आमिर खान की तीसरी शादी पर नितेश राणे के 'लव जिहाद' बयान पर वारिस पठान और किशोरी पेडणेकर का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे के उस बयान पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है, जिसमें उन्होंने अभिनेता आमिर खान को उनकी तीसरी शादी के संदर्भ में 'लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर' बताया था। 12 जुलाई को इस बयान के सामने आते ही विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी और राणे के तर्क को सिरे से खारिज कर दिया।
वारिस पठान का तीखा जवाब
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रवक्ता और महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व सदस्य वारिस पठान ने राणे के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'अगर आमिर खान तीन शादी कर रहे हैं तो तुम चार कर लो। कौन रोक रहा है? तुम्हें क्या दिक्कत है?'
पठान ने यह भी रेखांकित किया कि आमिर की शादी में उनकी पहली और दूसरी पत्नी, बेटा, बेटी, दामाद तथा कई उद्योगपति भी शामिल हुए। उन्होंने कहा, 'किसी को कोई दिक्कत नहीं है तो आपको क्या दिक्कत है? उनकी क्षमता है, उन्होंने किया।' उन्होंने 'जिहाद' शब्द के राजनीतिक दुरुपयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग यह शब्द उछाल रहे हैं, उन्हें इसका अर्थ भी शायद नहीं पता।
किशोरी पेडणेकर की प्रतिक्रिया
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता और मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर ने इस मामले में संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आमिर खान की फिल्में देखना या न देखना, यह निर्णय जनता पर छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'वह एक हिंदू लड़की से शादी कर रहे हैं। अगर वह लड़की यह जानते हुए भी शादी कर रही है कि उनकी दो शादियाँ पहले हो चुकी हैं, तो यह उन दोनों का व्यक्तिगत मामला है।'
पेडणेकर ने व्यक्तिगत राय देते हुए यह भी जोड़ा कि उनके अनुसार हिंदू लड़कियों को ऐसा नहीं करना चाहिए, लेकिन साथ ही इसे 'निजी मामला' करार दिया।
सरकार पर सीधा सवाल
नितेश राणे द्वारा आमिर खान को 'लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर' कहे जाने पर किशोरी पेडणेकर ने पलटकर पूछा, 'केंद्र और राज्य दोनों में आपकी सरकार है, तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? जो लड़की शादी कर रही है, उससे पूछिए कि वह शादी क्यों कर रही है।' यह टिप्पणी सत्तारूढ़ दल के भीतर ही इस मुद्दे की राजनीतिक सीमाओं को उजागर करती है।
राहुल गांधी पर भी आई बात
पेडणेकर ने इसी संदर्भ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति कुछ दिनों के लिए बाहर जाता है — चाहे ध्यान के लिए या किसी अन्य काम से — तो उनके पीछे पड़ने की कोई वजह नहीं है। यह टिप्पणी उन्होंने एक व्यापक संदर्भ में की।
विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब आमिर खान की तीसरी शादी की खबरें सुर्खियों में हैं। नितेश राणे के बयान ने इस व्यक्तिगत मामले को राजनीतिक रंग दे दिया। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान सामाजिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं, जबकि समर्थकों का तर्क है कि यह एक वैध सांस्कृतिक बहस है। यह देखना बाकी है कि क्या महाराष्ट्र की राजनीति में यह मामला और गरमाता है या शांत हो जाता है।