सोनिया गांधी का डीके शिवकुमार को फोन, ‘सबको साथ लेकर चलें’ की सलाह; शपथ से पहले मिला आशीर्वाद
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने बुधवार, 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित डीके शिवकुमार को फोन कर शुभकामनाएँ दीं और उन्हें ‘सभी को साथ लेकर चलने’ की दो टूक सलाह दी। शिवकुमार के कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह बातचीत बेंगलुरु में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से कुछ ही घंटे पहले हुई।
मुख्य घटनाक्रम
बयान के मुताबिक, सोनिया गांधी ने शिवकुमार को शीर्ष पद ग्रहण करने पर बधाई देते हुए कर्नाटक का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने नए मुख्यमंत्री से पार्टी और सरकार दोनों को मज़बूत करने की दिशा में काम करने को कहा।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने शिवकुमार से कहा, ‘सभी को साथ लेकर चलें। मुझे पूरा विश्वास है कि आप कर्नाटक का सफलतापूर्वक नेतृत्व करेंगे। अपनी नई जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाएँ और और भी अधिक सफलता प्राप्त करते रहें।’
शिवकुमार की प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत में शिवकुमार ने कहा, ‘सोनिया गांधी ने आज सुबह मुझे फोन किया और अपनी शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने लंबे समय से मुझ पर भरोसा जताया है। मैं उनके इस नेक काम को आगे बढ़ाने का प्रयास करूँगा।’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे कर्नाटक की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन लेना जारी रखेंगे, जिन्होंने राज्य के लोगों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
शपथ ग्रहण के लिए लोक भवन रवाना होने से पहले शिवकुमार ने अपनी माता गौराम्मा का आशीर्वाद लिया, उनके पैर छुए और कुछ हल्के-फुल्के पल बिताए — एक ऐसी तस्वीर जो उनके लंबे राजनीतिक संघर्ष के बाद के भावनात्मक क्षण को दर्शाती है।
क्यों मायने रखती है यह सलाह
‘सबको साथ लेकर चलने’ की सलाह सीधे तौर पर कर्नाटक कांग्रेस के भीतर महीनों से चल रहे आंतरिक खींचतान की पृष्ठभूमि में आई है, जहाँ शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया खेमों के बीच नेतृत्व को लेकर असहमति खुलकर सामने आती रही है। गौरतलब है कि गांधी परिवार का यह संदेश पार्टी के भीतर गुटीय असंतोष को थामने का एक रणनीतिक संकेत माना जा रहा है।
सिद्दारमैया को सीडब्ल्यूसी में जगह
इसी बीच, एआईसीसी महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) का सदस्य नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। सुरजेवाला ने उन्हें पार्टी की ‘बड़ी ताकत’ बताते हुए कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन का अनुभव, सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास संगठन को और मज़बूत करेगा।
सुरजेवाला ने कहा, ‘कांग्रेस कार्यकारी समिति के सदस्य के रूप में नियुक्त होने पर सिद्दारमैया को हार्दिक बधाई। सार्वजनिक जीवन में उनका विशाल अनुभव, सामाजिक न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और संवैधानिक मूल्यों में उनका अडिग विश्वास पार्टी और उसके वैचारिक संघर्ष को और मजबूत करेगा।’
उन्होंने जोड़ा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय के विस्तार और महँगाई से प्रभावित आम लोगों के कल्याण के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
आगे क्या
शिवकुमार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण के बाद अब निगाहें मंत्रिपरिषद के विस्तार, विभागों के बँटवारे और सिद्दारमैया खेमे के साथ संतुलन साधने पर टिकी हैं। पार्टी के लिए असली परीक्षा अब केवल सत्ता संभालने की नहीं, बल्कि उसे एकजुट चेहरा देने की होगी।