रिजू दत्ता का बयान: बिना सबूत घर के बाहर प्रदर्शन गलत, शिकायत हो तो FIR दर्ज कराएं
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित प्रवक्ता रिजू दत्ता ने 5 जून 2026 को स्वर्णकमल साहा के घर के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में हार-जीत होती रहती है और बिना सबूत के किसी के घर के बाहर धरना देना सर्वथा अनुचित है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की राजनीतिक हिंसा और विरोध प्रदर्शनों को लेकर तनाव बना हुआ है।
रिजू दत्ता का मुख्य बयान
रिजू दत्ता ने कहा, 'कोई भी हार सकता है और कोई भी जीत सकता है। यह कोई बड़ी बात नहीं है। अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रियंका टिबरेवाल या अन्य लोगों को कोई शिकायत है तो उन्हें एंटाली पुलिस स्टेशन में जाकर एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। बिना सबूत के घर के बाहर प्रदर्शन करना गलत है।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्षी विधायकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सत्ताधारी भाजपा और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की जिम्मेदारी है, क्योंकि उन्हें भी जनता का जनादेश मिला है। गौरतलब है कि जो घटनाएँ हुई हैं, उन्हें पूरे बंगाल ने देखा है।
TMC की वर्किंग कमेटी बैठक के फैसले
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी की वर्किंग कमेटी बैठक के निर्णयों की जानकारी दी। बैठक में तय हुआ कि अभिषेक बनर्जी राष्ट्रीय महासचिव पद पर बने रहेंगे। उनकी सहायता के लिए डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन को राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
पश्चिम बंगाल में सुब्रत बख्शी के स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। TMC प्रमुख ममता बनर्जी अन्य राज्यों में पार्टी कमेटियों के गठन के लिए सुझाव देंगी।
बैठक में उपस्थिति और विस्थापितों की मदद
TMC विधायक कुणाल घोष ने बताया कि बैठक में लगभग 99 प्रतिशत सदस्य उपस्थित थे — कुछ आमने-सामने, जबकि दिल्ली और अन्य राज्यों से कई सदस्य वर्चुअली जुड़े।
कुणाल घोष ने यह भी जानकारी दी कि चुनाव के दौरान जिन लोगों को उनके घरों से निकाला गया या झूठे मामलों में गिरफ्तार किया गया, वे दस्तावेजों के साथ TMC की शाखा से संपर्क करें। पार्टी पूरे मामले को अपने खर्च पर कानूनी तरीके से लड़ेगी।
जावेद खान पर आरोप
कल्याण बनर्जी ने जावेद खान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने उन्हें पहले ही बताया था कि जावेद खान कुछ लोगों को भेजेंगे जिनके घर तोड़े जाएंगे। कथित तौर पर जब वे आए, तो उन्होंने घर तोड़ने का नोटिस दिया। यह आरोप राज्य में सत्ता-परिवर्तन के बाद उभरे राजनीतिक टकराव की व्यापक तस्वीर का हिस्सा हैं।
आगे क्या
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की स्थिति को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। TMC की नई संगठनात्मक संरचना और विस्थापित समर्थकों को कानूनी सहायता का वादा यह संकेत देता है कि पार्टी विपक्ष की भूमिका में खुद को नए सिरे से स्थापित करने की कोशिश में है।