नोएडा में लिफ्ट देकर लूट करने वाले गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार, हथियार और फर्जी नंबर प्लेट बरामद

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नोएडा में लिफ्ट देकर लूट करने वाले गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार, हथियार और फर्जी नंबर प्लेट बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने लिफ्ट का झाँसा देकर हथियारों के बल पर यूपीआई और एटीएम से लूट करने वाले पाँच बदमाशों को गिरफ्तार किया। गिरोह का सरगना नसीम अली पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस अब तक की सभी वारदातों की जाँच कर रही है।

मुख्य बातें

नोएडा थाना सेक्टर-39 पुलिस ने 15 मई 2025 को स्टेलर ग्रीन पार्क के पास चेकिंग अभियान में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरोह कार में लिफ्ट देकर यात्रियों को हथियारों से डराता था और यूपीआई व एटीएम के ज़रिए जबरन रकम ट्रांसफर करवाता था।
पुलिस ने दो अवैध तमंचे (.315 बोर) , तीन चाकू और फर्जी नंबर प्लेट लगी कार बरामद की।
कथित सरगना नसीम अली पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है; उस पर आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
मनोज कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत भी पूर्व मामले दर्ज हैं।
पुलिस गिरोह की अन्य वारदातों और संभावित अतिरिक्त सदस्यों की जाँच कर रही है।

नोएडा के थाना सेक्टर-39 पुलिस ने 15 मई 2025 को एक शातिर लुटेरे गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो एनसीआर क्षेत्र में कार में लिफ्ट देने का झाँसा देकर यात्रियों को हथियारों के बल पर यूपीआई और एटीएम के ज़रिए रकम ट्रांसफर करने पर मजबूर करता था। पुलिस ने गिरोह के पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से दो अवैध तमंचे (.315 बोर), तीन चाकू और फर्जी नंबर प्लेट लगी एक कार ज़ब्त की है।

गिरफ्तारी कैसे हुई

पुलिस टीम 15 मई को स्टेलर ग्रीन पार्क के निकट चेकिंग अभियान चला रही थी, जब संदिग्ध कार को रोककर पाँचों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नसीम अली, अभिषेक कुमार, विवेक, कार्तिक ठाकुर और मनोज कुमार के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी एनसीआर की सड़कों पर घूमते थे और अकेले राहगीरों को लिफ्ट का प्रलोभन देकर कार में बैठा लेते थे। कार के अंदर हथियार दिखाकर पीड़ितों को डराया जाता था और उनके बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी। वारदात के बाद पीड़ितों को मारपीट कर सुनसान इलाके में छोड़ दिया जाता था।

आरोपियों की पृष्ठभूमि

गिरोह का कथित सरगना नसीम अली मूल रूप से एटा जिले का निवासी है और वर्तमान में हल्दौनी क्षेत्र में किराये पर रह रहा था। पुलिस जाँच में सामने आया है कि नसीम पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है और उसके खिलाफ इकोटेक-3 तथा सेक्टर-39 थानों में आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

अभिषेक कुमार बिहार के नालंदा जिले का निवासी बताया गया है, जबकि विवेक समस्तीपुर का रहने वाला है। कार्तिक ठाकुर और मनोज कुमार छिजारसी क्षेत्र में रह रहे थे। मनोज कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत भी पूर्व में मामले दर्ज पाए गए हैं।

बरामदगी का विवरण

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री ज़ब्त की: दो अवैध तमंचे (.315 बोर), तीन अवैध चाकू, और फर्जी नंबर प्लेट लगी एक कार। फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग पुलिस की पहचान से बचने के लिए किया जाता था, जो इस गिरोह की सुनियोजित कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

आगे की जाँच

पुलिस ने सभी पाँचों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जाँच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। यह भी जाँचा जा रहा है कि गिरोह में और कोई सदस्य तो नहीं हैं। गौरतलब है कि एनसीआर में इस प्रकार की 'लिफ्ट लूट' की घटनाएँ आम नागरिकों, विशेषकर रात में अकेले यात्रा करने वालों के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इस तरह के अपराधों में अधिकांश पीड़ित शर्म या डर के कारण शिकायत नहीं करते।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा लिफ्ट लूट गिरोह क्या था और यह कैसे काम करता था?
यह गिरोह एनसीआर की सड़कों पर कार में लिफ्ट देने का झाँसा देकर लोगों को बैठाता था, फिर हथियार दिखाकर उन्हें यूपीआई और एटीएम के ज़रिए रकम ट्रांसफर करने पर मजबूर करता था। वारदात के बाद पीड़ितों को मारपीट कर सुनसान इलाके में छोड़ दिया जाता था।
गिरफ्तार किए गए पाँच आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नसीम अली (एटा, उत्तर प्रदेश), अभिषेक कुमार (नालंदा, बिहार), विवेक (समस्तीपुर, बिहार), कार्तिक ठाकुर और मनोज कुमार (छिजारसी क्षेत्र) के रूप में हुई है। इनमें से नसीम अली को गिरोह का कथित सरगना बताया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया?
पुलिस ने दो अवैध तमंचे (.315 बोर), तीन अवैध चाकू और फर्जी नंबर प्लेट लगी एक कार बरामद की है। फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल पुलिस की पहचान से बचने के लिए किया जाता था।
क्या गिरोह के सदस्यों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड था?
हाँ, कथित सरगना नसीम अली पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है और उसके खिलाफ इकोटेक-3 व सेक्टर-39 थानों में आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। मनोज कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत भी पूर्व मामले दर्ज पाए गए हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस ने सभी पाँचों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और गिरोह की अन्य वारदातों की जाँच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक कितनी घटनाओं को अंजाम दिया और गिरोह में और कोई सदस्य तो नहीं हैं।
राष्ट्र प्रेस
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