29 जून 2026
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महिला टी20 विश्व कप 2026: ग्रुप स्टेज में भारत के बाहर होने पर अंजुम चोपड़ा ने उठाए बैटिंग क्रम और पाँचवें गेंदबाज़ पर सवाल

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महिला टी20 विश्व कप 2026: ग्रुप स्टेज में भारत के बाहर होने पर अंजुम चोपड़ा ने उठाए बैटिंग क्रम और पाँचवें गेंदबाज़ पर सवाल

सारांश

महिला टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप स्टेज से ही बाहर होने के बाद पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने बैटिंग क्रम की अस्थिरता, ऋचा घोष को देर से भेजने और पाँचवें गेंदबाज़ की पुरानी समस्या पर सवाल उठाए — लेकिन हरमनप्रीत को अभी भी सबसे बेहतर कप्तान बताया।

मुख्य बातें

29 जून 2026 को ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद भारतीय महिला टीम महिला टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई।
पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने कहा कि 170 रन का स्कोर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले के लिए अपर्याप्त था; कम से कम 180-200 रन चाहिए थे।
ऋचा घोष को 17वें ओवर तक न भेजने और उन्हें पूरे टूर्नामेंट में नंबर 4 पर न खिलाने को बड़ी रणनीतिक चूक बताया गया।
यास्तिका भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स की बैटिंग पोज़ीशन में बार-बार बदलाव को टीम की निरंतरता की कमी का प्रमुख कारण बताया।
पाँचवें गेंदबाज़ की समस्या इस टूर्नामेंट में भी अनसुलझी रही।
अंजुम ने हरमनप्रीत कौर को अभी भी भारत की सर्वश्रेष्ठ कप्तान बताया और कहा कि सुधार की प्रक्रिया अगले दिन से ही शुरू होनी चाहिए।

भारत की पूर्व महिला क्रिकेट कप्तान अंजुम चोपड़ा ने महिला टी20 विश्व कप 2026 से भारतीय टीम के ग्रुप स्टेज में ही बाहर होने के बाद टीम प्रबंधन के कई अहम फैसलों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रविवार, 29 जून 2026 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के साथ भारत का टूर्नामेंट सफर समाप्त हो गया। हालाँकि, अंजुम ने कप्तान हरमनप्रीत कौर का बचाव करते हुए उन्हें अभी भी भारत की सर्वश्रेष्ठ कप्तानी विकल्प बताया।

स्कोर की कमी और गेंदबाज़ी का दबाव

अंजुम चोपड़ा ने स्पष्ट किया कि 170 रन का स्कोर ऑस्ट्रेलिया जैसी मज़बूत टीम के खिलाफ विश्व कप नॉकआउट मुकाबले के लिए पर्याप्त नहीं था। उन्होंने कहा, "170 एक अच्छा टोटल है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ असल में वर्ल्ड कप नॉकआउट में यह थोड़ा कम था। ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को रोकने के लिए आपको अतिरिक्त रन बनाने होते हैं, ताकि आपके गेंदबाज़ को कुछ सहारा मिल सके।" उनके अनुसार, कम से कम 180 से 200 रन का लक्ष्य होना चाहिए था।

ऋचा घोष को देर से भेजने पर सवाल

अंजुम ने विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋचा घोष को 17वें ओवर तक बैटिंग के लिए न भेजने को एक बड़ी रणनीतिक चूक बताया। उन्होंने कहा, "ऋचा को एक ओवर देर से भेजने से आपको फिनिशिंग किक नहीं मिली।" साथ ही उन्होंने पाँचवें गेंदबाज़ की समस्या को भी रेखांकित किया, जो उनके अनुसार इस पूरे टूर्नामेंट में टीम के लिए एक अनसुलझा मुद्दा बना रहा।

बैटिंग क्रम में निरंतरता की कमी

अंजुम ने टीम के बैटिंग क्रम में लगातार बदलाव को भारत की कमज़ोरी का एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने सवाल उठाया, "अगर यास्तिका भाटिया आपकी नंबर 3 बैटर थीं, तो उन्होंने इस मैच में उस पोज़ीशन पर बैटिंग क्यों नहीं की? अगर जेमिमा रोड्रिग्स इंग्लैंड सीरीज़ में नंबर 3 पर खेल रही थीं, तो उन्होंने वर्ल्ड कप में ऐसा क्यों नहीं किया?" उनका मानना है कि हरमनप्रीत कौर को नंबर 3 और ऋचा घोष को नंबर 4 पर खेलना चाहिए था। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश वाले मैच के अलावा, ऋचा ने पूरे टूर्नामेंट में नंबर 4 पर बल्लेबाज़ी नहीं की।"

