राज्यसभा चुनाव में बीजेडी ने 6 विधायकों को क्रॉस वोटिंग के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया

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राज्यसभा चुनाव में बीजेडी ने 6 विधायकों को क्रॉस वोटिंग के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया

सारांश

बीजू जनता दल ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप में छह विधायकों को कारण बताओ नोटिस दिया है। पार्टी ने 20 मार्च तक उचित उत्तर न मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस घटनाक्रम ने पार्टी के अनुशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

Key Takeaways

  • बीजेडी ने 6 विधायकों को नोटिस जारी किया है।
  • क्रॉस वोटिंग का आरोप गंभीर है।
  • 20 मार्च तक उत्तर न देने पर कार्रवाई हो सकती है।
  • पार्टी अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।
  • राजनीतिक दलों में अनुशासन का महत्व बढ़ा है।

भुवनेश्वर, 17 मार्च, (राष्ट्र प्रेस)। बीजू जनता दल (बीजेडी) ने 16 मार्च, 2026 को संपन्न हुए राज्यसभा चुनावों में पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन (क्रॉस वोटिंग) करने के आरोप में अपने छह विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यदि 20 मार्च तक उचित उत्तर नहीं दिया गया, तो पार्टी द्वारा एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

यह नोटिस पार्टी अध्यक्ष की स्वीकृति से मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक द्वारा जारी किए गए हैं और इसमें चक्रमणि कन्हार (बालीगुडा), नबाकिशोर मल्लिक (जयदेव), सौविक बिस्वाल (चौद्वार-कटक), सुबासिनी जेना (बस्ता), डॉ. रमाकांत भोई (तिर्तोल) और देवीरंजन त्रिपाठी (बांकी) का नाम शामिल है।

पत्र में कहा गया है, "आप बीजू जनता दल के टिकट पर विधायक चुने गए हैं। पार्टी नेतृत्व को जानकारी मिली है कि आपने 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनावों में ऐसा आचरण किया है, जो पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन और बीजू जनता दल पर जताए गए विश्वास का विश्वासघात है। आपने पार्टी द्वारा जारी निर्देशों और 15 मार्च को हुई बीजू जनता दल की विधायक दल की बैठक के निर्णयों का उल्लंघन किया है। आपके कार्यों से बीजू जनता दल के संविधान के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन होता है, जो पार्टी के सामूहिक निर्णयों के प्रति पूर्ण निष्ठा की अपेक्षा करता है। आप ने बीजू जनता दल द्वारा समर्थन प्राप्त नहीं किए गए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। इसका प्रमाण 16 मार्च को पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि को आपके द्वारा चिह्नित मतपत्र का अनिवार्य प्रदर्शन है, जिससे आपके मतदान का तरीका स्पष्ट हो जाता है।"

पत्र में आगे लिखा गया है, "ऐसा आचरण घोर अनुशासनहीनता, पार्टी के विश्वास का उल्लंघन और बीजू जनता दल के अनुशासन के लिए स्पष्ट रूप से हानिकारक गतिविधि है। यह आपकी सदस्यता का स्वैच्छिक त्याग माना जाएगा। यह आपकी निरंतर सदस्यता के साथ स्पष्ट रूप से असंगत है और यह प्रथम दृष्टया दर्शाता है कि आपने उस राजनीतिक दल की सदस्यता का स्वैच्छिक त्याग कर दिया है जिसके टिकट पर आप निर्वाचित हुए थे। अतः नोटिस के जारी होने के तीन दिनों के भीतर उचित उत्तर दें।"

पार्टी ने विधायकों से प्रश्न किया है, "आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई, जिसमें बीजू जनता दल से निलंबन भी शामिल है, क्यों न शुरू की जाए। इस आधार पर उचित कानूनी और संवैधानिक कार्यवाही क्यों न की जाए कि आपके आचरण से आपने बीजू जनता दल की सदस्यता का स्वैच्छिक त्याग कर दिया है।"

इसके अलावा, बीजू जनता दल ने कहा है, "निर्धारित समय सीमा के भीतर यानी 20 मार्च 2026 को शाम 5:00 बजे तक संतोषजनक स्पष्टीकरण न देने की स्थिति में यह माना जाएगा कि आपके पास कोई स्पष्टीकरण देने के लिए नहीं है और पार्टी को एकतरफा कार्रवाई करने का अधिकार होगा।"

Point of View

जो पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है। यह दर्शाता है कि दल के भीतर अनुशासन की कितनी अहमियत है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग क्या है?
क्रॉस वोटिंग का अर्थ है कि कोई विधायक पार्टी के निर्देशों के खिलाफ जाकर किसी अन्य उम्मीदवार को वोट देता है।
बीजेडी ने क्यों नोटिस जारी किया?
बीजेडी ने अपने विधायकों के क्रॉस वोटिंग के आरोप में नोटिस जारी किया है, जो पार्टी अनुशासन का उल्लंघन है।
क्या विधायकों को सजा मिल सकती है?
यदि विधायकों ने उचित उत्तर नहीं दिया तो पार्टी उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है, जिसमें निलंबन भी शामिल हो सकता है।
बीजेडी की क्या प्रतिक्रिया है?
बीजेडी ने कहा है कि यदि विधायकों ने 20 मार्च तक संतोषजनक उत्तर नहीं दिया, तो पार्टी एकतरफा कार्रवाई कर सकती है।
इस मामले का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह मामला पार्टी अनुशासन और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण है।
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