हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: टॉप टीमों के खिलाफ रणनीति पर पुनर्विचार जरूरी, भारत T20 WC 2026 से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 28 जून 2026 को लॉर्ड्स, लंदन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 विकेट से मिली हार के बाद स्वीकार किया कि 'विमेन इन ब्लू' को शीर्ष टीमों के विरुद्ध अपनी रणनीति पर सिरे से पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। इस हार के साथ भारत महिला टी20 विश्व कप 2026 से बाहर हो गया।
मैच का घटनाक्रम
हरमनप्रीत की 26 गेंदों में 56 रनों की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने 170/4 का स्कोर खड़ा किया। हालाँकि, ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी (56 रन) और एश्ले गार्डनर (नाबाद 53 रन) ने इस लक्ष्य को 19 ओवरों में ही हासिल कर लिया। भारत पूरे टूर्नामेंट में पाँच मुकाबलों में 6 अंक लेकर बाहर हुआ, जबकि ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका 8-8 अंकों के साथ सेमीफाइनल में पहुँचे।
हरमनप्रीत कौर की स्वीकारोक्ति
मैच के बाद हरमनप्रीत ने कहा, "हमने बोर्ड पर एक अच्छा स्कोर खड़ा किया। जब मैं बल्लेबाजी कर रही थी, तो मुझे लगा कि हम थोड़े पीछे हैं, लेकिन आखिरी कुछ ओवरों में हमने अच्छा काम किया। अगर मैं पूरे टूर्नामेंट के बारे में सोचूं, तो हमने अच्छी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। सबसे अच्छी टीमों के विरुद्ध हमेशा आपका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सामने आता है। हमें इस पर फिर से सोचने की जरूरत है।"
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की योजनाबद्ध गेंदबाजी को श्रेय देते हुए कहा, "ऑस्ट्रेलिया सबसे अच्छी टीमों में से एक है। उन्होंने अपनी योजनाओं के अनुसार गेंदबाजी की। हमने विकेट नहीं गंवाए, लेकिन साथ ही हमें वह नहीं मिला जिसकी हमें उम्मीद थी। यह एक अच्छा मैच था, लेकिन दुर्भाग्य से हम जीत नहीं सके।"
डेथ ओवरों की कमज़ोरी उजागर
हरमनप्रीत ने टीम की एक बार-बार उभरने वाली कमज़ोरी को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "बतौर टीम हमें कई चीजों पर फिर से सोचने की जरूरत है, खासकर यह कि अच्छी टीमों के खिलाफ हमें कैसे खेलना है। कई बार हम मैच में बने रहते हैं, लेकिन आखिरी कुछ ओवरों में हम बहुत ज्यादा रन लुटा देते हैं। अगर हमें लक्ष्य का पीछा करना हो, तो हम बल्लेबाजी करते हुए उतने रन नहीं बना पाते। मुझे लगता है कि ऐसा काफी समय से हो रहा है।" गौरतलब है कि यह वही पैटर्न है जो भारतीय महिला टीम के बड़े टूर्नामेंटों में बार-बार देखा गया है — मज़बूत शुरुआत, लेकिन निर्णायक क्षणों में चूक।
आगे की राह
टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद भारतीय महिला टीम के सामने अब गंभीर आत्ममंथन की ज़रूरत है। डेथ ओवरों में गेंदबाजी और रन-चेज़ में निरंतरता — दोनों मोर्चों पर सुधार के बिना शीर्ष टीमों से पार पाना मुश्किल होगा। हरमनप्रीत की यह बेबाक स्वीकारोक्ति संकेत देती है कि टीम प्रबंधन अगले चक्र में रणनीतिक बदलाव की ओर कदम बढ़ा सकता है।