भारत पर्व 2026: लातविया और जमैका में भारतीय उच्चायोगों ने मनाया 80वाँ स्वतंत्रता दिवस, 'हर घर तिरंगा' की गूँज
सारांश
मुख्य बातें
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगाँठ के अवसर पर लातविया की राजधानी रिगा और जमैका की राजधानी किंग्स्टन में स्थित भारतीय उच्चायोगों ने भारत पर्व के अंतर्गत विशेष सांस्कृतिक समारोहों का आयोजन किया। हर घर तिरंगा अभियान की भावना को विदेशी धरती पर जीवंत करते हुए इन आयोजनों में प्रवासी भारतीय समुदाय, स्थानीय नागरिक और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए।
जमैका में तिरंगा और 'वंदे मातरम' की गूँज
किंग्स्टन स्थित भारतीय उच्चायोग परिसर में जमैका में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों और भारत के मित्रों ने उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ तिरंगा फहराया। इस अवसर पर राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन किया गया, जिसने समारोह को भावपूर्ण बना दिया।
उच्चायोग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'जमैका में भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों और भारत के मित्रों ने उच्चायोग परिसर में उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ तिरंगा फहराया और राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया।' इस आयोजन ने भारत की स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश विदेशी धरती पर प्रसारित किया।
रिगा में ओडिसी नृत्य और मधुबनी कार्यशाला
12 अगस्त 2026 को रिगा स्थित भारतीय दूतावास में भारतीय और लातवियाई बच्चों के लिए एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहीं श्रेया महापात्र, जिन्होंने अपनी ओडिसी नृत्य प्रस्तुति से लातवियाई बच्चों को भारत की समृद्ध शास्त्रीय नृत्य परंपरा से परिचित कराया।
इसके अतिरिक्त, मधुबनी पेंटिंग पर आधारित एक इंटरैक्टिव कार्यशाला का भी आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों और वयस्कों दोनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला के बाद सभी बच्चों को तिरंगे के सम्मान और उससे जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों से अवगत कराया गया। अंत में बच्चों ने उच्चायोग के प्रांगण में देशभक्ति गीत गाकर वातावरण को देशप्रेम से भर दिया।
भारत पर्व और सांस्कृतिक कूटनीति
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार विदेशों में अपनी सांस्कृतिक कूटनीति को नई ऊँचाई देने में जुटी है। भारत पर्व — भारत की आजादी के उत्सव की यह श्रृंखला — दुनियाभर में भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों के माध्यम से आयोजित की जा रही है। गौरतलब है कि वंदे मातरम की 150वीं वर्षगाँठ इस वर्ष के समारोहों को विशेष ऐतिहासिक महत्व देती है, क्योंकि यह राष्ट्रगीत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित है और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक रहा है।
आम जनता और प्रवासी समुदाय पर असर
इन आयोजनों ने विदेशों में बसे भारतीय प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम किया। साथ ही, स्थानीय नागरिकों को भारतीय संस्कृति, कला और राष्ट्रीय भावना से परिचित कराने का अवसर भी मिला। ओडिसी नृत्य और मधुबनी पेंटिंग जैसी भारतीय कलाओं की प्रस्तुति ने दोनों देशों — लातविया और जमैका — के साथ सांस्कृतिक संबंधों को और मज़बूत किया।
आगे क्या
15 अगस्त 2026 को दुनियाभर के भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह आयोजित होंगे। भारत सरकार की हर घर तिरंगा अभियान की पहल इस वर्ष वैश्विक स्तर पर और व्यापक रूप से मनाई जा रही है, जो भारत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति और सॉफ्ट पावर का प्रतीक है।