टी20 विश्व कप 2026: अंजुम चोपड़ा बोलीं — बल्लेबाजों को उठानी होगी जिम्मेदारी, गेंदबाजी अभी प्रक्रिया में
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने 12 जून 2026 को कहा कि टी20 विश्व कप 2026 में भारत की सफलता काफी हद तक बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। उनके अनुसार टीम की गेंदबाजी अभी विकास की प्रक्रिया में है, इसलिए बल्लेबाजी विभाग पर दबाव और भी बढ़ जाता है।
बल्लेबाजी पर दांव
चोपड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मेरे हिसाब से, इस भारतीय टीम का नेतृत्व बल्लेबाजी करती है। बल्लेबाजों के लड़खड़ाने की कोई गुंजाइश नहीं है। हम टीम में पाँच विशेषज्ञ बल्लेबाज खिला रहे हैं — ऐसे में असफल होने की कोई गुंजाइश नहीं है।' उनका यह बयान टीम चयन की रणनीति पर सीधी टिप्पणी है।
यास्तिका भाटिया का स्ट्राइक रेट और नंबर तीन की चुनौती
इंग्लैंड के खिलाफ हाल में संपन्न टी20 सीरीज में यास्तिका भाटिया ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक 119 रन बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 126.79 टॉप पाँच स्कोरर में सबसे कम रहा।
चोपड़ा ने इस पर कहा कि भारत के पास तीसरे नंबर के लिए विकल्प सीमित हैं। उन्होंने भारती फुलमाली का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें मौका दिया जाना बेहतर होता, परंतु दक्षिण अफ्रीका सीरीज और इंग्लैंड दौरे में वह अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरीं। उनके अनुसार, टॉप ऑर्डर को मजबूत करने की कोशिश में ही यास्तिका को नंबर तीन पर रखा गया।
यास्तिका के धीमे स्ट्राइक रेट पर चोपड़ा ने सहानुभूतिपूर्ण रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि यास्तिका बाएं घुटने की एसीएल सर्जरी के बाद वापसी कर रही हैं, जिसके कारण वह भारत के वनडे विश्व कप विजेता अभियान से बाहर रही थीं। 'टाइमिंग खोना किसी भी बल्लेबाज के साथ हो सकता है — उनके साथ सब्र रखना होगा,' उन्होंने कहा।
दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष के बल्लेबाजी क्रम पर राय
टॉन्टन में दीप्ति शर्मा को ऋचा घोष से पहले प्रमोट किए जाने के फैसले पर चोपड़ा ने कहा कि यह केवल दीप्ति को समय देने का प्रयोग था। हालाँकि, उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में अत्यधिक लचीलेपन पर आपत्ति जताई — 'हर बल्लेबाज को पता होना चाहिए कि वे कहाँ खेल रहे हैं।' उनके अनुसार ऋचा को ज़रूरत पड़ने पर ऊपर भेजा जा सकता है।
गेंदबाजी और फील्डिंग पर जोर
पूर्व कप्तान ने कहा कि गेंदबाजों को विरोधी विकेट लेने के तरीके खोजने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। फील्डिंग को भी उन्होंने उतना ही अहम बताया — 'इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप नंबर एक या दसवीं रैंक वाली टीम के साथ खेल रहे हैं।' बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण — तीनों विभागों को बराबर गंभीरता से लेने की जरूरत है।
पाकिस्तान के खिलाफ पहले मुकाबले की तैयारी
टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला टीम का पहला मुकाबला रविवार को बर्मिंघम में पाकिस्तान से है। चोपड़ा ने कहा कि प्लेइंग इलेवन पिच की प्रकृति पर निर्भर करेगी — स्पिन-अनुकूल पिच होने पर एक अतिरिक्त स्पिनर शामिल हो सकता है, जबकि बल्लेबाजी-अनुकूल पिच पर तीन तेज गेंदबाज खिलाए जा सकते हैं। यह मुकाबला भारत के विश्व कप अभियान की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।