तारातला गोदाम हादसा: KMC रिपोर्ट में खुलासा — घटिया सामग्री, गलत कास्टिंग और अवैध निर्माण बनी 9 मौतों की वजह
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से 9 मजदूरों की मौत और 20 लोगों के घायल होने की त्रासदी के पीछे घटिया निर्माण सामग्री, गलत कास्टिंग क्रम और मंजूर नक्शे से परे अवैध विस्तार जिम्मेदार था। कोलकाता नगर निगम (KMC) के भवन विभाग ने यह निष्कर्ष उस जाँच रिपोर्ट में दिए हैं जो गुरुवार, 25 जून 2026 को निगम आयुक्त को सौंपी गई। यह हादसा उसी दिन दोपहर हुआ था।
रिपोर्ट में क्या सामने आया
KMC की रिपोर्ट के अनुसार, 54 कट्ठा भूमि पर बने इस गोदाम का निर्माण नक्शा फरवरी 2025 में मंजूर किया गया था, लेकिन स्वीकृति केवल 43 कट्ठा जमीन के लिए थी। जाँच में पाया गया कि बिल्डरों ने अवैध रूप से अतिरिक्त 5 कट्ठा जमीन पर भी निर्माण कर लिया था — यानी स्वीकृत सीमा से कहीं अधिक।
रिपोर्ट में सबसे गंभीर तकनीकी चूक यह बताई गई है कि लोहे की कास्टिंग का काम नियमानुसार पहली मंजिल से शुरू होना चाहिए था, परंतु इस गोदाम में कास्टिंग तीसरी मंजिल से शुरू की गई। इससे निचले ढाँचे पर असहनीय भार पड़ा और वह टिक नहीं सका।
निर्माण सामग्री और नींव की खामियाँ
रिपोर्ट के अनुसार, कास्टिंग में इस्तेमाल की गई सामग्री घटिया गुणवत्ता की थी। इसके अलावा, तीन मंजिला ढाँचा बिना नींव और निचले हिस्से को पर्याप्त रूप से मजबूत किए खड़ा कर दिया गया था। भवन विभाग ने स्पष्ट किया कि मूल निर्माण डिजाइन में कोई तकनीकी गलती नहीं थी, बल्कि क्रियान्वयन स्तर पर लापरवाही और संबंधित अधिकारियों की निगरानी में चूक इस हादसे की असली जड़ है।
रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया गया है कि कर्मचारियों की कमी के कारण ऐसे निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी प्रभावित होती है — जो नगर निगम की एक प्रणालीगत कमज़ोरी को उजागर करता है।
हादसे का विवरण और घायलों की स्थिति
25 जून 2026 की दोपहर तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह गई, जिससे मलबे में दबे 9 मजदूरों की मौत हो गई। 20 अन्य घायल हुए, जिन्हें एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
हादसे के बाद कोलकाता पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं — जिनमें गैर-इरादतन हत्या और गैर-इरादतन हत्या के प्रयास की धाराएँ शामिल हैं — के तहत एफआईआर दर्ज की। अब तक इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की गहन जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) भी गठित किया गया है।
आगे क्या होगा
KMC रिपोर्ट निगम आयुक्त के पास है और आगे की कार्रवाई उनके निर्देशों पर निर्भर करेगी। SIT की जाँच जारी है और यह स्पष्ट किया जाएगा कि निगरानी में चूक किस स्तर पर हुई — ठेकेदार, बिल्डर या निरीक्षण अधिकारी। इस हादसे ने शहर में निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।