तंबाकू-नियंत्रण उपायों को सक्रिय रूप से लागू कर रही हैं। यह ग्राम-स्तरीय सक्रियता अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू उपयोग की दर शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहती है।
कानून प्रवर्तन और युवाओं से अपील
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इवान डिएंगडोह ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, तंबाकू का विज्ञापन और नाबालिगों को या उनके द्वारा तंबाकू की बिक्री कानूनन प्रतिबंधित है।
पूर्वी खासी हिल्स के उपायुक्त अभिलाष बरनवाल ने युवाओं से साथियों के दबाव का विरोध करने और तंबाकू उत्पादों से दूर रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि असली साहस हानिकारक आदतों को 'ना' कहने में है।
पुरस्कार और संकल्प
कार्यक्रम का समापन उन स्कूलों, विलेज हेल्थ काउंसिल, छात्रों, पुलिस यूनिट और जिला प्रशासन को पुरस्कृत करने के साथ हुआ जिन्होंने तंबाकू नियंत्रण में उल्लेखनीय कार्य किया। इसके बाद 'तंबाकू-मुक्त मेघालय' की दिशा में सामूहिक संकल्प लिया गया। आगे की रणनीति में सभी जिला मुख्यालयों तक अभियान का विस्तार और युवा नेतृत्व को केंद्र में रखना प्रमुख लक्ष्य है।