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महिला टी20 विश्व कप 2026: अंजुम चोपड़ा बोलीं — वनडे चैंपियन भारत का आत्मविश्वास सबसे बड़ा हथियार

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महिला टी20 विश्व कप 2026: अंजुम चोपड़ा बोलीं — वनडे चैंपियन भारत का आत्मविश्वास सबसे बड़ा हथियार

सारांश

वनडे विश्व कप 2025 की चैंपियन भारतीय महिला टीम टी20 विश्व कप 2026 में आत्मविश्वास के साथ उतर रही है — लेकिन पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा की चेतावनी है: 12 टीमों के इस टूर्नामेंट में एक भी चूक अभियान खत्म कर सकती है।

मुख्य बातें

पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने कहा — वनडे विश्व कप 2025 का खिताब भारत को मानसिक बढ़त देता है।
महिला टी20 विश्व कप 2026 में इस बार 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं; प्रत्येक ग्रुप से केवल 2 टीमें सेमीफाइनल में।
गत चैंपियन न्यूजीलैंड ने 2024 में 10 मैच हारने के बाद भी खिताब जीता — पिछला रिकॉर्ड निर्णायक नहीं।
महिला टी20 में स्कोर 150-160 से बढ़कर अब 200 रन तक पहुँचने लगे हैं।
WPL से श्रेयंका पाटिल, एन श्रीचरणी, भारती फुलमाली और नंदनी शर्मा जैसी नई प्रतिभाएँ उभरी हैं।
भारत रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप अभियान शुरू करेगा।

पूर्व भारतीय महिला कप्तान अंजुम चोपड़ा ने 12 जून 2026 को कहा कि महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत वनडे विश्व कप 2025 का खिताब जीतकर हासिल किया गया आत्मविश्वास है, जो उसे बाकी 11 प्रतिद्वंद्वी टीमों से अलग करता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस टूर्नामेंट में कोई भी टीम निर्विवाद रूप से पसंदीदा नहीं है और किसी को भी हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

वनडे खिताब से मिली मानसिक बढ़त

अंजुम चोपड़ा ने कहा, 'भारतीय टीम 2024 के टी20 विश्व कप अभियान को पीछे छोड़ चुकी है और अब उसका ध्यान पूरी तरह वर्तमान पर है। सबसे बड़ी बात यह है कि भारतीय खिलाड़ी विश्व चैंपियन होने के आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगी — यह मानसिक बढ़त किसी भी बड़े टूर्नामेंट में बेहद अहम साबित हो सकती है।' उन्होंने जोड़ा कि भारत ने टी20 विश्व कप में 2018 का सेमीफाइनल और 2020 का फाइनल खेला है, लेकिन अभी भी टी20 प्रारूप में अपनी छाप और मजबूत करने की जरूरत है।

न्यूजीलैंड का उदाहरण — पिछला रिकॉर्ड निर्णायक नहीं

पूर्व कप्तान ने गत चैंपियन न्यूजीलैंड का उदाहरण देते हुए बताया कि 2024 टी20 विश्व कप से पहले वह टीम लगभग दस मैच लगातार हार चुकी थी, फिर भी उसने टूर्नामेंट में शानदार वापसी कर खिताब जीत लिया। उनके अनुसार, 'विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में पिछला रिकॉर्ड हमेशा निर्णायक नहीं होता — मैच के दिन वही टीम जीतती है जो बेहतर क्रिकेट खेलती है।' ऑस्ट्रेलिया के पास अनुभव है और वह सातवाँ खिताब जीतने की कोशिश करेगी, जबकि दक्षिण अफ्रीका भी बेहद मजबूत दिखती है।

ग्रुप चरण में एक भी चूक पड़ेगी भारी

अंजुम ने भारतीय टीम को सतर्क करते हुए कहा कि इस टूर्नामेंट में गलती की गुंजाइश लगभग नहीं के बराबर है। प्रत्येक ग्रुप से केवल दो टीमें ही सेमीफाइनल में पहुँचेंगी, इसलिए ग्रुप चरण के हर मुकाबले के अंक बेहद महत्वपूर्ण हैं। किसी भी मैच में लापरवाही पूरे अभियान को पटरी से उतार सकती है। रविवार को भारत अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत पाकिस्तान के खिलाफ करेगा।

