एशिया कप 2026: विश्मी गुणरत्ने बोलीं — पिछले 3 साल में श्रीलंका बदली, खिताब बचाने को तैयार
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंकाई महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज़ विश्मी गुणरत्ने ने महिला एशिया कप 2026 से पहले आत्मविश्वास से भरा बयान दिया है — टीम पिछले खिताब की यादों में नहीं जी रही, बल्कि नए सिरे से मैदान में उतरने को तैयार है। 37 वनडे और 59 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव रखने वाली विश्मी ने कहा कि बीते तीन वर्षों में श्रीलंकाई टीम ने जो सामूहिक प्रगति की है, वह इस टूर्नामेंट में उनका सबसे बड़ा हथियार है।
17 साल में डेब्यू, अनुभव ने बनाया परिपक्व
विश्मी ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद महज 17 साल की उम्र में श्रीलंका के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। उन्होंने कहा, 'मैंने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया, जिसने मुझे धैर्य और हालात के हिसाब से ढलना सिखाया। इसने मुझे तेज़ी से आगे बढ़ने, खेल को समझने और हालात के अनुसार खुद को ढालने के लिए प्रेरित किया।' उनके अनुसार, बतौर बल्लेबाज़ यह शुरुआती अनुभव उनके मानसिक दृष्टिकोण को आकार देने में निर्णायक रहा।
2024 की जीत को पीछे छोड़, नई शुरुआत पर नज़र
श्रीलंका ने 2024 में दांबुला में अपने घरेलू दर्शकों के सामने भारत को हराकर एशिया कप ट्रॉफी जीती थी। इस बार टूर्नामेंट दुबई में आयोजित होगा, और श्रीलंका ग्रुप-बी में बांग्लादेश, मेज़बान यूएई और नई टीम इंडोनेशिया के साथ है। विश्मी ने स्पष्ट किया, '2024 में जीतना एक सपना सच होने जैसा था, लेकिन इस टूर्नामेंट में उतरते समय हम उस बात को एक तरफ रखने की कोशिश कर रहे हैं। हम उन्हीं चीज़ों पर टिके रहेंगे, जिनकी हमने टूर्नामेंट के लिए अच्छी तैयारी की है।'
दुबई की परिस्थितियों के लिए विशेष तैयारी
विश्मी ने बताया कि टीम ने तीनों विभागों — बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और फील्डिंग — पर केंद्रित तैयारी की है। उन्होंने कहा, 'दुबई में हालात श्रीलंका जैसे ही होंगे, और हमने फ्लडलाइट्स में अपनी बैटिंग पर भी काम किया है।' टीम का मानना है कि यह परिचित परिस्थितियाँ उनके पक्ष में काम कर सकती हैं।
पाकिस्तान के विरुद्ध शतक — आत्मविश्वास का टर्निंग पॉइंट
विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में विश्मी का प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन जुलाई में हंबनटोटा में पाकिस्तान के विरुद्ध दूसरे वनडे में खेली गई 123 रन की पारी ने उनका हौसला फिर बुलंद किया। उन्होंने कहा, 'उस वनडे शतक ने मुझे अपने खेल में काफी आत्मविश्वास दिलाया। इससे मुझे विश्वास हुआ कि मैं लंबी पारी खेलकर अपनी टीम के लिए योगदान दे सकती हूँ और दबाव के साथ स्थिति को अच्छी तरह संभाल सकती हूँ।'
कप्तान अट्टूपट्टू की छत्रछाया में निखरा खेल
विश्मी का शुरुआती करियर कप्तान चामरी अट्टूपट्टू के साथ ओपनिंग करते हुए संवरा। उन्होंने कहा, 'मेरे जैसे युवा खिलाड़ी के लिए उनके साथ ओपनिंग करना एक सपने जैसा था। वह हमेशा मुझे खेल को समझने और स्थिति को अच्छी तरह संभालने के लिए कहती हैं।' अब टीम में उनकी भूमिका बदली है, लेकिन उनका कहना है कि टॉप ऑर्डर पूरी तरह फॉर्म में है। उन्होंने जोड़ा, 'पिछले तीन वर्षों में हमारी टीम में काफी सुधार हुआ है — नई खिलाड़ी आ रही हैं, अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और टीम की मदद कर रही हैं। इसीलिए हम इसे टीम वर्क वाला खेल कहते हैं।' दुबई में एक और सफल अभियान न केवल ट्रॉफी वापस लाएगा, बल्कि श्रीलंका में महिला क्रिकेट के ज़मीनी विकास को भी नई गति देगा।