संसद बाधित करना विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं: टीएमसी के पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने 13 अगस्त को विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाना केवल सरकार की नहीं, बल्कि विपक्ष की भी समान जिम्मेदारी है। कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में दत्ता ने विपक्ष के संसद परिसर में प्रदर्शन को 'नौटंकी और तमाशा' करार दिया और करदाताओं के धन की बर्बादी पर चिंता जताई।
विपक्ष के रवैये पर सीधा प्रहार
रिजु दत्ता ने कहा कि सदन सरकार के साथ-साथ विपक्ष का भी है, इसलिए कार्यवाही चलाने की जिम्मेदारी दोनों पक्षों पर बराबर है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब देने की माँग कर रहा था, लेकिन जब गृह मंत्री सदन में उपस्थित होकर सवालों का जवाब देने को तैयार हुए, तो विपक्ष उन्हें सुनने से मुकर गया।
दत्ता ने कहा कि संसद के एक दिन के संचालन पर करदाताओं के करीब ₹9 करोड़ खर्च होते हैं। उनके अनुसार, विपक्षी नेता सदन के भीतर चर्चा करने के बजाय संसद परिसर में प्रदर्शन कर जनता के पैसे की बर्बादी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपने मुद्दे उठाने और सरकार से जवाब माँगने का पूरा अधिकार है, किंतु सदन की कार्यवाही को लगातार बाधित करना किसी समस्या का समाधान नहीं है।
अभिषेक बनर्जी की अमेरिका यात्रा पर सवाल
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट से मिली अमेरिका यात्रा की अनुमति पर रिजु दत्ता ने कहा कि अदालत के फैसले पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। हालाँकि, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एक ओर ममता बनर्जी लगातार सड़कों पर उतरकर राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं, वहीं अभिषेक बनर्जी का विदेश जाना स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े करता है।
दत्ता ने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी को यात्रा की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गई है — उन्हें अपना डिप्लोमेटिक पासपोर्ट जमा करना होगा और वापसी टिकट सहित पूरी यात्रा का विवरण देना होगा। उन्होंने मेहुल चोकसी और विजय माल्या का उदाहरण देते हुए कहा कि ये दोनों भी अदालत की अनुमति लेकर विदेश गए थे और वापस नहीं लौटे। दत्ता ने कहा कि यदि अभिषेक बनर्जी वापस लौटते हैं तो कोई प्रश्न नहीं, लेकिन यदि नहीं लौटे तो जिम्मेदारी का सवाल अवश्य उठेगा।
टीएमसी के संगठनात्मक विवाद पर बड़ा दावा
रिजु दत्ता ने तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर भी बड़ा दावा किया। उनके अनुसार, वर्तमान में ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और उनका गुट ही वास्तविक TMC का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि 80 में से 65 विधायक, करीब 90 फीसदी पार्षद और राज्य के विभिन्न पदों पर रहे अनेक नेता बंद्योपाध्याय के साथ हैं।
दत्ता ने दावा किया कि पार्टी के चुनाव चिह्न पर दावे के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत बंद्योपाध्याय के पक्ष में है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसी महीने ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और उनके गुट को TMC का चुनाव चिह्न मिल सकता है, और पार्टी के 20 सांसदों को उनका योग्य सम्मान मिलना चाहिए।
लोकसभा स्पीकर से मुलाकात पर प्रतिक्रिया
अभिषेक बनर्जी की लोकसभा स्पीकर से मुलाकात के बारे में दत्ता ने कहा कि यह उनका संवैधानिक अधिकार है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन से जुड़े मामलों में स्पीकर का निर्णय अंतिम और महत्वपूर्ण होता है। यह ऐसे समय में आया है जब TMC के भीतर गुटबाजी और संगठनात्मक संघर्ष खुलकर सामने आ चुका है।