सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मणिपुर में सुरक्षा समीक्षा की, 46 उग्रवादियों के आत्मसमर्पण के बाद ऑपरेशनल तैयारी जाँची
सारांश
मुख्य बातें
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 28 जुलाई 2026 को मणिपुर का दौरा कर राज्य की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा की। भारतीय सेना की 'स्पीयर कोर' की परिचालन यात्रा के अंतर्गत पहुँचे जनरल सेठ को राज्य में सुरक्षा हालात, सक्रिय ऑपरेशनल गतिविधियों और विभिन्न सैन्य संरचनाओं की युद्धक तैयारियों पर विस्तृत ब्रीफिंग दी गई। यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब मणिपुर में शांति प्रक्रिया को हाल ही में एक उल्लेखनीय सफलता मिली है।
ऑपरेशनल ब्रीफिंग और समीक्षा
मणिपुर प्रवास के दौरान जनरल धीरज सेठ को असम राइफल्स (दक्षिण), असम राइफल्स (पूर्व) के महानिरीक्षकों और रेड शील्ड डिवीजन की ऑपरेशनल तैयारियों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं। वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों से भी सेना प्रमुख को अवगत कराया।
राष्ट्र निर्माण प्रयासों की भी समीक्षा
जनरल सेठ ने केवल सुरक्षा पहलुओं तक अपनी समीक्षा सीमित नहीं रखी। उन्होंने विभिन्न सैन्य संरचनाओं और असम राइफल्स द्वारा संचालित राष्ट्र निर्माण संबंधी पहलों का भी जायज़ा लिया। इनमें क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे कार्यक्रम शामिल हैं।
जवानों से मुलाकात और संदेश
सेना प्रमुख ने मणिपुर में तैनात जवानों से सीधे मुलाकात की। उन्होंने जवानों को हर समय सतर्क रहने, ऑपरेशनल दृष्टि से चुस्त-दुरुस्त बने रहने और भविष्य में उभरने वाली सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने जवानों से पूरी प्रतिबद्धता और पेशेवर दक्षता के साथ क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखने के प्रयासों में अपनी भूमिका निभाने का आग्रह किया।
46 उग्रवादियों का आत्मसमर्पण — हालिया बड़ी उपलब्धि
गौरतलब है कि इस दौरे से ठीक एक सप्ताह पहले, 21 जुलाई 2026 को मणिपुर में शांति प्रक्रिया को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली थी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपुल्स वॉर ग्रुप) के 46 सक्रिय उग्रवादियों ने इंफाल पूर्व जिले स्थित मण्ट्रीपुखरी गैरीसन में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पण के दौरान उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष 28 अत्याधुनिक हथियार जमा कराए, जिनमें एके राइफलें, 303 राइफलें, पिस्तौल, डबल बैरल और सिंगल बैरल बंदूकें, इंसास राइफल, सेल्फ लोडिंग राइफल, कार्बाइन मशीन गन और रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड लांचर शामिल थे। इसके अतिरिक्त बड़ी मात्रा में मैगजीन, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी जमा कराई गई।
रक्षा मंत्रालय ने इस आत्मसमर्पण को इसलिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया क्योंकि इनमें से कोई भी उग्रवादी पहले हुए किसी शांति समझौते का हिस्सा नहीं था — सभी ने स्वेच्छा से हिंसा का मार्ग त्यागकर सामान्य नागरिक जीवन अपनाने का फैसला किया।
आगे की राह
जनरल सेठ का यह दौरा इस बात का संकेत है कि सेना मणिपुर में सुरक्षा स्थिति को शीर्ष प्राथमिकता दे रही है। हाल के आत्मसमर्पण और ऑपरेशनल समीक्षाओं के बीच, अगले कुछ महीनों में राज्य में शांति प्रक्रिया की दिशा और गति पर सबकी नज़र बनी रहेगी।