क्या इजराइली राजदूत ने प्रियंका गांधी के बयान पर सवाल उठाए?

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क्या इजराइली राजदूत ने प्रियंका गांधी के बयान पर सवाल उठाए?

सारांश

भारत में इजरायल के राजदूत ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नरसंहार संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमास के आंकड़ों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी और इसका प्रभाव क्या हो सकता है।

मुख्य बातें

रूवेन अजार ने प्रियंका के आरोपों का कड़ा जवाब दिया।
हमास के आंकड़े विश्वसनीय नहीं हैं, ऐसा इजरायली राजदूत का कहना है।
प्रियंका गांधी ने इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
गाजा की जनसंख्या में 450% वृद्धि हुई है।

नई दिल्ली, 12 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के 'नरसंहार' संबंधी बयान पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि आपका कपट शर्मनाक है। हमें हमास के आंकड़ों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

बात यह है कि प्रियंका गांधी ने मंगलवार को इजरायल के हमले में अल-जजीरा के 5 पत्रकारों की मौत को जघन्य अपराध करार दिया था। उन्होंने कहा, "इजरायल नरसंहार कर रहा है। उसने 60,000 से अधिक लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल हैं। उसने सैकड़ों लोगों को भूख से मार डाला है, जिनमें कई बच्चे भी हैं, और लाखों लोगों को भूख से मरने की धमकी दे रहा है।"

प्रियंका के इस बयान पर इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "शर्मनाक तो आपका कपट है। इजरायल ने 25,000 हमास आतंकवादियों को समाप्त किया है। मानवीय जीवन का यह भयानक नुकसान हमास की घिनौनी योजनाओं का परिणाम है, जिसमें वे नागरिकों के पीछे छिपकर, सहायता के लिए या बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों पर गोलियां चलाते हैं और रॉकेट दागते हैं। इजरायल ने गाजा में 20 लाख टन खाद्य सामग्री भेजी, जबकि हमास उसे जब्त करने का प्रयास कर रहा है, जिससे भुखमरी उत्पन्न हो रही है।"

उन्होंने आगे कहा, "पिछले 50 वर्षों में गाजा की जनसंख्या 450 प्रतिशत बढ़ी है; वहां कोई नरसंहार नहीं हुआ है। हमास के आंकड़ों पर विश्वास मत कीजिए।"

कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बयान में कहा, "अल जजीरा के 5 पत्रकारों की निर्मम हत्या फिलिस्तीनी धरती पर किया गया एक और जघन्य अपराध है। जो लोग सत्य के लिए खड़े होने की हिम्मत करते हैं, उनका असीम साहस इजरायल की हिंसा और घृणा से कभी नहीं टूटेगा। ऐसी दुनिया में जहां अधिकांश मीडिया सत्ता और व्यापार का गुलाम है, इन बहादुरों ने हमें याद दिलाया कि सच्ची पत्रकारिता क्या होती है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें इस मुद्दे को निष्पक्षता से देखना चाहिए। दोनों पक्षों की बातें सुननी चाहिए और तथ्यों पर आधारित निष्कर्ष पर पहुँचने का प्रयास करना चाहिए।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका गांधी का बयान क्या था?
प्रियंका गांधी ने इजरायल के हमले में अल-जजीरा के 5 पत्रकारों की हत्या को जघन्य अपराध बताया और इजरायल पर नरसंहार का आरोप लगाया।
इजराइली राजदूत ने क्या कहा?
इजराइली राजदूत ने प्रियंका के बयान को शर्मनाक बताया और कहा कि हमास के आंकड़ों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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