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कर्नाटक उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर का ऐलान: किसानों और भूमि अधिकारों को मिलेगा न्याय, गृह मंत्री कार्यकाल में शांति बनाए रखना सबसे बड़ी उपलब्धि

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कर्नाटक उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर का ऐलान: किसानों और भूमि अधिकारों को मिलेगा न्याय, गृह मंत्री कार्यकाल में शांति बनाए रखना सबसे बड़ी उपलब्धि

सारांश

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने तुमकुर में दो बड़े दावे किए — किसानों और भूमि विवादों को न्याय दिलाना उनकी पहली प्राथमिकता है, और गृह मंत्री रहते तीन साल में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। साथ ही, उन्होंने ईंधन मूल्यवृद्धि के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

मुख्य बातें

जी परमेश्वर ने 7 जून 2026 को तुमकुर में कहा कि किसानों और भूमि अधिकारों से जुड़े लंबित मामलों का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
उन्होंने दावा किया कि गृह मंत्री के रूप में पिछले तीन वर्षों में कर्नाटक में कोई सांप्रदायिक झड़प या दंगा नहीं हुआ।
राजस्व विभाग में भूमि दस्तावेज़-रहित नागरिकों के मुद्दों पर भी विशेष ध्यान देने का आश्वासन दिया।
पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया; मध्य पूर्व संघर्ष को बहाना बताया।
परमेश्वर ने कहा कि ईंधन मूल्यवृद्धि का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं, सरकार को खुद वहन करना चाहिए था।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने 7 जून 2026 को तुमकुर में स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग का नेतृत्व संभालते हुए उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों और भूमि अधिकारों से जुड़े लंबित मामलों का समाधान करना होगी। साथ ही, उन्होंने गृह मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में तीन वर्षों तक कर्नाटक में किसी भी सांप्रदायिक झड़प या दंगे को न होने देने को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।

राजस्व विभाग की चुनौतियाँ और किसानों के लिए प्राथमिकताएँ

परमेश्वर ने स्वीकार किया कि राजस्व विभाग के सामने अभी कई लंबित मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री ने भी उल्लेखनीय काम किया और कुछ ऐसे बदलाव किए जो भारत में पहली बार देखने को मिले। उन्होंने कहा, 'मैं मौजूदा परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रहा हूँ और निश्चित रूप से राज्य के कई किसानों को न्याय दिलाने के लिए काम करूँगा।'

परमेश्वर ने यह भी जोड़ा कि जो लोग जमीन और संपत्ति के अधिकार संबंधी विवादों का सामना कर रहे हैं, उनके मामलों को सुलझाने और उनके हितों की रक्षा करना उनका लक्ष्य होगा। गौरतलब है कि कर्नाटक में भूमि विवाद और राजस्व रिकॉर्ड की अनियमितताएँ लंबे समय से किसानों के लिए बड़ी समस्या रही हैं।

गृह मंत्री कार्यकाल: कानून-व्यवस्था पर दावा

राज्य के गृह मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए परमेश्वर ने कहा कि शांति बनाए रखना उनका सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य था। उन्होंने दावा किया, 'पिछले तीन वर्षों में राज्य में कोई सांप्रदायिक झड़प या दंगा नहीं हुआ और हम कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कामयाब रहे।' यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएँ सामने आती रही हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि राजस्व विभाग में किसानों की समस्याओं के अलावा उन लोगों के मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाएगा जिनके पास अपनी जमीन या संपत्ति पर अधिकार संबंधी दस्तावेज़ नहीं हैं।

केंद्र सरकार पर ईंधन मूल्यवृद्धि को लेकर निशाना

परमेश्वर ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उनका कहना था कि सरकार मध्य पूर्व में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, 'सरकार को डीजल, पेट्रोल और गैस की बढ़ती कीमतों का बोझ खुद वहन करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय यह बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है, जो सही तरीका नहीं है।' आलोचकों का कहना है कि लोगों को अब यह समझ में आने लगा है कि केंद्र सरकार वित्तीय प्रबंधन के मामले में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर रही।

आगे क्या होगा

परमेश्वर के इन बयानों से स्पष्ट है कि नए राजस्व मंत्री के रूप में उनका ध्यान किसानों की भूमि-संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान पर केंद्रित रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और भूमि विवाद निपटान तंत्र को मज़बूत किए बिना इन लक्ष्यों को हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा। कर्नाटक सरकार की आगामी नीतिगत घोषणाओं पर किसान संगठनों की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कर्नाटक में भूमि विवादों की जड़ें राजस्व रिकॉर्ड की पुरानी अनियमितताओं में हैं — जिन्हें केवल इरादे से नहीं, बल्कि ठोस प्रशासनिक सुधार से सुलझाया जा सकता है। गृह मंत्री कार्यकाल में 'शून्य सांप्रदायिक दंगे' का दावा राजनीतिक रूप से मज़बूत है, लेकिन विपक्ष इसे चुनौती दे सकता है। ईंधन मूल्यवृद्धि पर केंद्र पर हमला कांग्रेस की राष्ट्रीय लाइन के अनुरूप है, परंतु राज्य सरकार की अपनी कर-नीति पर भी सवाल उठते हैं जिनका जवाब देना बाकी है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी परमेश्वर कर्नाटक में किसानों के लिए क्या करने का वादा कर रहे हैं?
उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि राजस्व विभाग में किसानों और भूमि अधिकारों से जुड़े लंबित मामलों का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही जिन लोगों के पास जमीन या संपत्ति के अधिकार संबंधी दस्तावेज़ नहीं हैं, उनके हितों की रक्षा का भी आश्वासन दिया गया है।
परमेश्वर ने गृह मंत्री के रूप में अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या बताई?
परमेश्वर ने दावा किया कि गृह मंत्री के तौर पर पिछले तीन वर्षों में कर्नाटक में कोई सांप्रदायिक झड़प या दंगा नहीं हुआ और राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सफलता मिली। उन्होंने इसे अपने कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
परमेश्वर ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार को क्यों घेरा?
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मध्य पूर्व में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों का हवाला देकर ईंधन मूल्यवृद्धि की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, यह बोझ उपभोक्ताओं पर डालने की बजाय सरकार को खुद वहन करना चाहिए था।
कर्नाटक के राजस्व विभाग में अभी कौन-सी प्रमुख चुनौतियाँ हैं?
परमेश्वर के अनुसार राजस्व विभाग के सामने कई लंबित मुद्दे हैं, जिनमें किसानों के भूमि विवाद और उन नागरिकों की समस्याएँ शामिल हैं जिनके पास संपत्ति के अधिकार संबंधी दस्तावेज़ नहीं हैं। उन्होंने माना कि पूर्व मंत्री ने कुछ ऐतिहासिक बदलाव किए, लेकिन अभी भी काफी काम बाकी है।
जी परमेश्वर अब कर्नाटक में कौन-सा विभाग संभाल रहे हैं?
जी परमेश्वर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री हैं और अब राजस्व विभाग का कार्यभार संभाल रहे हैं। इससे पहले वे राज्य के गृह मंत्री के रूप में कार्यरत थे।
राष्ट्र प्रेस
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