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असम बाढ़: गौरव गोगोई ने जोरहाट दौरे के बाद राहत-पुनर्वास में तेजी की मांग की, 7.27 लाख प्रभावित

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असम बाढ़: गौरव गोगोई ने जोरहाट दौरे के बाद राहत-पुनर्वास में तेजी की मांग की, 7.27 लाख प्रभावित

सारांश

असम में बाढ़ का कहर जारी है — 25 जिलों में 7.27 लाख से अधिक प्रभावित, 31 मौतें और 95 राहत शिविर। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने जोरहाट का दौरा कर राज्य सरकार से राहत-पुनर्वास में तेजी की माँग की। IMD ने अगले चार दिन भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने 22 जुलाई को जोरहाट के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत-पुनर्वास में तेजी की माँग की।
असम सरकार के आँकड़ों के अनुसार 29 अप्रैल से 21 जुलाई के बीच 25 जिलों में 7.27 लाख से अधिक लोग प्रभावित।
अब तक 31 लोगों की मौत ; 95 राहत शिविरों में 18,574 विस्थापित लोगों को आश्रय।
NDRF, SDRF , सेना, असम पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रहे हैं।
IMD ने अगले चार दिनों तक असम में भारी बारिश की चेतावनी दी, स्थिति और बिगड़ने की आशंका।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बुधवार, 22 जुलाई को अपने संसदीय क्षेत्र जोरहाट के बाढ़ प्रभावित इलाकों का व्यापक दौरा किया और असम राज्य सरकार से राहत, बचाव तथा पुनर्वास कार्यों में तत्काल तेजी लाने की माँग की। असम प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोगोई ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर सहायता पहुँचाना होनी चाहिए।

मुख्य घटनाक्रम

गोगोई ने जोरहाट के कई जलमग्न गाँवों का दौरा कर विस्थापित परिवारों से मुलाकात की, जमीनी हालात का जायजा लिया और राहत सामग्री का वितरण किया। उन्होंने स्थानीय निवासियों, स्वयंसेवकों और राहत कार्यों में जुटे अधिकारियों से सीधे बातचीत कर प्रभावित क्षेत्रों की तत्काल ज़रूरतों का आकलन किया।

गोगोई ने कहा, "जोरहाट समेत असम के कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर है। अनेक लोगों ने अपने घर और आजीविका खो दी है, जबकि कई परिवार अपने प्रियजनों को खोने के दुख से गुजर रहे हैं।"

बाढ़ की भयावहता: सरकारी आँकड़े

असम सरकार के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, 29 अप्रैल से 21 जुलाई के बीच राज्य के 25 जिलों में 7.27 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 95 राहत शिविरों में 18,574 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है। बढ़ते जलस्तर के कारण हजारों परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं और बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचा है।

राहत और बचाव अभियान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), सेना, असम पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है।

कांग्रेस की माँगें

गोगोई ने राज्य सरकार से माँग की कि बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। साथ ही राहत सामग्री, सुरक्षित आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएँ और पुनर्वास सुविधाएँ बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जाएँ। उन्होंने बिजली, पेयजल और सड़क जैसी आवश्यक सेवाओं की बहाली में तेजी लाने की भी अपील की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस बाढ़ प्रभावित लोगों के हितों से जुड़े मुद्दों को हर उचित मंच पर उठाती रहेगी।

मौसम विभाग की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले चार दिनों तक असम के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। इस चेतावनी के बाद संवेदनशील इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका बढ़ गई है, जो पहले से ही संकट में घिरे लाखों परिवारों के लिए एक और चुनौती बन सकती है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब असम हर वर्ष मानसून के दौरान विनाशकारी बाढ़ से जूझता है और स्थायी समाधान की माँग वर्षों से उठती रही है। IMD की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन और राहत एजेंसियों पर दबाव और बढ़ने की संभावना है। गोगोई ने संकेत दिया कि वे इस मुद्दे को संसद में भी उठाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक अनुमानित संकट है — फिर भी हर मानसून में राहत की माँग नई सुर्खी बनती है। गौरव गोगोई का दौरा राजनीतिक रूप से अपेक्षित है, लेकिन असली सवाल यह है कि ब्रह्मपुत्र घाटी में दशकों पुरानी बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर केंद्र और राज्य दोनों सरकारें जवाबदेह क्यों नहीं हैं। 7.27 लाख प्रभावित और 31 मौतें — ये आँकड़े किसी एक दल की विफलता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक नीतिगत उपेक्षा की कहानी कहते हैं। IMD की चेतावनी के बावजूद यदि राहत तंत्र प्रतिक्रियाशील बना रहा, तो यह संख्या और बढ़ेगी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम बाढ़ 2025 में कितने लोग प्रभावित हैं?
असम सरकार के आँकड़ों के अनुसार 29 अप्रैल से 21 जुलाई के बीच राज्य के 25 जिलों में 7.27 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 95 राहत शिविरों में 18,574 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है।
गौरव गोगोई ने असम बाढ़ पर क्या माँग की?
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने असम राज्य सरकार से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, सुरक्षित आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएँ और पुनर्वास सुविधाएँ तत्काल उपलब्ध कराने की माँग की। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले परिजनों को पर्याप्त मुआवजा और बिजली-पेयजल जैसी सेवाओं की शीघ्र बहाली की भी अपील की।
असम में बाढ़ राहत कार्य कौन चला रहा है?
राहत और बचाव अभियान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), सेना, असम पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है। विस्थापित लोगों को 95 राहत शिविरों में रखा गया है।
असम में अगले कुछ दिनों में मौसम कैसा रहेगा?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले चार दिनों तक असम के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इससे संवेदनशील इलाकों में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
जोरहाट में बाढ़ की स्थिति क्या है?
जोरहाट असम के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, जहाँ कई गाँव जलमग्न हो गए हैं और हजारों परिवारों को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने 22 जुलाई को वहाँ का दौरा कर विस्थापित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की।
राष्ट्र प्रेस
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