30 जुलाई 2026
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अरुणाचल-नगालैंड बाढ़: PM मोदी ने 5 सांसदों को दिया पूर्ण केंद्रीय सहायता का भरोसा

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अरुणाचल-नगालैंड बाढ़: PM मोदी ने 5 सांसदों को दिया पूर्ण केंद्रीय सहायता का भरोसा

सारांश

अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में एक महीने से जारी बाढ़ के बीच PM मोदी ने 5 सांसदों से मुलाकात कर पूर्ण केंद्रीय सहायता का भरोसा दिया। भारतीय वायुसेना 300 से अधिक नागरिकों को बचा चुकी है और हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 30 जुलाई 2026 को संसद भवन में अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड के 5 सांसदों से मुलाकात कर पूर्ण केंद्रीय सहायता का भरोसा दिया।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने किया; तापिर गाओ, ताई तागक, एस.
सुपोंगमेरेन जमीर और एस.
फांगनोन कोन्याक शामिल थे।
भारतीय वायुसेना ने नगालैंड में 300 से अधिक फँसे नागरिकों को बचाया; दूरदराज के जिलों में हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अरुणाचल के लिए नुकसान आकलन, नए घर और फसल मुआवजे का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को स्थिति से पहले ही अवगत करा दिया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 जुलाई 2026 को संसद भवन, नई दिल्ली में अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड के पाँच सांसदों से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न संकट से निपटने के लिए दोनों राज्य सरकारों के साथ पूरी तरह समन्वय बनाए रखेगी और हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब पिछले एक महीने से अधिक समय से दोनों पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से जन-धन की भारी क्षति हो रही है।

बैठक का घटनाक्रम

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के नेतृत्व में पाँच सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल संसद भवन में प्रधानमंत्री से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में तापिर गाओ (लोकसभा, अरुणाचल प्रदेश), ताई तागक (राज्यसभा, अरुणाचल प्रदेश), एस. सुपोंगमेरेन जमीर (लोकसभा, नगालैंड) और एस. फांगनोन कोन्याक (राज्यसभा, नगालैंड) शामिल थे। एस. सुपोंगमेरेन जमीर को छोड़कर शेष सभी सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) से हैं।

PM मोदी और मंत्रियों के बयान

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, 'अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड के सांसदों से मुलाकात हुई। हमने बाढ़ के कारण इन राज्यों में बनी स्थिति पर बात की। केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर चुनौतियों से निपटने के लिए काम करती रहेगी। सभी के कुशल और सुरक्षित रहने की कामना करता हूँ।'

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों के लिए समय पर राहत, पुनर्स्थापन और सहायता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दे दिए हैं। अरुणाचल पूर्व लोकसभा सांसद तापिर गाओ ने भी एक्स पर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने सांसदों की चिंताएँ धैर्यपूर्वक सुनीं और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

बाढ़ की मौजूदा स्थिति और राहत अभियान

पिछले एक महीने से अधिक समय से नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में हैं। इन आपदाओं में कई लोगों की जान गई है और संपत्ति, बुनियादी ढाँचे, घरों तथा फसलों को व्यापक नुकसान पहुँचा है।

भारतीय वायुसेना नगालैंड सरकार के साथ समन्वय करते हुए भूस्खलन-प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान चला रही है। अब तक 300 से अधिक फँसे नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि क्षतिग्रस्त सड़क नेटवर्क के कारण कटे दूरदराज के जिलों में जरूरी राहत सामग्री हवाई मार्ग से पहुँचाई जा रही है।

केंद्रीय मंत्रियों का दौरा और सहायता का आश्वासन

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू हाल ही में बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय और हवाई सर्वेक्षण कर चुके हैं। शिवराज सिंह चौहान ने व्यापक केंद्रीय सहायता का आश्वासन देते हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कराने, घर बह जाने वाले परिवारों के लिए नए घर बनाने तथा फसल, कृषि भूमि व पशुधन के नुकसान के लिए मुआवजे का ऐलान किया।

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पहले ही स्पष्ट किया था कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से जल्द सामान्य स्थिति बहाल होगी और भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए वैज्ञानिक एवं दीर्घकालिक समाधान पर भी काम किया जाएगा।

आगे की राह

गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत हर मानसून सीजन में बाढ़ और भूस्खलन से जूझता है, लेकिन इस बार की तबाही का पैमाना असाधारण बताया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से राहत, पुनर्वास और दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे के पुनर्निर्माण की दिशा में उठाए जाने वाले कदम आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी बुनियादी ढाँचे की तैयारी और प्रारंभिक चेतावनी तंत्र पर सवाल हर बार उठते हैं। प्रधानमंत्री की सांसदों से मुलाकात और मंत्रियों के दौरे सहानुभूति की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि मुआवजा और पुनर्निर्माण कितनी तेज़ी से ज़मीन पर पहुँचता है। पिछले वर्षों में भी ऐसे आश्वासन दिए गए, पर दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी बनी रही। वैज्ञानिक और टिकाऊ समाधान की बात मुख्यमंत्री खांडू ने की है — यह देखना होगा कि यह वादा इस बार कागज़ से ज़मीन तक आता है या नहीं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने अरुणाचल-नगालैंड बाढ़ पर सांसदों से मुलाकात क्यों की?
30 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने संसद भवन में दोनों राज्यों के 5 सांसदों से मुलाकात कर बाढ़ की गंभीर स्थिति पर चर्चा की और केंद्रीय सहायता का भरोसा दिलाया। यह बैठक पिछले एक महीने से जारी बाढ़ और भूस्खलन से हो रही भारी तबाही के मद्देनज़र बुलाई गई।
नगालैंड और अरुणाचल में बाढ़ से कितना नुकसान हुआ है?
पिछले एक महीने से अधिक समय से दोनों राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से कई लोगों की जान गई है और संपत्ति, घरों, फसलों तथा बुनियादी ढाँचे को व्यापक क्षति पहुँची है। भारतीय वायुसेना अब तक 300 से अधिक फँसे नागरिकों को सुरक्षित निकाल चुकी है।
केंद्र सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या सहायता देगी?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नुकसान का विस्तृत आकलन कराने, घर बह जाने वाले परिवारों के लिए नए घर बनाने और फसल, कृषि भूमि व पशुधन के नुकसान के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने राहत, पुनर्स्थापन और सहायता के लिए आवश्यक निर्देश भी दे दिए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य कैसे चल रहा है?
भारतीय वायुसेना नगालैंड सरकार के साथ समन्वय कर भूस्खलन-प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चला रही है। क्षतिग्रस्त सड़क नेटवर्क के कारण कटे दूरदराज के जिलों में राहत सामग्री हवाई मार्ग से पहुँचाई जा रही है।
क्या अरुणाचल-नगालैंड बाढ़ के लिए दीर्घकालिक समाधान की योजना है?
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक समाधान पर काम किया जाएगा। केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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