भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की काठमांडू में नेपाल PM बालेन शाह से अहम मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को नेपाल की राजधानी काठमांडू में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से शिष्टाचार मुलाकात की। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि की है, जिसमें दोनों देशों के आपसी हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुलाकात की पृष्ठभूमि
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने एक दिन पहले सोमवार को काठमांडू में एक विशेष समारोह में जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के मानद जनरल की उपाधि से सम्मानित किया था। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री बालेन शाह वर्तमान में नेपाल के रक्षा मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे हैं, जिससे यह बैठक रक्षा कूटनीति के दृष्टिकोण से और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर ज़ोर
बैठक में भारत-नेपाल द्विपक्षीय रक्षा सहयोग केंद्रबिंदु रहा। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों ने मौजूदा रक्षा संबंधों को और सुदृढ़ करने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। दोनों देशों के साझा हितों — सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, संयुक्त अभ्यास और उच्चस्तरीय सैन्य यात्राओं — को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई।
नेपाली सेना कमांड एंड स्टाफ कॉलेज का दौरा
जनरल सेठ ने उसी दिन शिवपुरी स्थित नेपाली सेना कमांड एंड स्टाफ कॉलेज का भी दौरा किया। वहाँ उन्होंने संस्थान के शिक्षकों और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र अधिकारियों के साथ संवाद किया। जनरल सेठ ने पेशेवर सैन्य शिक्षा, बदलते सुरक्षा वातावरण में सैन्य नेतृत्व और समकालीन सुरक्षा चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। गौरतलब है कि इस कॉलेज में विभिन्न देशों के सैन्य अधिकारी भी प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, जिससे यह संवाद बहुपक्षीय सैन्य संपर्क को भी बल देता है।
भारत-नेपाल सैन्य परंपरा का प्रतीक
भारत और नेपाल के बीच एक दीर्घकालिक सैन्य परंपरा रही है, जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को अपनी सेना के मानद जनरल की उपाधि प्रदान करते हैं। यह परंपरा दोनों देशों के बीच गहरे सैन्य संबंधों और परस्पर विश्वास का प्रतीक मानी जाती है। भारत-नेपाल रक्षा संबंधों में सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, संयुक्त अभ्यास और रक्षा संस्थानों के बीच नियमित संपर्क प्रमुख स्तंभ हैं।
आगे की राह
जनरल सेठ की यह काठमांडू यात्रा भारत-नेपाल के सैन्य और कूटनीतिक संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय सैन्य आदान-प्रदान का यह क्रम आने वाले समय में द्विपक्षीय सहयोग की नई दिशाएँ तय करेगा।