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गाजा पर सोनिया गांधी के लेख से सियासत गरमाई, BJP-JDU ने कांग्रेस पर दोहरेपन का आरोप लगाया

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गाजा पर सोनिया गांधी के लेख से सियासत गरमाई, BJP-JDU ने कांग्रेस पर दोहरेपन का आरोप लगाया

सारांश

सोनिया गांधी के गाजा पर लेख ने एनडीए को एकजुट कर दिया। BJP और JDU ने कांग्रेस पर हमास हमले पर चुप्पी और बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया — यह विदेश नीति की बहस कम, घरेलू राजनीति का अखाड़ा ज़्यादा दिखती है।

मुख्य बातें

सोनिया गांधी ने गाजा संकट पर भारत की विदेश नीति की आलोचना करते हुए लेख लिखा।
BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह हमास के अक्टूबर 2023 के हमले — जिसमें 1,100 से अधिक लोग मारे गए — को 'एक्ट ऑफ टेरर' कहने से बचती है।
BJP नेता रोहन गुप्ता ने इसे कांग्रेस की दीर्घकालिक तुष्टिकरण नीति का हिस्सा बताया।
JDU प्रवक्ता राजीव रंजन ने भारतीय कूटनीति को 'स्वर्ण काल' में बताया और विदेश नीति पर एकता की अपील की।
एनडीए ने कांग्रेस पर बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के मामले में चुप्पी साधने का भी आरोप लगाया।

कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा गाजा संकट पर भारत की विदेश नीति को लेकर लिखे गए लेख ने राजनीतिक घमासान को जन्म दे दिया है। 27 जून को एनडीए के नेताओं ने एकजुट होकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और उस पर 'चयनात्मक संवेदनशीलता' और 'वोट बैंक की राजनीति' का आरोप लगाया।

भाजपा का पलटवार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा, 'सोनिया गांधी गाजा के विषय पर बार-बार जो आर्टिकल लिखती हैं और भारत की नीति की आलोचना करती हैं, इसके बारे में सोनिया गांधी ही बता सकती हैं कि वह ऐसा क्यों करती हैं? भारत की विदेश नीति पूरी तरह स्पष्ट है। गाजा में जो आम नागरिकों की जान गई है, हमने उसकी भी निंदा की है और इजरायल में हमास का अक्टूबर 2023 में जो आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 1,100 से अधिक लोगों की जान गई थी, उसे भी हमने पुरजोर तरीके से एक्ट ऑफ टेरर बताया था।'

सिन्हा ने आगे कहा, 'कांग्रेस का दोहरापन इस बात से प्रमाणित होता है कि वह गाजा के विषय पर तो आंसू बहाते नहीं थकती, लेकिन जब हमास के टेरर एक्ट के बारे में चर्चा होती है, तो उसे 'एक्ट ऑफ टेरर' बताने में चुप रहती है। मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी यह वोट बैंक के लिए करती है।'

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विदेश नीति का सिद्धांत स्पष्ट है — जिन वैश्विक तनावों में भारत सीधे तौर पर नहीं जुड़ा, वहाँ वह शांति का पक्षधर रहता है। सिन्हा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार होने पर पार्टी चुप रही, जो उसके दोहरे चरित्र को उजागर करता है।

रोहन गुप्ता का आरोप — तुष्टिकरण की राजनीति

BJP नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि यह लेख कोई संयोग नहीं, बल्कि कांग्रेस की दीर्घकालिक तुष्टिकरण नीति का हिस्सा है। उन्होंने सवाल उठाया, 'जब इजरायल में लोगों पर हमले हुए, उन्हें मारा गया और अगवा किया गया, तब कांग्रेस की एक भी आवाज नहीं उठी।' गुप्ता ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीति करने से बचना चाहिए।

JDU का रुख — विदेश नीति पर देश एकजुट रहे

एनडीए में शामिल जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, 'भारतीय विदेश नीति का स्वर्ण काल चल रहा है। क्वाड, ब्रिक्स या जी7 हो, सभी वैश्विक मंचों पर भारत ने अपनी कूटनीति का लोहा मनवाया है।' रंजन ने सोनिया गांधी के सवालों को 'अव्यवहारिक' बताते हुए कहा कि विदेश नीति पर देश को कभी विभाजित नहीं दिखना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री किसी एक दल के नहीं, पूरे देश के हैं।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब गाजा-इजरायल संघर्ष वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक दबाव का केंद्र बना हुआ है। भारत ने अब तक संतुलित रुख अपनाते हुए नागरिक हताहतों की निंदा की है और साथ ही हमास के अक्टूबर 2023 के हमले को आतंकवाद करार दिया है। गौरतलब है कि सोनिया गांधी पहले भी इस विषय पर लेख लिख चुकी हैं, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच वैचारिक टकराव की यह एक पुनरावृत्ति है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएँ घरेलू राजनीतिक समीकरणों से प्रेरित हैं।

आगे क्या

इस विवाद के संसद के आगामी सत्र तक जारी रहने की संभावना है, जहाँ विपक्ष भारत की विदेश नीति पर बहस की माँग कर सकता है। कांग्रेस की ओर से अभी तक एनडीए के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तथ्य-आधारित बहस होगी — या यह विवाद अगले चुनाव तक सिर्फ बयानबाज़ी की भेंट चढ़ता रहेगा। बांग्लादेश में हिंदुओं का मुद्दा उठाकर BJP ने जो 'काउंटर-व्हाटअबाउटिज़्म' किया, वह भी इसी राजनीतिक खेल का हिस्सा है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनिया गांधी ने गाजा पर क्या लिखा और विवाद क्यों हुआ?
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गाजा संकट पर भारत की विदेश नीति की आलोचना करते हुए एक लेख लिखा। इस पर एनडीए नेताओं ने उन पर 'दोहरेपन' और 'वोट बैंक की राजनीति' का आरोप लगाया।
BJP ने कांग्रेस पर दोहरेपन का आरोप क्यों लगाया?
BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा का कहना है कि कांग्रेस गाजा में नागरिक हताहतों पर तो बोलती है, लेकिन अक्टूबर 2023 में हमास के उस हमले को 'एक्ट ऑफ टेरर' कहने से बचती है जिसमें 1,100 से अधिक लोग मारे गए थे। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार पर कांग्रेस की चुप्पी को भी दोहरेपन का प्रमाण बताया।
गाजा मुद्दे पर भारत की आधिकारिक विदेश नीति क्या है?
भारत ने गाजा में आम नागरिकों की मौत की निंदा की है और साथ ही अक्टूबर 2023 के हमास हमले को आतंकवाद करार दिया है। BJP के अनुसार, भारत उन वैश्विक तनावों में जहाँ वह सीधे शामिल नहीं, शांति का पक्षधर रहता है।
JDU ने इस विवाद पर क्या कहा?
JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने सोनिया गांधी के सवालों को 'अव्यवहारिक' बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय कूटनीति का 'स्वर्ण काल' चल रहा है और विदेश नीति पर देश को विभाजित नहीं दिखना चाहिए।
क्या यह पहली बार है जब सोनिया गांधी ने गाजा पर लेख लिखा?
नहीं, BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा के अनुसार सोनिया गांधी इस विषय पर 'बार-बार' लेख लिखती रही हैं। यह विवाद कांग्रेस और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच इस मुद्दे पर पहले भी उठे टकराव की पुनरावृत्ति है।
राष्ट्र प्रेस
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