क्या भारत के कंज्यूमर टैबलेट मार्केट में 2025 की पहली छमाही में 20.5 प्रतिशत की तेजी आ रही है?

Click to start listening
क्या भारत के कंज्यूमर टैबलेट मार्केट में 2025 की पहली छमाही में 20.5 प्रतिशत की तेजी आ रही है?

सारांश

भारत के कंज्यूमर टैबलेट मार्केट में 2025 की पहली छमाही में 20.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विक्रेता प्रोत्साहन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों का योगदान महत्वपूर्ण है। जानिए आगे क्या उम्मीद की जा रही है और कौन से ब्रांड्स ने मार्केट में प्रमुखता हासिल की है।

Key Takeaways

  • कंज्यूमर टैबलेट मार्केट में 20.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • सैमसंग ने 41.3 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी के साथ नेतृत्व बनाए रखा।
  • डिटैचेबल टैबलेट में 18.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • ऑनलाइन चैनलों की मांग बढ़ी है।
  • भविष्य में सरकारी क्षेत्र में मांग में कमी की आशंका है।

नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। 2025 की पहली छमाही में, भारत के कंज्यूमर टैबलेट मार्केट में सालाना आधार पर 20.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। यह वृद्धि मजबूत विक्रेता प्रोत्साहन रणनीतियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों, खुदरा दुकानों और ऑनलाइन चैनलों पर निरंतर मांग का परिणाम है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन (आईडीसी) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, सीजनल प्रमोशनल इवेंट्स और बैक-टू-स्कूल अभियानों ने भी इस वृद्धि को बढ़ावा दिया, जिससे खरीदारों को आकर्षित करने में मदद मिली।

रिपोर्ट में डिटैचेबल टैबलेट में सालाना आधार पर 18.9 प्रतिशत की वृद्धि भी दर्शाई गई।

आईडीसी इंडिया और साउथ एशिया के शोध विश्लेषक प्रियांश तिवारी ने कहा, "भारत में कंज्यूमर टैबलेट सेगमेंट में लगातार मजबूत गति देखी जा रही है।"

उन्होंने आगे कहा कि ऑनलाइन चैनलों ने एक्सक्लूसिव प्रोडक्ट लॉन्च, कैशबैक ऑफर और ईएमआई विकल्पों के साथ ऑफलाइन विकास को पीछे छोड़ दिया है।

तिवारी ने आगे कहा, "बड़ी स्क्रीन, स्टाइलस-बैक्ड मॉडल और किफायती एंट्री-लेवल डिवाइस की बढ़ती मांग ने इस वृद्धि को बढ़ावा दिया।"

ब्रांड्स में, सैमसंग ने 2025 की पहली छमाही में 41.3 प्रतिशत की समग्र बाजार हिस्सेदारी के साथ नेतृत्व बनाए रखा, उसके बाद लेनोवो 12.3 प्रतिशत और एप्पल 11.8 प्रतिशत के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

सैमसंग ने कंज्यूमर और कमर्शियल दोनों सेगमेंट में अपना दबदबा बनाए रखा, जबकि लेनोवो ने एसएमबी और एंटरप्राइज कैटेगरी में बढ़त हासिल की।

रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल ने कंज्यूमर मार्केट में मजबूत प्रदर्शन के साथ 14.4 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की और एंटरप्राइज कैटेगरी में भी विस्तार किया।

भविष्य को देखते हुए, आईडीसी को उम्मीद है कि कंज्यूमर टैबलेट बाजार बढ़ता रहेगा, लेकिन सरकारी और शिक्षा क्षेत्रों में लंबे रिफ्रेश साइकल के कारण कमर्शियल सेगमेंट में भारी गिरावट का सामना करना पड़ सकता है।

आईडीसी इंडिया और साउथ एशिया के शोध प्रबंधक, भरत शेनॉय ने कहा, "कंज्यूमर टैबलेट बाजार 2019 और 2021 के बीच दोगुना हो गया और 2025 के अंत तक इसके तीन गुना होने की उम्मीद है।"

उन्होंने आगे कहा, "लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र की मांग कमजोर हो रही है, जिससे आने वाली तिमाहियों में समग्र विकास दर पर असर पड़ सकता है।"

Point of View

जिनमें विक्रेता प्रोत्साहन और ऑनलाइन मांग का योगदान शामिल है। यह भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन सरकारी मांग में कमी से आगे की चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

भारत में टैबलेट बाजार में वृद्धि के मुख्य कारण क्या हैं?
मुख्य कारणों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों की मजबूती, विक्रेता प्रोत्साहन रणनीतियाँ और बैक-टू-स्कूल अभियानों का प्रभाव शामिल हैं।
कौन से ब्रांड्स ने भारत में टैबलेट मार्केट में प्रमुखता हासिल की है?
सैमसंग, लेनोवो और एप्पल ने इस मार्केट में प्रमुखता हासिल की है।
क्या भविष्य में टैबलेट बाजार में गिरावट की संभावना है?
हां, सरकारी मांग में कमी और शिक्षा क्षेत्र में लंबे रिफ्रेश साइकल के कारण गिरावट की संभावना है।