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क्या बिल को जल्दबाजी में पास करना गलत और संदिग्ध है? : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा

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क्या बिल को जल्दबाजी में पास करना गलत और संदिग्ध है? : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा

सारांश

प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर जल्दबाजी में बिल पास करने और प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह गलत और संदिग्ध है। विपक्ष के नेताओं ने भी सरकार से गंभीर मुद्दों पर चर्चा की मांग की है।

मुख्य बातें

जल्दबाजी में बिल पास करना गलत है।
सरकार को प्रदूषण पर चर्चा करनी चाहिए।
विपक्ष ने हंगामा किया है।
गरीबों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
संसद में गंभीर मुद्दों पर चर्चा का अभाव है।

नई दिल्ली, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रियंका गांधी ने मनरेगा के नाम में बदलाव को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी जल्दबाजी में बिल पास करना गलत है और इसमें कुछ गड़बड़ लगती है। इसके अलावा, उन्होंने संसद में प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा न होने पर भी नाराजगी जताई। प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार को प्रदूषण जैसे गंभीर विषय पर चर्चा करनी चाहिए थी।

कांग्रेस सांसद का यह बयान उस समय आया है, जब गुरुवार को विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल राज्यसभा से पास हो गया। इस बिल को लेकर विपक्षी सांसद जोरदार हंगामा कर रहे हैं।

नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "मुझे यह समझ नहीं आ रहा है। सदन इतने दिनों से चल रहा है, लेकिन पिछले दो दिनों में आप 4-5 बिल लाए और उन्हें जल्दबाजी में पास कर दिया। यह गलत और सवाल उठाने वाला है।"

संसद में प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि चर्चा होनी चाहिए थी। हम लोगों ने अनुरोध भी किया है कि अगले सेशन में हम लोग इस पर चर्चा कर लें। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि सरकार प्रदूषण पर चर्चा करवाएगी।"

मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी बिल किए जाने पर कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से कहती रही है कि हमें गरीबों के साथ खड़ा होना चाहिए। इसलिए गरीबों को अधिकार दिए गए थे ताकि वे काम मांग सकें और उन्हें कानूनी तौर पर काम देना ही पड़ता है। लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि केंद्र सरकार जो भी, जितनी भी रकम देने का फैसला करती है, उसे ही आखिरी मान लिया जाता है। इस तरह गरीबों को भुला दिया जाता है।

राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि इस तरह से कोई बिल पास नहीं होता। लोकतंत्र ऐसे काम नहीं करता। उन्होंने कृषि कानूनों की प्रक्रिया में भी हमारी बात नहीं सुनी। हम बेबस थे और उन्होंने अपनी मर्ज़ी से इसे पास कर दिया। लेकिन जब जनता सड़क पर जागती हैं तो संसद को खामोश कर देती है।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने प्रदूषण के मुद्दे पर कहा कि सरकार जिम्मेदार है, सरकार की मंशा नहीं थी कि चर्चा हो, हम चाहते थे कि प्रदूषण पर चर्चा होनी चाहिए। प्रदूषण से देश और राजधानी की हालत कैसी है, सभी को पता है। बच्चों के लिए काफी समस्या हो रही है, बुजुर्गों को भी दिक्कतें आ रही हैं, सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। हर साल प्रदूषण के मुद्दे पर कोई कारगर कदम सरकार की ओर से नहीं उठाए जा रहे हैं। आज चर्चा हो सकती थी, लेकिन सदन को स्थगित कर दिया गया। सरकार ने पूरा सेशन को टाल दिया है। प्रदूषण पर चर्चा नहीं हो पाई, इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि किसी भी सरकार को गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए खुला रहना चाहिए। प्रदूषण जैसे विषयों पर चर्चा न कर पाना केवल राजनीतिक नाकामी नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में भी एक बड़ी चूक है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका गांधी ने बिल पास करने पर क्या कहा?
प्रियंका गांधी ने कहा कि इतनी जल्दबाजी में बिल पास करना गलत है और इसमें कुछ गड़बड़ लगती है।
क्या संसद में प्रदूषण पर चर्चा होनी चाहिए?
हां, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने कहा कि प्रदूषण जैसे गंभीर विषय पर चर्चा होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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