कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे: सिद्दारमैया ने तुमकुरु में 'साधना समावेश' में गिनाईं उपलब्धियाँ
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने 19 मई 2026 को कहा कि राज्य में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के नेतृत्व वाली सरकार ने सत्ता में आने से पहले जनता से किए गए सभी प्रमुख वादे पूरे किए हैं। तुमकुरु में आयोजित तीन वर्षीय वर्षगाँठ समारोह 'साधना समावेश' से पूर्व जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने पाँच गारंटी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।
पाँच गारंटियाँ और उनका क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने बताया कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर के नेतृत्व में अपना घोषणापत्र तैयार किया था, जिसमें जनकल्याण और विकास को केंद्र में रखते हुए पाँच गारंटी योजनाएँ शामिल की गई थीं। उन्होंने दावा किया कि पदभार संभालने के एक वर्ष के भीतर ही इन सभी पाँचों गारंटियों को प्रभावी ढंग से लागू कर दिया गया।
सिद्दारमैया के अनुसार, इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन ने उन आलोचकों को गलत साबित कर दिया जो यह तर्क दे रहे थे कि गारंटी योजनाओं का राज्य की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता की आकांक्षाओं के प्रति अपनी जवाबदेही बरकरार रखी है।
राजस्व और भूमि अधिकार: मुख्य घटनाक्रम
राजस्व विभाग की पहलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने 'पौथी खाता' और 'बारकास्ट पोडी' जैसी संपत्ति-संबंधी सेवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। 'साधना समावेश' कार्यक्रम में लगभग 1.52 लाख लाभार्थियों को भूमि स्वामित्व के दस्तावेज (पट्टे) वितरित किए जाने की योजना है।
इसके अतिरिक्त, लगभग 1.40 लाख लाभार्थियों को संपत्ति के दस्तावेज, राजस्व ग्रामों से संबंधित लाभ और पेंशन योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा। कार्यक्रम के दौरान ₹662 करोड़ की परियोजनाओं और योजनाओं का उद्घाटन तथा आधारशिला रखी जाएगी।
तुमकुरु में 'साधना समावेश': भव्य आयोजन
तुमकुरु में आयोजित इस राज्य-स्तरीय सम्मेलन में दो लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य के विभिन्न जिलों से लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुँचाने के लिए लगभग 4,000 बसों की व्यवस्था की गई है।
सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कैबिनेट मंत्री, विधायक, सांसद और अनेक वरिष्ठ नेता भाग लेंगे। सिद्दारमैया ने जनता को बड़ी संख्या में इस समारोह में भाग लेने का आमंत्रण दिया।
आम जनता पर असर
यह आयोजन केवल एक राजनीतिक उत्सव नहीं है — इसमें भूमि अधिकार, पेंशन और राजस्व सेवाओं से जुड़े लाखों लाभार्थियों को सीधे दस्तावेज और लाभ वितरित किए जाएँगे। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में 2028 के विधानसभा चुनावों की आहट धीरे-धीरे सुनाई देने लगी है और सरकार अपनी जनकल्याण योजनाओं को जनता के बीच रेखांकित करने में जुटी है।
आगे देखें तो 'साधना समावेश' जैसे आयोजन कांग्रेस की राज्य-स्तरीय राजनीतिक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं, जिसमें शासन की उपलब्धियों को सीधे जनता तक पहुँचाने पर जोर दिया जा रहा है।