मणिपुर: तामेंगलोंग में 17 वर्षीय नागा किशोर एन.के. विपेनबौ की गोली मारकर हत्या, CM और उपCM ने निंदा की
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में सोमवार, 21 सितंबर 2026 को संदिग्ध उग्रवादियों ने 17 वर्षीय किशोर एन.के. विपेनबौ की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, नागा समुदाय से ताल्लुक रखने वाला यह किशोर अपर तकौ (नकौ) गांव से तामेई कस्बे की ओर अकेले पैदल जा रहा था, तभी रास्ते में उस पर हमला हुआ। बाद में नागा गांव के स्वयंसेवकों को पहाड़ी रास्ते पर उसका शव मिला।
घटना का विवरण
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विपेनबौ आवश्यक सामान खरीदने के लिए तामेई कस्बे की ओर जा रहा था। रास्ते में संदिग्ध उग्रवादियों ने उस पर गोली चलाई और मौके से फरार हो गए। ग्रामीण स्वयंसेवकों ने पहाड़ी मार्ग पर उसका शव बरामद किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उनके कार्यालय की ओर से एक्स पर जारी बयान में कहा गया कि एक निर्दोष छात्र की इस तरह हत्या का समाज में कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उन्हें इस कठिन घड़ी में शक्ति देने की प्रार्थना की।
पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी एक्स पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा, 'आज 17 वर्षीय एन.के. विपेनबौ की जान गई है, अगला कौन होगा?' उन्होंने कहा कि आवश्यक सामान खरीदने जा रहे इस छात्र की हत्या बेहद पीड़ादायक है और मणिपुर निर्दोष लोगों की जान गंवाने का यह सिलसिला अब और नहीं झेल सकता। बीरेन सिंह ने दोषियों के खिलाफ तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की माँग की।
उपमुख्यमंत्री और नागा नेता की निंदा
उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायक आवांगबौ न्यूमै ने भी इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाला कायरतापूर्ण एवं जघन्य कृत्य करार दिया। उपमुख्यमंत्री किपगेन ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की और कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
हिंसा का व्यापक संदर्भ
पुलिस के मुताबिक, इस वर्ष फरवरी 2026 से नागा और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई हिंसा में अब तक 40 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। पिछले एक महीने में जिरीबाम, तामेंगलोंग, कांगपोकपी और नोने जिलों में हुई हिंसक घटनाओं में छह महिलाओं सहित 12 लोगों की मृत्यु हुई है। कांगपोकपी, तामेंगलोंग, नोने, उखरूल और कामजोंग जिले इस हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शांति बहाली के प्रयास अभी भी अधूरे हैं। गौरतलब है कि सामुदायिक हिंसा की यह श्रृंखला पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों दोनों में आम नागरिकों को असुरक्षित बना रही है — और किशोर विपेनबौ की मौत इस दर्दनाक सिलसिले की ताज़ा कड़ी है।
आगे क्या होगा
राज्य पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान के प्रयास जारी हैं। प्रशासनिक अधिकारियों से जल्द प्रतिक्रिया की उम्मीद है। स्थानीय नागरिक संगठनों ने अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की माँग उठाई है।