भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट Q2 2026 में 10% गिरा, ₹50,000–₹1 लाख सेगमेंट में 72% उछाल
सारांश
मुख्य बातें
भारत के स्मार्टफोन बाज़ार में 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। टेक्नोलॉजी रिसर्च फर्म साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) की 17 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ताओं ने फोन अपग्रेड को टाला, जबकि कंपनियों और रिटेलर्स ने मौजूदा इन्वेंट्री घटाने पर ध्यान केंद्रित किया। यह गिरावट बाज़ार में एक गहरे संरचनात्मक बदलाव का संकेत है — जहाँ सस्ते फोन की माँग सिकुड़ रही है और प्रीमियम सेगमेंट तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
गिरावट की वजहें
CMR की रिपोर्ट के मुताबिक, बाज़ार में यह सुस्ती कई कारणों से आई है — सतर्क उपभोक्ता खर्च, कंपोनेंट और डिवाइस की बढ़ती लागत, फोन बदलने की लंबी होती अवधि और रिटेल चैनलों में इन्वेंट्री को अनुकूलित करने की कोशिशें। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर भी स्मार्टफोन बाज़ार दबाव में है और भारत जैसे उभरते बाज़ारों में महंगाई का असर उपभोक्ता व्यवहार पर साफ़ दिख रहा है।
सबसे अधिक नुकसान अफोर्डेबल सेगमेंट को हुआ, जहाँ सालाना 88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वैल्यू-फॉर-मनी सेगमेंट में भी 30 प्रतिशत की सालाना कमी आई। कीमत के प्रति संवेदनशील उपभोक्ताओं ने नया फोन खरीदने की बजाय पुराने डिवाइस को ही इस्तेमाल करना जारी रखा।
प्रीमियम सेगमेंट की जोरदार वापसी
इसके ठीक विपरीत, ₹25,000 से अधिक के प्रीमियम सेगमेंट में 54 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसमें सबसे चमकदार प्रदर्शन सुपर-प्रीमियम सेगमेंट (₹50,000 से ₹1 लाख) का रहा, जिसमें 72 प्रतिशत की जबरदस्त सालाना बढ़त दर्ज की गई।
CMR की वरिष्ठ विश्लेषक मेन्का कुमारी ने कहा, "सुपर-प्रीमियम सेगमेंट की 72 प्रतिशत सालाना वृद्धि बताती है कि प्रीमियम फोन अपग्रेड में जीरो-कॉस्ट ईएमआई, ट्रेड-इन ऑफर और कंज्यूमर क्रेडिट जैसी फाइनेंसिंग व्यवस्थाएं निर्णायक कारक बन रही हैं। अब केवल एआई फीचर्स या कैमरा हार्डवेयर ही फैसला नहीं करते।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि अफोर्डेबल और वैल्यू-फॉर-मनी सेगमेंट दबाव में बने रहे, क्योंकि कीमत को लेकर संवेदनशील उपभोक्ताओं ने अपग्रेड को टाल दिया।
फीचर फोन बाज़ार का मिला-जुला हाल
2G फीचर फोन सेगमेंट में सालाना 5 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई, जबकि 4G फीचर फोन सेगमेंट में 43 प्रतिशत की तेज़ गिरावट दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि मध्यवर्ती श्रेणी के फीचर फोन उपयोगकर्ता या तो स्मार्टफोन की ओर जा रहे हैं या खरीदारी को स्थगित कर रहे हैं।
पूरे साल का अनुमान और आगे की राह
CMR के वरिष्ठ विश्लेषक अमित शर्मा ने कहा, "बढ़ती कंपोनेंट लागत और डिवाइस की ऊँची कीमतों के कारण ₹15,000 से कम कीमत वाले सेगमेंट पर 2026 की दूसरी छमाही में भी दबाव बने रहने की उम्मीद है, क्योंकि उपभोक्ता फोन बदलने की अवधि को और बढ़ा रहे हैं।"
शर्मा के अनुसार, 2026 की दूसरी छमाही में प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम सेगमेंट में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होने की उम्मीद है। इसे एआई-सक्षम अनुभव, बेहतर कैमरा प्रदर्शन और प्रीमियम डिज़ाइन से समर्थन मिलेगा। फोल्डेबल जैसे नए फॉर्म फैक्टर भी हाई-एंड सेगमेंट में वृद्धि के प्रमुख चालक बनेंगे।
CMR का अनुमान है कि कैलेंडर वर्ष 2026 में भारत का स्मार्टफोन बाज़ार पूरे साल 10–12 प्रतिशत तक सिकुड़ सकता है। यह अंतर — एक ओर सिकुड़ता बजट सेगमेंट और दूसरी ओर फलता-फूलता प्रीमियम सेगमेंट — भारतीय स्मार्टफोन बाज़ार में माँग के संरचनात्मक ध्रुवीकरण को रेखांकित करता है।