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गौरव वल्लभ का पलटवार: 'भारत की विदेश नीति तुष्टीकरण नहीं, 140 करोड़ के हितों पर आधारित'

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गौरव वल्लभ का पलटवार: 'भारत की विदेश नीति तुष्टीकरण नहीं, 140 करोड़ के हितों पर आधारित'

सारांश

भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने सोनिया गांधी की गाजा टिप्पणी को राजनीतिक तुष्टीकरण करार देते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति 140 करोड़ नागरिकों के हितों पर चलती है। साथ ही शर्मिष्ठा मुखर्जी के प्रणब-मोदी वाले दावे पर कांग्रेस की चुप्पी को निशाने पर लिया।

मुख्य बातें

भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने 27 जून 2026 को सोनिया गांधी की गाजा टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति तुष्टीकरण नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के राष्ट्रीय हितों पर आधारित है।
प्रधानमंत्री मोदी को 30 से अधिक देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुके हैं — भाजपा का दावा।
शर्मिष्ठा मुखर्जी के दावे का हवाला देते हुए कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाया।
वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस लगातार तीन लोकसभा चुनाव हार चुकी है और यही रवैया जारी रहा तो हार का सिलसिला थमेगा नहीं।

भाजपा के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने 27 जून 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की गाजा-संबंधी टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति किसी राजनीतिक दिखावे या तुष्टीकरण पर नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के राष्ट्रीय हितों पर टिकी है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी के उस दावे को भी केंद्र में लाया, जिसमें कहा गया था कि प्रणब दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का पहला सीधे चुना गया प्रधानमंत्री मानते थे।

विदेश नीति पर भाजपा का रुख

वल्लभ ने कहा कि भारत की विदेश नीति 'स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट विद एवरी स्टेकहोल्डर' के सिद्धांत पर चलती है, जिसका एकमात्र उद्देश्य देश और उसके नागरिकों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक मंचों पर स्पष्टता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनके अनुसार, पहली बार भारत ने खुलकर कहा कि 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते' और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की किसी भी घटना को 'एक्ट ऑफ वॉर' माना जाएगा।

वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती साख

भाजपा नेता ने दावा किया कि जी-7 समेत कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के प्रधानमंत्री को प्रमुख स्थान मिलता है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का उदाहरण देते हुए कहा कि जब दुनिया के कई जहाजों को रोका गया था, तब भारतीय तिरंगे वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया गया। वल्लभ के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के 30 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुके हैं। इसके अलावा, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान और अन्य देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) भी भारत की सक्रिय विदेश नीति के प्रमाण हैं।

प्रणब मुखर्जी प्रसंग और कांग्रेस पर सवाल

वल्लभ ने शर्मिष्ठा मुखर्जी के दावे का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक रहे प्रणब मुखर्जी की पुत्री स्वयं यह स्वीकार कर रही हैं कि देश की जनता ने पीएम मोदी को नेतृत्व के लिए चुना है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस पर कांग्रेस पार्टी चुप क्यों है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कांग्रेस यह मानती है कि प्रणब मुखर्जी भाजपा या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्थक थे। उनका कहना था कि कांग्रेस पार्टी में जो भी व्यक्ति सच बोलता है, उसे हाशिये पर धकेल दिया जाता है।

राहुल गांधी पर निशाना

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए वल्लभ ने कहा कि वह अक्सर प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर सवाल उठाते हैं, जबकि उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठतम नेता की पुत्री मोदी की जनस्वीकृति को रेखांकित कर रही हैं। उन्होंने तर्क दिया कि लोकतंत्र में जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए और प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियाँ करना अप्रत्यक्ष रूप से जनादेश पर सवाल उठाना है। वल्लभ ने दावा किया कि यही रवैया कांग्रेस की लगातार तीन लोकसभा चुनावों में हार का कारण है और यदि यह जारी रहा तो पार्टी अगले 30 आम चुनावों में भी हार का सामना करती रहेगी।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब गाजा संघर्ष को लेकर भारतीय राजनीति में विदेश नीति की दिशा पर बहस तेज हो रही है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि किसी एक पक्ष की। सोनिया गांधी की टिप्पणी को 'तुष्टीकरण' कहना भाजपा की चुनावी भाषा है, कूटनीतिक विश्लेषण नहीं। शर्मिष्ठा मुखर्जी के दावे को लेकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश रणनीतिक है, लेकिन इससे गाजा पर भारत की नीति का कोई स्पष्टीकरण नहीं मिलता। असली सवाल यह है कि जब वैश्विक स्तर पर मानवीय संकट गहराया हो, तब भारत की सक्रिय भूमिका क्या रही — यह बहस इस बयानबाजी में दब गई।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौरव वल्लभ ने सोनिया गांधी की गाजा टिप्पणी पर क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि भारत की विदेश नीति किसी राजनीतिक दिखावे या तुष्टीकरण पर नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। उन्होंने सोनिया गांधी की गाजा-संबंधी टिप्पणी को राजनीति से प्रेरित बताया।
शर्मिष्ठा मुखर्जी ने प्रणब मुखर्जी के बारे में क्या दावा किया था?
शर्मिष्ठा मुखर्जी ने दावा किया था कि उनके पिता और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, नरेंद्र मोदी को भारत का पहला सीधे तौर पर चुना गया प्रधानमंत्री मानते थे। इस दावे पर भाजपा ने कांग्रेस की चुप्पी को निशाने पर लिया।
भाजपा ने भारत की विदेश नीति की सफलता के क्या उदाहरण दिए?
भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग मिलने, प्रधानमंत्री मोदी को 30 से अधिक देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान और EU, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, UAE समेत कई देशों के साथ FTA को सफल विदेश नीति के प्रमाण के रूप में पेश किया।
गौरव वल्लभ ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
वल्लभ ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियाँ करके अप्रत्यक्ष रूप से देश की जनता के जनादेश पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यही रवैया कांग्रेस की लगातार तीन लोकसभा चुनावों में हार का प्रमुख कारण है।
भारत की विदेश नीति पर कांग्रेस और भाजपा में विवाद क्यों है?
गाजा संघर्ष पर सोनिया गांधी की टिप्पणी के बाद यह विवाद सामने आया, जिसमें कांग्रेस ने भारत सरकार के रुख पर सवाल उठाए और भाजपा ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया। दोनों पार्टियों के बीच विदेश नीति की दिशा को लेकर यह बहस नई नहीं है, लेकिन गाजा संकट के बीच यह और तीखी हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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