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क्या प्रियंका गांधी ने इजरायल पर हमले को जघन्य अपराध बताया?

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क्या प्रियंका गांधी ने इजरायल पर हमले को जघन्य अपराध बताया?

सारांश

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इजरायल द्वारा अल-जजीरा के पत्रकारों की हत्या को जघन्य अपराध करार दिया है। उन्होंने भारत सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। जानिए इस मामले में उनकी राय और इजरायल के हमले की पृष्ठभूमि।

मुख्य बातें

इजरायल के हमले में 5 पत्रकारों की हत्या को जघन्य अपराध माना गया।
प्रियंका गांधी ने भारत सरकार की चुप्पी की आलोचना की।
इजरायल का दावा है कि पत्रकारों में से एक आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था।
मानवाधिकारों का उल्लंघन एक गंभीर मुद्दा है।
पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता का सम्मान अत्यंत आवश्यक है।

नई दिल्ली, 12 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इजरायल द्वारा किए गए हमले में अल-जजीरा के 5 पत्रकारों की हत्या को जघन्य अपराध करार दिया है। उन्होंने कहा कि इजरायल नरसंहार कर रहा है। प्रियंका वाड्रा ने इस संबंध में भारत सरकार पर भी सवाल उठाए।

प्रियंका वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "अल जजीरा के 5 पत्रकारों की निर्मम हत्या फिलिस्तीनी धरती पर किया गया एक और जघन्य अपराध है। जो लोग सत्य के लिए खड़े होने का हिम्मत करते हैं, उनका असीम साहस इजरायल की हिंसा और घृणा से कभी नहीं टूटेगा। ऐसी दुनिया में जहां अधिकांश मीडिया सत्ता और व्यापार का गुलाम है, इन बहादुर आत्माओं ने हमें याद दिलाया कि सच्ची पत्रकारिता क्या होती है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।"

प्रियंका वाड्रा ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "इजरायल नरसंहार कर रहा है। उसने 60,000 से ज्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे थे। उसने सैकड़ों लोगों को भूख से मार डाला है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं और लाखों लोगों को भूख से मरने की धमकी दे रहा है।"

भारत सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद ने लिखा, "चुप रहकर और निष्क्रियता से इन अपराधों को बढ़ावा देना अपने आप में एक अपराध है। यह शर्मनाक है कि भारत सरकार चुप बैठी है, जबकि इजरायल फिलिस्तीन के लोगों पर यह तबाही मचा रहा है।"

हालांकि, 5 पत्रकारों की मौत पर इजरायल का दावा है कि अल-जजीरा का रिपोर्टर अनस अल-शरीफ हमास के एक आतंकी ग्रुप का प्रमुख था। इजरायल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने पुष्टि की कि उन्होंने शरीफ को निशाना बनाया था। अल-शरीफ अपने चार सहयोगियों, मोहम्मद कुरैकेह, इब्राहिम जहीर, मोअमेन अलीवा और मोहम्मद नौफल के साथ मारा गया।

आईडीएफ ने एक बयान में कहा कि शरीफ इजरायली नागरिकों और सेना पर रॉकेट हमलों को अंजाम दे रहा था। आईडीएफ ने दावा किया कि उनके पास ऐसे हमास दस्तावेज हैं, जो दिखाते हैं कि वह 2019 में समूह की एक इकाई में था।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का पालन किया जा सके।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका गांधी ने इजरायल के हमले पर क्या कहा?
प्रियंका गांधी ने इजरायल के हमले में पत्रकारों की हत्या को जघन्य अपराध बताया और कहा कि इजरायल नरसंहार कर रहा है।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया क्या है?
प्रियंका गांधी ने भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे शर्मनाक बताया है।
इजरायल ने पत्रकारों की हत्या का क्या दावा किया?
इजरायल का दावा है कि मारे गए पत्रकारों में से एक हमास का प्रमुख था, जो इजरायली नागरिकों पर हमलों में शामिल था।
राष्ट्र प्रेस
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