महिला क्रिकेट का बदलता स्वरूप

महिला टी20 क्रिकेट के तेजी से बदलते स्वरूप पर चोपड़ा ने कहा, 'कुछ साल पहले तक 150-160 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी माना जाता था, लेकिन अब 200 रन का आँकड़ा लगातार देखने को मिल रहा है।' उनके अनुसार बल्लेबाज पहले से कहीं अधिक आक्रामक हैं और टीमों की रणनीति भी बदल चुकी है — इसी वजह से संभावित विजेता का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है।

WPL से उभरी नई प्रतिभाएँ, लेकिन अंतरराष्ट्रीय चुनौती अलग

अंजुम ने महिला प्रीमियर लीग (WPL) की सराहना करते हुए कहा कि इसने श्रेयंका पाटिल, एन श्रीचरणी, भारती फुलमाली और नंदनी शर्मा जैसी नई प्रतिभाओं को मंच दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि WPL में अच्छा प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होना दो अलग-अलग बातें हैं। युवा खिलाड़ियों को खुद को स्थापित करने के लिए धैर्य और पर्याप्त समय दिए जाने की जरूरत है। अंत में चोपड़ा ने कहा कि यदि भारतीय खिलाड़ी दबाव के क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें, तो पहली बार महिला टी20 विश्व कप ट्रॉफी उठाने का सपना साकार हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन टी20 प्रारूप में भारत अभी भी खिताब का इंतजार कर रहा है। 2020 के फाइनल में हार और 2024 के निराशाजनक अभियान के बाद, सवाल यह है कि क्या मानसिक बढ़त अकेले टी20 की तकनीकी कमियों की भरपाई कर सकती है। 200 रन के नए मानक के युग में भारत की बल्लेबाजी गहराई और पावरप्ले आक्रामकता की असली परीक्षा होगी — WPL से उभरी प्रतिभाएँ उत्साहजनक हैं, पर अंतरराष्ट्रीय दबाव में उनकी परिपक्वता अभी साबित होनी बाकी है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत की ताकत क्या है?
अंजुम चोपड़ा के अनुसार, वनडे विश्व कप 2025 का खिताब जीतकर हासिल किया गया आत्मविश्वास भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यह मानसिक बढ़त उसे बाकी टीमों से अलग करती है, हालांकि टी20 प्रारूप में अपनी छाप और मजबूत करना अभी बाकी है।
महिला टी20 विश्व कप 2026 में कितनी टीमें भाग ले रही हैं?
इस बार महिला टी20 विश्व कप में रिकॉर्ड 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रत्येक ग्रुप से केवल दो टीमें ही सेमीफाइनल में पहुँचेंगी, इसलिए ग्रुप चरण में हर मैच निर्णायक है।
भारतीय महिला टीम का पहला मैच किसके खिलाफ है?
भारतीय महिला टीम रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ अपने टी20 विश्व कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे प्रतीक्षित मैचों में से एक माना जा रहा है।
न्यूजीलैंड का उदाहरण देकर अंजुम चोपड़ा क्या कहना चाहती हैं?
अंजुम चोपड़ा ने बताया कि 2024 टी20 विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड लगभग दस मैच हार चुकी थी, फिर भी उसने खिताब जीता। इससे यह साबित होता है कि विश्व कप में पिछला रिकॉर्ड हमेशा निर्णायक नहीं होता और किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
महिला प्रीमियर लीग (WPL) का भारतीय क्रिकेट पर क्या असर पड़ा है?
अंजुम चोपड़ा के अनुसार WPL ने श्रेयंका पाटिल, एन श्रीचरणी, भारती फुलमाली और नंदनी शर्मा जैसी नई प्रतिभाएँ दी हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि WPL में अच्छा प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होना दो अलग-अलग बातें हैं — युवा खिलाड़ियों को धैर्य और समय की जरूरत है।
राष्ट्र प्रेस
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