बीजद ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग के आरोप में छह विधायकों को किया निलंबित
सारांश
Key Takeaways
- निलंबन का कारण क्रॉस-वोटिंग है।
- बीजद ने आंतरिक अनुशासन को बनाए रखने की कोशिश की है।
- राज्यसभा चुनाव में कुल 11 विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की।
- निलंबित विधायकों में 6 बीजद के सदस्य हैं।
- यह कार्रवाई पार्टी की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
भुवनेश्वर, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बीजू जनता दल (बीजद) ने शनिवार को अपने छह विधायकों को हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग और अन्य दलीय गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया।
पार्टी के एक आधिकारिक वक्तव्य में बताया गया कि यह कार्रवाई मुख्य सचेतक द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस, विधायकों के उत्तरों की जांच करने के बाद की गई। इसके अलावा, पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के अंतिम निर्णय के आधार पर यह कदम उठाया गया है।
बीजद के प्रमुख नवीन पटनायक द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि विधायकों को क्रॉस-वोटिंग जैसे दलीय गतिविधियों में संलिप्तता के कारण तुरंत निलंबित किया गया है। यह पार्टी के संविधान के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है, जो सामूहिक निर्णयों के पालन को अनिवार्य मानता है।
निलंबित विधायकों में चक्रमणि कन्हार (बालीगुडा), नबाकिशोर मल्लिक (जयदेव), सौविक बिस्वाल (चौद्वार-कटक), सुबासिनी जेना (बस्ता), डॉ. रमाकांत भोई (तिर्तोल) और देवीरंजन त्रिपाठी (बांकी) शामिल हैं।
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में वोट देने के आरोपों के कारण की गई है, जो पार्टी की नीतियों के खिलाफ है।
इससे पहले, 17 मार्च को इन विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके आचरण के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया था।
नोटिस में कहा गया था, “आपको इस नोटिस प्राप्त होने के 3 दिनों के भीतर यह बताना होगा कि आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए, जिसमें बीजू जनता दल से निलंबन भी शामिल है।”
यह महत्वपूर्ण है कि सोमवार को हुए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों में कुल 11 विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, जिनमें से आठ बीजद के थे, जिनमें दो निलंबित विधायक भी शामिल हैं। इस स्थिति के कारण भाजपा समर्थित उम्मीदवार दिलीप राय की जीत हुई।