महिला एशिया कप: प्रतिका रावल के चयन पर अंजुम चोपड़ा ने उठाए सवाल, बोलीं— 'यह सही समय नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय कप्तान अंजुम चोपड़ा ने महिला एशिया कप 2026 के लिए घोषित भारतीय टी20 टीम में सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल को शामिल किए जाने के फैसले पर गहरी हैरानी जताई है। उनका कहना है कि चयनकर्ताओं का यह निर्णय उनकी समझ से परे है, क्योंकि प्रतिका न केवल चोट से उबरकर वापसी कर रही हैं, बल्कि उन्होंने लंबे समय से कोई प्रतिस्पर्धी टी20 क्रिकेट भी नहीं खेला है।
प्रतिका का चयन और पृष्ठभूमि
प्रतिका रावल को जेमिमा रोड्रिग्स की जगह टीम में लिया गया है। जेमिमा इंग्लैंड में 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट के दौरान सदर्न ब्रेव के लिए खेलते हुए दाहिने हैमस्ट्रिंग में हाई-ग्रेड टियर की चोट का शिकार हो गई थीं और इसी कारण वह 28 अगस्त से दुबई में शुरू हो रहे एशिया कप से बाहर हैं। प्रतिका का यह पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय दस्ते में स्थान है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने नवंबर 2024 में चैलेंजर ट्रॉफी के बाद से कोई टी20 मैच नहीं खेला, जहाँ उन्होंने 111.81 के स्ट्राइक रेट से 142 रन बनाए थे। इसके अलावा, वह वनडे विश्व कप 2025 के दौरान टखने की चोट के कारण महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में यूपी वॉरियर्स के लिए भी नहीं खेल पाई थीं।
अंजुम की मुख्य आपत्तियाँ
अंजुम चोपड़ा ने कहा, 'यह विश्वास करना मुश्किल है कि भारतीय टीम के पास चुनने के लिए कोई और खिलाड़ी नहीं थी। मेरा मतलब यह नहीं कि प्रतिका टी20 नहीं खेल सकतीं, लेकिन आप किसी ऐसे खिलाड़ी को क्यों चुनेंगे जिसने लंबे समय से टी20 नहीं खेला? घरेलू क्रिकेट में भी शायद ही कोई टी20 मैच हुआ हो जिसमें वह खेली हों। वह WPL का हिस्सा नहीं थीं। वह एक बेहतरीन क्रिकेटर हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह असल में चोट से वापसी कर रही हैं।'
उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिका इंग्लैंड में वार्विकशायर के लिए वन-डे फॉर्मेट में खेलने वाली थीं, और वहाँ से सीधे भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में आना सवालिया निशान खड़े करता है। उनके अनुसार, 'पहली बात, उन्होंने बहुत कम प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेला है। दूसरी बात, मुझे पूरा यकीन है कि टीम उनसे नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने की उम्मीद नहीं कर रही।'
बल्लेबाजी क्रम और विकल्पों पर सवाल
अंजुम ने प्रतिका के बल्लेबाजी क्रम को लेकर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रतिका नंबर तीन पर नहीं खेलेंगी, तो उनका टीम में होना ही अर्थहीन है। उनके अनुसार, अनुष्का शर्मा, राघवी बिष्ट और वृंदा दिनेश जैसे विकल्प उपलब्ध थे — जिनमें से कई WPL और इंडिया 'ए' का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, 'अगर आप किसी को मौका देना चाहते हैं, तो ऐसे खिलाड़ी को चुनें जो डब्ल्यूपीएल का हिस्सा हो और जिसने उभरती हुई इंडिया 'ए' टीम के साथ यात्रा की हो।'
उन्होंने नंबर तीन के लिए वैकल्पिक नाम भी सुझाए — दीप्ति शर्मा को प्रमोट करने की वकालत की, यह तर्क देते हुए कि स्मृति मंधाना के बाएँ हाथ और शेफाली वर्मा के दाएँ हाथ से ओपनिंग के साथ, दीप्ति का तीसरे नंबर पर होना बल्लेबाजी क्रम में संतुलन बनाए रखेगा। उन्होंने ऋचा घोष को भी एक विकल्प के रूप में रेखांकित किया।
चयन प्रक्रिया और मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता
अंजुम ने यास्तिका भाटिया का उदाहरण देते हुए खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को भी रेखांकित किया। यास्तिका को जी. कमलिनि की जगह टीम से बाहर किया गया था — यह घोषणा भारत के टी20 विश्व कप अभियान के खत्म होने के महज दो दिन बाद की गई। उन्होंने कहा, 'सोचिए, एक खिलाड़ी जिसने वर्ल्ड कप टीम में जगह बनाने के लिए इतनी मेहनत की हो और अब बस अपनी फॉर्म वापस पाने की कोशिश कर रही हो — ऐसे में उसे बताया जाए कि वह अगले दो टूर्नामेंटों में नहीं जाएगी। ऐसे फैसले टीम के लिए फायदेमंद नहीं होते।'
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 24 महीनों में इतने सारे खिलाड़ियों को रोटेट करने के बावजूद उनमें से कोई भी मुख्य टीम में स्थायी जगह नहीं बना पाया, जो चयन प्रक्रिया और दीर्घकालिक योजना पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आगे की राह
महिला एशिया कप 28 अगस्त से दुबई में शुरू होगा। प्रतिका रावल के प्रदर्शन पर सबकी नजरें होंगी। अंजुम चोपड़ा ने स्पष्ट किया कि वह प्रतिका की क्षमता पर संदेह नहीं करतीं, लेकिन यह समय और परिस्थितियाँ उनके लिए अनुकूल नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'प्रतिका रावल भारत की अब तक की सबसे बेहतरीन टी20 क्रिकेटर साबित हो सकती हैं — यह बात समय ही बताएगा, लेकिन यह सही समय नहीं है।'