विमेंस एशिया कप 2026: अंजुम चोपड़ा बोलीं — खिताब जीतना पहली प्राथमिकता, चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी भी ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय कप्तान अंजुम चोपड़ा ने स्पष्ट किया है कि आगामी विमेंस एशिया कप में हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम की पहली प्राथमिकता वह खिताब जीतना होनी चाहिए जो उनसे 2024 के फाइनल में श्रीलंका के हाथों छिन गया था। साथ ही, उनका मानना है कि यह टूर्नामेंट फरवरी 2027 में श्रीलंका में होने वाली आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी का एक अहम पड़ाव भी है।
मुख्य घटनाक्रम
सात बार की एशिया कप विजेता भारतीय टीम 30 अगस्त को थाईलैंड के खिलाफ अपने ग्रुप-ए अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद टीम हांगकांग चीन और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेलने वाली इस टीम का ढाँचा मूलतः टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दस्ते जैसा ही है, हालाँकि यास्तिका भाटिया को शामिल नहीं किया गया है और जेमिमा रोड्रिग्स तथा श्रेयांका पाटिल चोट के कारण बाहर हैं।
अंजुम चोपड़ा का विश्लेषण
अंजुम ने एक खास बातचीत में कहा, 'जाहिर है, सोच खिताब जीतने की ही होगी, क्योंकि पिछली बार वे इसे जीतने का मौका चूक गए थे। श्रीलंका ने पिछले फाइनल में बहुत अच्छा खेला था — असल में, उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि चैंपियंस ट्रॉफी को ध्यान में रखते हुए टीम को अपना संयोजन समझना होगा और यह देखना होगा कि इंग्लैंड में हुए वर्ल्ड कप के बाद से सेटअप में क्या बदलाव हुए हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी, 'आपको अपनी बेहतरीन स्किल के साथ खेलना होगा और किसी भी विरोधी टीम को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह एक अंतरराष्ट्रीय मैच है, इसलिए खिलाड़ियों को इस मौके का इस्तेमाल सिर्फ जीतने के लिए नहीं, बल्कि अपनी तैयारी को परखने और यह पहचानने के लिए करना चाहिए कि किस चीज पर काम करने की जरूरत है।'
खिलाड़ियों के चयन पर सवाल
अंजुम ने भारती फुलमाली और रेणुका सिंह ठाकुर का नाम लेते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी हुई है। उनके अनुसार, 'यह उन खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी है जिन्हें भारतीय टीम ने लगातार मौके नहीं दिए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिए ऐसे खिलाड़ी को चुना गया है जो टी20 सर्किट में कहीं भी नहीं है, जो हैरानी की बात है।
पूर्व कप्तान ने यह भी रेखांकित किया कि एशियन गेम्स और एशिया कप नए खिलाड़ियों को परखने के लिए सही मंच थे, लेकिन इस अवसर का पूरा उपयोग नहीं हुआ। उन्होंने कहा, 'यह प्रक्रिया इसी एशिया कप से शुरू हो जानी चाहिए थी।'
इंडिया 'ए' और चयन प्रक्रिया
अंजुम ने वर्तमान प्रशासन से आग्रह किया कि इंडिया 'ए' के मुकाबलों को खिलाड़ियों की फॉर्म और फिटनेस परखने के कड़े पैमाने के रूप में इस्तेमाल किया जाए, ठीक वैसे जैसा ऑस्ट्रेलिया करता है। उन्होंने उदाहरण दिया कि एलिसा हीली और ताहलिया मैकग्राथ ने इंडिया 'ए' दौरे में अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित की थी।
उन्होंने क्रांति गौड़ और श्री चरणी जैसे उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि मौका भुनाना हमेशा खिलाड़ी पर निर्भर करता है, लेकिन प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वह पर्याप्त और निरंतर अवसर दे।
आगे क्या
अंजुम के अनुसार, चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारत के पास कम से कम 10 अंतरराष्ट्रीय मैच हैं — जिनमें साउथ अफ्रीका का दौरा और विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'इस लाइनअप में कोई बड़ा बदलाव न होने के कारण, मुझे पक्का नहीं पता कि टीम मैनेजमेंट किस सुधार की उम्मीद कर रहा है।' हालाँकि उन्होंने भरोसा जताया कि हरमनप्रीत के नेतृत्व और स्मृति मंधाना व दीप्ति शर्मा के हालिया शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत 30 अगस्त को मजबूत शुरुआत कर सकता है।