महिला टी20 विश्व कप 2026: वोल्वार्ड्ट का खुलासा — भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच में ऑस्ट्रेलिया को देंगी समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
महिला टी20 विश्व कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने 28 जून को बांग्लादेश के खिलाफ ग्रुप चरण का आखिरी मैच 4 विकेट से जीतने के बाद साफ कर दिया कि वे रविवार को होने वाले भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया का समर्थन करेंगी। दक्षिण अफ्रीका का सेमीफाइनल में प्रवेश अब पूरी तरह उस मैच के नतीजे पर निर्भर है।
मुख्य घटनाक्रम
बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 117 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने 19.2 ओवर में 6 विकेट पर 118 रन बनाकर मैच जीत लिया। जीत भले ही मिली, लेकिन वोल्वार्ड्ट ने स्वीकार किया कि मुकाबला जरूरत से ज़्यादा करीबी हो गया।
वोल्वार्ड्ट ने कहा, 'जीत सबसे महत्वपूर्ण थी, और आखिरकार टीम उसे हासिल करने में सफल रही — हालाँकि मुकाबला उम्मीद से कहीं अधिक रोमांचक बन गया।'
गेंदबाज़ों की तारीफ, बल्लेबाज़ी पर आत्म-मंथन
कप्तान ने अपने अनुभवी गेंदबाज़ों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पावरप्ले में शानदार प्रदर्शन कर बांग्लादेश पर शुरुआती दबाव बनाया। उन्होंने कहा, 'अंतिम ओवरों में विपक्षी टीम को कुछ अतिरिक्त रन बनाने का मौका मिल गया। यदि बांग्लादेश 100 रन या उससे कम पर सिमट जाता, तो लक्ष्य का पीछा कहीं अधिक आसान होता।'
बल्लेबाज़ी के मोर्चे पर वोल्वार्ड्ट ने माना कि बांग्लादेश के स्पिनरों ने धीमी पिच पर गति में लगातार बदलाव कर दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज़ों को खुलकर शॉट खेलने से रोका। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में टीम को अधिक सकारात्मक क्रिकेट खेलने की ज़रूरत थी।
सेमीफाइनल की राह: ऑस्ट्रेलिया पर टिकी नज़रें
दक्षिण अफ्रीका ने ग्रुप चरण में अपने हिस्से का काम पूरा कर लिया है, लेकिन सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए उसे भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया मैच में ऑस्ट्रेलिया की जीत की दरकार है। वोल्वार्ड्ट ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे स्टैंड्स में बैठकर यह मैच देखेंगी और ऑस्ट्रेलिया का समर्थन करेंगी।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला टीम टूर्नामेंट में मज़बूत प्रदर्शन करती रही है, जिससे दक्षिण अफ्रीका के लिए समीकरण और पेचीदा हो गए हैं।
आगे क्या होगा
रविवार को होने वाले भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया मुकाबले का नतीजा तय करेगा कि महिला टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में कौन-सी टीमें पहुँचती हैं। दक्षिण अफ्रीका के लिए यह प्रतीक्षा का खेल है — मैदान पर उतरने का मौका नहीं, बस उम्मीद बनाए रखने का।