हरमनप्रीत की टीम वनडे सीरीज में इतिहास रचने को तैयार, ऑस्ट्रेलिया का दबदबा जारी
सारांश
Key Takeaways
- हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम वनडे में अच्छा प्रदर्शन करने का प्रयास करेगी।
- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अब तक सभी वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है।
- टी20 में जीत के बाद आत्मविश्वास बढ़ा है।
- जेमिमा रोड्रिग्स, स्मृति मंधाना और अन्य खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
- ऑस्ट्रेलिया की टीम भी वापसी के लिए उत्सुक है।
नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम, जो हाल ही में टी20 सीरीज में जीत हासिल कर चुकी है, मंगलवार को पहले वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान में उतरेगी। यह मुकाबला ब्रिस्बेन के गाबा स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
अब तक, भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक भी वनडे सीरीज नहीं जीती है। ऐसे में, हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम वनडे में भी टी20 की तरह दमदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। दोनों टीमों ने अब तक कुल 12 वनडे सीरीज खेली हैं, जिसमें सभी जीत ऑस्ट्रेलिया के नाम रही हैं।
50 ओवर के प्रारूप में भारतीय महिला क्रिकेट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुल 61 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 49 में ऑस्ट्रेलिया ने बाजी मारी है। भारत ने केवल 12 मैचों में सफलता प्राप्त की है।
भारतीय टीम की अंतिम भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया के साथ वनडे वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में हुई थी, जहां हरमनप्रीत की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए ऑस्ट्रेलिया को हराया था।
टी20 सीरीज में शानदार बल्लेबाजी करने वाली स्मृति मंधाना से भारतीय टीम एकदिवसीय मैचों में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, और जेमिमा रोड्रिग्स भी महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार रहेंगी। जेमिमा को ऑस्ट्रेलिया की बॉलिंग अटैक का सामना करना पसंद है।
तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी रेणुका सिंह संभालेंगी, जबकि क्रांति गौड़ उनका समर्थन करेंगी। अमनजोत कौर बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावी प्रदर्शन करना चाहेंगी।
वहीं, टी20 सीरीज हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया एकदिवसीय मुकाबलों में वापसी करने के लिए उत्सुक होगी। टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज एलिसा हीली की यह रिटायरमेंट से पहले करियर की आखिरी वनडे सीरीज होगी, ऐसे में वह बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान देना चाहेंगी।
ऑस्ट्रेलिया की हालिया फॉर्म को देखते हुए, उन्होंने पिछले 5 मैचों में से केवल 1 में हार का सामना किया है, जबकि 4 मैचों में जीत हासिल की है। दूसरी ओर, भारतीय टीम ने अपने अंतिम तीन एकदिवसीय मुकाबलों में जीत दर्ज की है।