डीके शिवकुमार बने कर्नाटक के नए CM, कांग्रेस नेताओं ने दी बधाई; 2028 में सत्ता वापसी का दावा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद कर्नाटक, केरल और महाराष्ट्र के कांग्रेसी तथा विपक्षी नेताओं ने उन्हें बधाई संदेश भेजे हैं। नेताओं ने उम्मीद जताई कि नई सरकार राज्य की जनता के हित में काम करेगी और 2028 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करेगी।
महिला कांग्रेस की प्रतिक्रिया
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की महासचिव सौम्या रेड्डी ने नए मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा, ‘हम सभी बहुत उत्साहित हैं और मैंने डी.के. सर को बचपन से देखा है। मैं उन्हें और हम सभी को बधाई देना चाहती हूं। कर्नाटक में सभी वरिष्ठ, कनिष्ठ और सिद्दारमैया सर के मार्गदर्शन में शानदार शासन होगा। हम इसे जारी रखेंगे और जनता के आशीर्वाद से हम 2028 में भी सत्ता में वापस आएंगे।’
सांसदों और वरिष्ठ नेताओं की राय
कांग्रेस सांसद प्रियंका जारकीहोली ने कहा, ‘हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन हमें सिद्दारमैया को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने तीन वर्षों तक सुशासन दिया है। हम उन्हें भी शुभकामनाएं देते हैं और नए मुख्यमंत्री के साथ-साथ उनके मार्गदर्शन में काम करना चाहेंगे। राज्य के लिए उनकी सभी नई नीतियों का हमें बेसब्री से इंतजार है।’
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा, ‘डीके शिवकुमार एक सक्षम नेता हैं। मैं उन्हें पिछले 40 वर्षों से जानता हूं। उनके नेतृत्व में कर्नाटक को सुशासन मिलेगा और राज्य प्रगति और समृद्धि की ओर अग्रसर होगा। वे कार्य कर सकते हैं। मुझे लगता है कि वे दो साल बाद फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।’
हाई कमांड का फैसला और पृष्ठभूमि
हैदराबाद में कांग्रेस नेता वी. हनुमंत राव ने कहा, ‘काफी दिनों से पीसीसी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार को लेकर संघर्ष चल रहा था। आखिरकार, हाई कमांड ने सिद्दारमैया को हटाने का फैसला लिया है, क्योंकि उन्होंने हाई कमांड का कार्यभार स्वीकार कर लिया था। इसलिए, उन्हें सीडब्ल्यूसी कार्यकारी समिति में शामिल कर दिया गया है। अगले मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार हैं। निश्चित रूप से दोनों अपने-अपने पदों पर बने रहेंगे। चुनाव पूर्व किए गए वादों के बावजूद वे जनता के हित में कल्याणकारी कार्यक्रम अवश्य चलाएंगे।’
नागपुर में कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने शिवकुमार को ‘जुझारू नेता’ बताते हुए कहा, ‘जब भी पार्टी को कर्नाटक में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, डीके शिवकुमार ने हमेशा कांग्रेस को आगे बढ़ने में मदद की है। शिवकुमार ने कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा से कभी समझौता नहीं किया। वे हमेशा कहते रहे हैं, मैं जेल जाना पसंद करूंगा, लेकिन भाजपा में शामिल नहीं होऊंगा। मुझे खुशी है कि ऐसा जुझारू नेता आज कर्नाटक का मुख्यमंत्री बन रहा है।’
विपक्ष का तीखा हमला
भाजपा सांसद बृजेश चौटा ने नई सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मैं नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को शुभकामनाएं देता हूं। लेकिन हम यही आशा करते हैं कि कांग्रेस अपनी रणनीति में सुधार करे और कर्नाटक के हित में काम करे। अपने आंतरिक कलह, समस्याओं और भ्रष्टाचार को कर्नाटक में जारी न रहने दें।’
पटना में JDU सांसद संजय कुमार झा ने कहा, ‘कर्नाटक में जो हुआ, उससे पता चलता है कि वहां उस पार्टी का कुछ भी अस्तित्व नहीं बचा था। उनके पैरों तले से ज़मीन खिसक चुकी थी, यह उनके खराब प्रदर्शन को दर्शाता है।’
आगे क्या
नई सरकार के सामने 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव-पूर्व गारंटियों को पूरा करने और पार्टी के भीतर गुटीय संतुलन बनाए रखने की दोहरी चुनौती है। शिवकुमार के नेतृत्व में मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे पर सबकी निगाहें टिकी हैं।