महिला टी20 विश्व कप 2026: लॉर्ड्स में हरमनप्रीत की 27 गेंदों में 56 रनों की पारी, भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 171 रनों का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
महिला टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप ए के निर्णायक मुकाबले में भारत ने 28 जून को लॉर्ड्स, लंदन में ऑस्ट्रेलिया के सामने 4 विकेट पर 170 रन का स्कोर खड़ा किया, जिससे ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 171 रनों का लक्ष्य मिला। कप्तान हरमनप्रीत कौर की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी ने भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखा है। स्टैंड में विराट कोहली, रवि शास्त्री, शिखर धवन और अनुष्का शर्मा की मौजूदगी ने इस मैच को और भी खास बना दिया।
दर्शक दीर्घा में सितारों का जमावड़ा
भारतीय टीम का हौसला बढ़ाने के लिए क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियाँ लॉर्ड्स की दर्शक दीर्घा में उपस्थित रहीं। विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ स्टैंड में बैठे, जबकि पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री भी उनके साथ नज़र आए। पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन भी अपनी पत्नी के साथ टीम इंडिया का समर्थन करने पहुँचे। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला टीम को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए इस मैच में जीत अनिवार्य है।
मुख्य बल्लेबाज़ी घटनाक्रम
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 9.1 ओवर में 66 रन की साझेदारी बनाई, हालाँकि टी20 के मानकों पर यह साझेदारी अपेक्षाकृत धीमी रही। शेफाली वर्मा 26 गेंदों पर 2 छक्के और 3 चौके की मदद से 34 रन बनाकर पहले विकेट के रूप में आउट हुईं। इसके बाद 83 रन के स्कोर पर मंधाना भी पवेलियन लौटीं — उन्होंने 37 गेंदों पर 38 रन की पारी खेली।
मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स ने 28 गेंदों पर 1 छक्का और 1 चौके की मदद से 34 रन बनाए और रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ा। पारी का सबसे चमकदार अध्याय हरमनप्रीत कौर ने लिखा।
हरमनप्रीत की कप्तानी पारी
हरमनप्रीत कौर ने आखिरी ओवर में 3 छक्के जड़ते हुए टीम के स्कोर को 170 तक पहुँचाया। उन्होंने महज 27 गेंदों में 3 छक्के और 6 चौके की बदौलत 56 रन की तूफानी पारी खेली। वह आखिरी ओवर की 5वीं गेंद पर आउट हुईं। दीप्ति शर्मा ने 1 गेंद पर 4 रन और ऋचा घोष ने 1 गेंद पर 1 रन बनाकर पारी समाप्त की — दोनों नाबाद रहीं।
सेमीफाइनल की दौड़ में भारत का दाँव
गौरतलब है कि ग्रुप ए में भारत के लिए यह मैच करो या मरो की स्थिति वाला है। 171 रनों का यह लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया जैसी मज़बूत टीम के सामने रखना भारतीय बल्लेबाज़ों की मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है। अब सारी निगाहें भारतीय गेंदबाज़ों पर होंगी कि वे इस स्कोर की रक्षा कर सेमीफाइनल का टिकट सुनिश्चित कर सकती हैं या नहीं।