असम बाढ़ पर PM मोदी ने सांसदों से की बैठक, केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में असम के सांसदों से मुलाकात कर राज्य में जारी भीषण बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लिया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा भी शामिल रहे।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'असम के सांसदों से मुलाकात की और राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। मैं सभी लोगों की सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।' सांसदों ने प्रधानमंत्री को बाढ़ प्रभावित ज़िलों की ज़मीनी स्थिति से अवगत कराया और बचाव, पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र से निरंतर सहयोग की माँग रखी।
असम में बाढ़ की स्थिति
भारी मानसूनी वर्षा के चलते असम के कई ज़िले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। बड़े इलाकों में पानी भर जाने से हज़ारों लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं और राज्य प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में दोबारा बाढ़ आने की आशंका बनी हुई है। अधिकारी तटबंधों की स्थिति और नदियों के जलस्तर पर लगातार नज़र रख रहे हैं।
राहत और बचाव कार्य
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) समेत कई केंद्रीय एजेंसियाँ राज्य प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ राहत सामग्री पहुँचाने का काम भी जारी है। असम सरकार प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल, दवाइयाँ और अन्य ज़रूरी सामान मुहैया करा रही है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कें, बिजली व्यवस्था और संचार सेवाएँ बहाल करने का काम भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर राहत और पुनर्वास सहायता पहुँचाने के लिए असम सरकार को हर ज़रूरी मदद दी जाती रहेगी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है और प्रभावित आबादी को तत्काल राहत की दरकार है।
आगे की राह
गौरतलब है कि असम हर मानसून सीज़न में बाढ़ की मार झेलता है और यह बैठक केंद्र-राज्य समन्वय को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की ओर से राहत पैकेज और अतिरिक्त संसाधनों की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है।