रिजु दत्ता का बड़ा बयान: ममता नहीं कर पाईं, सुवेंदु अधिकारी कर रहे हैं वह काम
सारांश
मुख्य बातें
निष्कासित तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता रिजु दत्ता ने 27 अगस्त को कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो काम उनकी सरकार नहीं कर पाई, वह काम अब सुवेंदु अधिकारी कर रहे हैं। दत्ता ने 28 अगस्त को प्रस्तावित छात्र रैली को लेकर ममता बनर्जी की आलोचना की और सुवेंदु अधिकारी के वंदे मातरम कार्यक्रम की सराहना की।
अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर नगर निगम की कार्रवाई
रिजु दत्ता ने बताया कि कोलकाता नगर निगम (KMC) में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को लेकर शिकायत दर्ज हुई है, जिसके बाद नगर निगम की टीम कार्रवाई करने पहुँची। उन्होंने कहा, 'अगर अभिषेक बनर्जी को लगता है कि वही प्रदेश की सरकार चला रहे हैं, तो वह गलत सोच रखते हैं।' दत्ता ने स्पष्ट किया कि शिकायत होने पर जाँच स्वाभाविक है और कानून अपने हिसाब से चलेगा।
गौरतलब है कि गुरुवार को कैमैक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय से होर्डिंग हटाने पहुँची नगर निगम टीम और कोलकाता पुलिस के बीच तीखी बहस हो गई थी, जिसने राजनीतिक विवाद को और गहरा कर दिया।
छात्र रैली पर रिजु दत्ता का आरोप
रिजु दत्ता ने 28 अगस्त की छात्र रैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने अपने कार्यकाल में तृणमूल छात्र परिषद के चुनाव नहीं होने दिए, जिससे यह संगठन कमज़ोर हो गया। उनके अनुसार, छात्र नेताओं को प्रमोटर और तोलाबाज (जबरन वसूली करने वाला) बनाया गया। दत्ता ने दावा किया कि ममता बनर्जी के कार्यक्रम में जो छात्र नेता हैं, वे पेशे से प्रमोटर, बिल्डर और कई बच्चों के पिता हैं।
वंदे मातरम कार्यक्रम की सराहना
सुवेंदु अधिकारी के वंदे मातरम कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए रिजु दत्ता ने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री को साधुवाद देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय में बेहतर शिक्षा होती है, यह सब मानते हैं — लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि माओवादियों को पूरी स्वतंत्रता मिल जाए या विश्वविद्यालय परिसर में 'कश्मीर माँगे आज़ादी' जैसे नारे लगें।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। रिजु दत्ता का TMC से निष्कासन और उनके बयान पार्टी के भीतर असंतोष की एक और कड़ी माने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में छात्र रैली और नगर निगम विवाद दोनों मुद्दे राज्य की राजनीति को और गर्म कर सकते हैं।