गाजा मुद्दे पर सोनिया गांधी के बयान पर भाजपा का पलटवार, मनमीत सिंह बोले — 'हम हिंदुस्तान के विकास की बात करेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन और राज्यसभा सदस्य सोनिया गांधी द्वारा गाजा-इजरायल संघर्ष पर भारत सरकार की चुप्पी को लेकर उठाए गए सवालों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 27 जून को तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेता मनमीत सिंह ने हैदराबाद में स्पष्ट किया कि मोदी सरकार की प्राथमिकता भारत का विकास है, न कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीति।
मनमीत सिंह का सीधा जवाब
भाजपा नेता मनमीत सिंह ने कहा, 'हम बात करेंगे अपने हिंदुस्तान की, अपने हिंदुस्तान के विकास की। भारत के विकास से जुड़े विषय हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। हम इजरायल और फिलिस्तीन के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय अपने देश के हितों को प्राथमिकता देते हैं। वे अपना काम कर रहे हैं और हम अपना काम कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'हमारी मानसिकता अलग है और सोनिया गांधी की मानसिकता अलग है।'
कांग्रेस पर विभाजन की राजनीति का आरोप
मनमीत सिंह ने कांग्रेस पर विभाजन की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि 'सोनिया गांधी ने हमेशा विभाजन की राजनीति की है। उनसे पहले इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और राजीव गांधी ने भी इसी तरह की राजनीति की। कांग्रेस का इतिहास लोगों को जोड़ने के बजाय बांटने की राजनीति का रहा है।' यह आरोप ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच विदेश नीति को लेकर तनातनी बढ़ी हुई है।
सोनिया गांधी ने क्या कहा था
एक लेख में सोनिया गांधी ने सवाल उठाया था कि गाजा और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ दुनियाभर में राय बनने के बावजूद भारत ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर खुलकर बोलने की अपेक्षा जताई थी। गौरतलब है कि भारत परंपरागत रूप से फिलिस्तीन के पक्ष में रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में इजरायल के साथ रणनीतिक संबंध भी मजबूत हुए हैं।
मोदी सरकार की प्राथमिकता
मनमीत सिंह ने दोहराया कि मोदी सरकार का पूरा फोकस भारत को आगे बढ़ाने, विकास कार्यों को गति देने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने पर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उसी दिशा में लगातार काम कर रही है।
आगे की स्थिति
यह विवाद संसद के आगामी सत्र में भी गूंजने की संभावना है, जहाँ विपक्ष भारत की विदेश नीति और गाजा मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है। भाजपा की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि सत्तारूढ़ दल इस मुद्दे पर बचाव की मुद्रा में न रहकर आक्रामक रणनीति अपनाएगा।