टी20 अप्रोच और रन-रेट की चुनौती

अंजुम ने भारतीय बल्लेबाज़ों के आत्मविश्वास और आक्रामकता पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 7 रन प्रति ओवर की दर से खेलकर आप मैच नहीं जीत सकते — आपको 9 रन प्रति ओवर की रफ्तार चाहिए।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि गेंदबाज़ी भारतीय टीम की परंपरागत कमज़ोरी रही है, इसलिए बल्लेबाज़ों को उस असर के साथ खेलना होगा जिसकी टीम को ज़रूरत है। यह ऐसे समय में आया है जब महिला प्रीमियर लीग (WPL) में खिलाड़ी आक्रामक क्रिकेट खेलती हैं, लेकिन राष्ट्रीय टीम में लौटने पर वही आक्रामकता देखने को नहीं मिलती।

हरमनप्रीत का बचाव और आगे की राह

आलोचनाओं के बावजूद, अंजुम ने हरमनप्रीत कौर की कप्तानी का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "मुझे अब भी लगता है कि भारत को लीड करने के लिए हरमनप्रीत सबसे अच्छी कप्तान हैं। इस समय कोई और खिलाड़ी कप्तानी के लिए तैयार नहीं है।" उनके अनुसार, कप्तानी से लेकर बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी तक सुधार की एक लंबी सूची है, जिस पर काम अगले ही दिन से शुरू होना चाहिए। गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा बड़ा टूर्नामेंट है जिसमें भारतीय महिला टीम शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई है, जो चयन और रणनीति दोनों पर गहन समीक्षा की माँग करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कप्तान के विकल्प की अनुपस्थिति खुद एक गहरी संरचनात्मक समस्या की ओर इशारा करती है। जब तक BCCI महिला क्रिकेट में भूमिका-आधारित चयन और दीर्घकालिक बैटिंग क्रम को प्राथमिकता नहीं देती, ये समीक्षाएँ महज औपचारिकता बनकर रह जाएंगी।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला टी20 विश्व कप 2026 से भारत कैसे बाहर हुआ?
29 जून 2026 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के साथ भारतीय महिला टीम ग्रुप स्टेज में ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई। भारत 170 रन का स्कोर बना सका, जो ऑस्ट्रेलिया जैसी मज़बूत टीम के खिलाफ पर्याप्त नहीं था।
अंजुम चोपड़ा ने भारतीय टीम के किन फैसलों पर सवाल उठाए?
अंजुम चोपड़ा ने तीन मुख्य मुद्दे उठाए — बैटिंग क्रम में लगातार बदलाव, ऋचा घोष को 17वें ओवर तक न भेजना, और पाँचवें गेंदबाज़ की पुरानी अनसुलझी समस्या। उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 7 रन प्रति ओवर की दर से जीत नहीं मिल सकती, 9 रन प्रति ओवर की ज़रूरत थी।
अंजुम चोपड़ा ने हरमनप्रीत कौर की कप्तानी के बारे में क्या कहा?
अंजुम ने हरमनप्रीत कौर का बचाव करते हुए कहा कि वह अभी भी भारत की सबसे अच्छी कप्तान हैं और इस समय कोई अन्य खिलाड़ी कप्तानी के लिए तैयार नहीं है। हालाँकि, उन्होंने माना कि कप्तानी, बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी — तीनों क्षेत्रों में सुधार की ज़रूरत है।
ऋचा घोष को बैटिंग क्रम में कहाँ होना चाहिए था?
अंजुम चोपड़ा के अनुसार, ऋचा घोष को नंबर 4 पर नियमित रूप से खेलना चाहिए था। बांग्लादेश के खिलाफ मैच को छोड़कर, ऋचा ने पूरे टूर्नामेंट में उस पोज़ीशन पर बल्लेबाज़ी नहीं की, जिससे टीम को फिनिशिंग किक नहीं मिल सकी।
भारतीय महिला टीम के लिए आगे क्या होना चाहिए?
अंजुम चोपड़ा ने कहा कि सुधार की प्रक्रिया अगले दिन से ही शुरू होनी चाहिए। उनके अनुसार, टी20 फॉर्मेट के लिए सही अप्रोच, बैटिंग क्रम में स्थिरता और पाँचवें गेंदबाज़ की पहचान — ये तीनों सबसे अहम फोकस क्षेत्र हैं।
राष्ट्र प्रेस
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