28 जुलाई 2026
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असम बाढ़ पर PM मोदी ने सांसदों से की बैठक, केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन

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असम बाढ़ पर PM मोदी ने सांसदों से की बैठक, केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने 28 जुलाई को असम के सांसदों से मुलाकात कर भीषण बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की और केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। NDRF समेत केंद्रीय एजेंसियाँ राहत-बचाव में जुटी हैं, जबकि रुक-रुककर हो रही बारिश से दोबारा बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 28 जुलाई 2026 को असम के सांसदों से मिलकर राज्य में बाढ़ की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा शामिल रहे।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर केंद्र-राज्य समन्वय की पुष्टि की और प्रभावित लोगों की सुरक्षा की कामना की।
NDRF समेत कई केंद्रीय एजेंसियाँ राज्य प्रशासन के साथ राहत और बचाव अभियान में लगी हैं।
रुक-रुककर हो रही बारिश से संवेदनशील इलाकों में दोबारा बाढ़ आने की आशंका बनी हुई है।
सांसदों ने बचाव, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र से निरंतर सहायता की माँग रखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में असम के सांसदों से मुलाकात कर राज्य में जारी भीषण बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लिया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा भी शामिल रहे।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'असम के सांसदों से मुलाकात की और राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। मैं सभी लोगों की सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।' सांसदों ने प्रधानमंत्री को बाढ़ प्रभावित ज़िलों की ज़मीनी स्थिति से अवगत कराया और बचाव, पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र से निरंतर सहयोग की माँग रखी।

असम में बाढ़ की स्थिति

भारी मानसूनी वर्षा के चलते असम के कई ज़िले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। बड़े इलाकों में पानी भर जाने से हज़ारों लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं और राज्य प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में दोबारा बाढ़ आने की आशंका बनी हुई है। अधिकारी तटबंधों की स्थिति और नदियों के जलस्तर पर लगातार नज़र रख रहे हैं।

राहत और बचाव कार्य

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) समेत कई केंद्रीय एजेंसियाँ राज्य प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ राहत सामग्री पहुँचाने का काम भी जारी है। असम सरकार प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल, दवाइयाँ और अन्य ज़रूरी सामान मुहैया करा रही है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कें, बिजली व्यवस्था और संचार सेवाएँ बहाल करने का काम भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर राहत और पुनर्वास सहायता पहुँचाने के लिए असम सरकार को हर ज़रूरी मदद दी जाती रहेगी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है और प्रभावित आबादी को तत्काल राहत की दरकार है।

आगे की राह

गौरतलब है कि असम हर मानसून सीज़न में बाढ़ की मार झेलता है और यह बैठक केंद्र-राज्य समन्वय को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की ओर से राहत पैकेज और अतिरिक्त संसाधनों की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दशकों की नीतिगत विफलता और ब्रह्मपुत्र बेसिन में अधूरे बुनियादी ढाँचे की कहानी कहती है। प्रधानमंत्री का एक्स पोस्ट और सांसदों से बैठक राजनीतिक संवेदनशीलता दर्शाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह संवाद दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना में तब्दील होगा या महज़ मौसमी आश्वासन बनकर रह जाएगा। NDRF की तैनाती और राहत शिविर तात्कालिक ज़रूरत हैं, पर स्थायी समाधान के लिए तटबंध सुदृढ़ीकरण, जल निकासी और पूर्व-चेतावनी प्रणाली में ठोस निवेश ज़रूरी है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने असम के सांसदों से बैठक क्यों की?
प्रधानमंत्री मोदी ने 28 जुलाई 2026 को असम के सांसदों से मुलाकात कर राज्य में भारी बारिश से आई भीषण बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लिया। बैठक का उद्देश्य केंद्र-राज्य समन्वय को मज़बूत करना और प्रभावित ज़िलों में राहत कार्यों की समीक्षा करना था।
असम बाढ़ में केंद्र सरकार क्या मदद कर रही है?
केंद्र सरकार ने NDRF समेत कई केंद्रीय एजेंसियाँ असम में तैनात की हैं जो राहत, बचाव और फंसे लोगों को निकालने का काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने असम सरकार को हरसंभव सहायता और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
असम में बाढ़ की मौजूदा स्थिति कैसी है?
भारी मानसूनी वर्षा के कारण असम के कई ज़िले बाढ़ की चपेट में हैं, बड़े इलाकों में पानी भरा है और हज़ारों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। रुक-रुककर हो रही बारिश से संवेदनशील क्षेत्रों में दोबारा बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
इस बैठक में कौन-कौन से केंद्रीय मंत्री शामिल थे?
28 जुलाई की इस बैठक में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा असम के सांसदों के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मिले। दोनों मंत्री असम से ताल्लुक रखते हैं।
असम में बाढ़ प्रभावित लोगों को क्या राहत मिल रही है?
असम सरकार प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल, दवाइयाँ और ज़रूरी सामान उपलब्ध करा रही है। क्षतिग्रस्त सड़कें, बिजली और संचार सेवाएँ बहाल करने का काम भी प्राथमिकता के आधार पर जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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