क्या केंद्र सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया? प्रियंका गांधी का बयान

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क्या केंद्र सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया? प्रियंका गांधी का बयान

सारांश

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार की आलोचना की है कि उसने संयुक्त राष्ट्र के गाजा प्रस्ताव पर विचार नहीं किया। उन्होंने इसे शर्मनाक और निराशाजनक बताया है। क्या यह सही है?

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया।
प्रियंका गांधी ने इस निर्णय को शर्मनाक कहा।
गाजा में नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा महत्वपूर्ण है।
इजरायल में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
हमारी सरकार के निर्णयों पर सवाल उठाना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 14 जून (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र के गाजा से संबंधित प्रस्ताव पर विचार न करने के लिए केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इस निर्णय को शर्मनाक और निराशाजनक बताया।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह शर्मनाक और निराशाजनक है कि हमारी सरकार ने गाजा में नागरिकों की सुरक्षा, कानूनी और मानवीय दायित्वों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर विचार नहीं करने का निर्णय लिया है। 60,000 लोग, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं, वे पहले ही मारे जा चुके हैं और एक पूरी आबादी को बंधक बनाकर भूख से मारा जा रहा है। लेकिन, हम कोई कदम उठाने से इनकार कर रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "यह हमारी औपनिवेशिक-विरोधी विरासत का दुखद उलटफेर है। वास्तव में, न केवल हम नेतन्याहू द्वारा पूरे देश को नष्ट किए जाने पर चुप खड़े हैं, बल्कि हम उनकी सरकार द्वारा ईरान पर हमला किए जाने और उसके नेतृत्व की हत्या के प्रयासों पर खुशी मना रहे हैं, जो उसकी संप्रभुता का घोर उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय नियमों की पूर्ण अवमानना है।"

प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार से सवाल पूछते हुए कहा, "हम, एक राष्ट्र के रूप में अपने संविधान के मूल्यों और स्वतंत्रता संग्राम के सिद्धांतों को कैसे त्याग सकते हैं, जिन्होंने शांति और मानवता पर आधारित अंतरराष्ट्रीय मंच का मार्ग प्रशस्त किया था? इसका कोई औचित्य नहीं है। सच्चा वैश्विक नेतृत्व न्याय की रक्षा करने के साहस की मांग करता है, भारत ने अतीत में यह साहस निरंतर दिखाया है।"

उन्होंने कहा, "एक तेजी से विभाजनकारी दुनिया में हमें मानवता के लिए अपनी आवाज को फिर से उठाना होगा और सत्य व अहिंसा के लिए निडर होकर खड़ा होना होगा।"

बता दें कि इजरायल-ईरान में बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को इजरायल में आवासीय इमारतों पर मिसाइल हमले किए गए, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। इनके अलावा 34 लोग घायल हो गए।

इस बीच, सुरक्षा परिषद ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के शीर्ष अधिकारी को चेतावनी दी है कि न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमलों के 'गंभीर परिणाम' हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम हमेशा राष्ट्र के हित को प्राथमिकता दें। प्रियंका गांधी की चिंताएं सही हैं, लेकिन हमें यह समझना होगा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दे जटिल होते हैं और सरकार का निर्णय भी विचारों पर आधारित होता है, जो पूरे देश के लिए सर्वोत्तम होता है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार की किस बात की आलोचना की?
उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना की कि उसने संयुक्त राष्ट्र के गाजा से जुड़े प्रस्ताव पर विचार नहीं किया।
प्रियंका गांधी ने इस निर्णय को कैसे वर्णित किया?
प्रियंका गांधी ने इस निर्णय को शर्मनाक और निराशाजनक बताया।
इजरायल में हालात क्या हैं?
इजरायल में हालात तनावपूर्ण हैं, जहां हाल ही में मिसाइल हमले हुए हैं, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और 34 लोग घायल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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