असम बाढ़ राहत पैकेज: ₹15,000 तत्काल सहायता, 9 अगस्त से नुकसान का आकलन शुरू
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 7 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत उपायों को जमीनी स्तर पर लागू करना शुरू कर दिया है। 15 जिलों में 1.68 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित करने वाली इस बाढ़ के मद्देनजर सरकार ने तत्काल वित्तीय सहायता, ऋण राहत और पुनर्वास की व्यापक योजना की घोषणा की है।
राहत पैकेज में क्या-क्या शामिल है
सरकार की घोषणा के अनुसार, प्रत्येक पात्र बाढ़ प्रभावित परिवार को तत्काल जरूरतों के लिए ₹15,000 की अंतरिम वित्तीय सहायता दी जाएगी। राज्य की प्रमुख कल्याण योजना 'ओरुनोदोई' के तहत मिलने वाले लाभ को एक महीने के लिए बढ़ाकर ₹2,500 कर दिया गया है।
सर्वाधिक प्रभावित जिलों — शिवसागर और चराइदेव — के परिवारों को ₹10,000 की अतिरिक्त सहायता राशि अलग से दी जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब इन दोनों जिलों में बाढ़ की तीव्रता सबसे अधिक दर्ज की गई है।
मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि
बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट की अनिवार्यता के ₹4 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹5 लाख की सहायता राशि अलग से प्रदान की जाएगी — यानी मृतक परिजनों को कुल ₹9 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
ऋण राहत, बिजली और राजस्व में छूट
आर्थिक दबाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने ऋण चुकाने पर छह महीने की मोहलत देने की घोषणा की है। साथ ही बिजली बिल और जमीन के लगान (खज़ाना) में माफी और ऋण चुकाने की अवधि बढ़ाने का भी ऐलान किया गया है। गौरतलब है कि बाढ़ प्रभावित ग्रामीण परिवारों के लिए ये राहतें दीर्घकालिक वित्तीय पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
शिक्षा और सामुदायिक ढाँचे का पुनर्निर्माण
क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी केंद्रों और नामघरों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष सहायता की घोषणा की गई है। प्रत्येक क्षतिग्रस्त नामघर के लिए ₹1.5 लाख निर्धारित किए गए हैं। शिक्षा में व्यवधान को कम करने के लिए सरकार प्रभावित छात्रों को पाठ्यपुस्तकें बदलने, स्कूल यूनिफॉर्म दोबारा उपलब्ध कराने और आवश्यक प्रमाणपत्रों की डुप्लिकेट कॉपी निःशुल्क देने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
नुकसान का आकलन और आगे की राह
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में नुकसान का विधिवत आकलन 9 अगस्त से शुरू होगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "घोषित हर राहत उपाय को जमीनी स्तर पर तेजी से लागू किया जा रहा है। हम तुरंत मदद पहुंचा रहे हैं, पुनर्वास में सहायता कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे बाढ़ प्रभावित परिवारों को वह मदद मिले जिसके वे हकदार हैं।" राज्य सरकार राहत शिविरों, वितरण केंद्रों और बचाव अभियानों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में सहायता जारी रखे हुए है।