10 अगस्त 2026
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तारातला गोदाम हादसा: KMC रिपोर्ट में खुलासा — घटिया सामग्री, गलत कास्टिंग और अवैध निर्माण बनी 9 मौतों की वजह

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तारातला गोदाम हादसा: KMC रिपोर्ट में खुलासा — घटिया सामग्री, गलत कास्टिंग और अवैध निर्माण बनी 9 मौतों की वजह

सारांश

तारातला गोदाम हादसा महज एक दुर्घटना नहीं — यह लापरवाही, अवैध विस्तार और निगरानी तंत्र की विफलता का नतीजा है। KMC की रिपोर्ट ने घटिया सामग्री और उल्टे क्रम में कास्टिंग को 9 मजदूरों की मौत का सीधा कारण बताया है।

मुख्य बातें

कोलकाता के तारातला में 25 जून 2026 को निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से 9 मजदूरों की मौत हुई, 20 घायल हुए।
KMC की जाँच रिपोर्ट में घटिया निर्माण सामग्री , गलत कास्टिंग क्रम (तीसरी मंजिल से शुरू) और कमज़ोर नींव को हादसे की वजह बताया गया।
बिल्डरों ने 43 कट्ठा की स्वीकृत सीमा से परे अतिरिक्त 5 कट्ठा पर अवैध निर्माण किया था।
भवन विभाग ने माना कि कर्मचारियों की कमी के कारण निर्माण निगरानी प्रभावित हुई।
अब तक 5 लोग गिरफ्तार ; भारतीय न्याय संहिता के तहत गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में FIR दर्ज।
कोलकाता पुलिस ने विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया है।

कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से 9 मजदूरों की मौत और 20 लोगों के घायल होने की त्रासदी के पीछे घटिया निर्माण सामग्री, गलत कास्टिंग क्रम और मंजूर नक्शे से परे अवैध विस्तार जिम्मेदार था। कोलकाता नगर निगम (KMC) के भवन विभाग ने यह निष्कर्ष उस जाँच रिपोर्ट में दिए हैं जो गुरुवार, 25 जून 2026 को निगम आयुक्त को सौंपी गई। यह हादसा उसी दिन दोपहर हुआ था।

रिपोर्ट में क्या सामने आया

KMC की रिपोर्ट के अनुसार, 54 कट्ठा भूमि पर बने इस गोदाम का निर्माण नक्शा फरवरी 2025 में मंजूर किया गया था, लेकिन स्वीकृति केवल 43 कट्ठा जमीन के लिए थी। जाँच में पाया गया कि बिल्डरों ने अवैध रूप से अतिरिक्त 5 कट्ठा जमीन पर भी निर्माण कर लिया था — यानी स्वीकृत सीमा से कहीं अधिक।

रिपोर्ट में सबसे गंभीर तकनीकी चूक यह बताई गई है कि लोहे की कास्टिंग का काम नियमानुसार पहली मंजिल से शुरू होना चाहिए था, परंतु इस गोदाम में कास्टिंग तीसरी मंजिल से शुरू की गई। इससे निचले ढाँचे पर असहनीय भार पड़ा और वह टिक नहीं सका।

निर्माण सामग्री और नींव की खामियाँ

रिपोर्ट के अनुसार, कास्टिंग में इस्तेमाल की गई सामग्री घटिया गुणवत्ता की थी। इसके अलावा, तीन मंजिला ढाँचा बिना नींव और निचले हिस्से को पर्याप्त रूप से मजबूत किए खड़ा कर दिया गया था। भवन विभाग ने स्पष्ट किया कि मूल निर्माण डिजाइन में कोई तकनीकी गलती नहीं थी, बल्कि क्रियान्वयन स्तर पर लापरवाही और संबंधित अधिकारियों की निगरानी में चूक इस हादसे की असली जड़ है।

रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया गया है कि कर्मचारियों की कमी के कारण ऐसे निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी प्रभावित होती है — जो नगर निगम की एक प्रणालीगत कमज़ोरी को उजागर करता है।

हादसे का विवरण और घायलों की स्थिति

25 जून 2026 की दोपहर तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह गई, जिससे मलबे में दबे 9 मजदूरों की मौत हो गई। 20 अन्य घायल हुए, जिन्हें एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

हादसे के बाद कोलकाता पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं — जिनमें गैर-इरादतन हत्या और गैर-इरादतन हत्या के प्रयास की धाराएँ शामिल हैं — के तहत एफआईआर दर्ज की। अब तक इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की गहन जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) भी गठित किया गया है।

आगे क्या होगा

KMC रिपोर्ट निगम आयुक्त के पास है और आगे की कार्रवाई उनके निर्देशों पर निर्भर करेगी। SIT की जाँच जारी है और यह स्पष्ट किया जाएगा कि निगरानी में चूक किस स्तर पर हुई — ठेकेदार, बिल्डर या निरीक्षण अधिकारी। इस हादसे ने शहर में निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी रिपोर्टें केवल दस्तावेज़ बनकर रह जाएँगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारातला गोदाम हादसा क्यों हुआ?
KMC की जाँच रिपोर्ट के अनुसार, लोहे की कास्टिंग नियमानुसार पहली मंजिल की बजाय तीसरी मंजिल से शुरू की गई, जिससे निचला ढाँचा भार नहीं झेल सका। इसके अलावा घटिया निर्माण सामग्री और कमज़ोर नींव भी हादसे की वजह बताई गई है।
तारातला हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
25 जून 2026 को हुए इस हादसे में 9 मजदूरों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हुए। घायलों को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
क्या गोदाम का निर्माण अवैध था?
पूरा निर्माण अवैध नहीं था, लेकिन बिल्डरों ने 43 कट्ठा की स्वीकृत सीमा से परे अतिरिक्त 5 कट्ठा पर अवैध निर्माण किया था। मूल निर्माण नक्शा फरवरी 2025 में मंजूर हुआ था।
तारातला हादसे में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
कोलकाता पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की गैर-इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं में स्वतः संज्ञान लेकर FIR दर्ज की है। अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया गया है।
KMC ने निगरानी विफलता पर क्या कहा?
KMC के भवन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि संबंधित अधिकारियों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों की निगरानी में लापरवाही हुई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कर्मचारियों की कमी के कारण ऐसे निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी प्रभावित होती है।
राष्ट्र प्रेस
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