मणिपुर हमले: तामेंगलोंग नोनी में 4 कुकी आदिवासियों की हत्या, गृह मंत्री ने कहा — दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में 14 सितंबर 2026 को हुए अलग अलग हमलों में कुकी आदिवासी समुदाय के चार लोगों — जिनमें दो महिलाएँ भी शामिल हैं — की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इन घटनाओं के बाद राज्य के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने कड़े शब्दों में दोषियों को जवाबदेह ठहराने का वादा किया।
हमले का विवरण
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तामेंगलोंग जिले के कैमाई पुलिस स्टेशन के अंतर्गत टोलन कुकी गाँव में हुए हमले में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। इसी तरह, नोनी जिले के नुंग्बा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के लोंगपी गाँव में भी एक महिला समेत दो अन्य लोगों को गोली मारकर मार डाला गया।
अधिकारियों ने बताया कि हमलों के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने दोषियों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। मारे गए चारों लोग कुकी आदिवासी समुदाय के सदस्य थे।
गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने सोमवार को इन हत्याओं की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तथ्यों का पता लगाने, दोषियों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाएँ कि कानून बिना किसी डर या पक्षपात के अपना काम करे।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, "इस हिंसा के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस नाज़ुक मोड़ पर, हिंसा की किसी भी घटना को मणिपुर की शांति और सामान्य स्थिति की ओर बढ़ने की राह से भटकाने नहीं दिया जाएगा।"
मुख्यमंत्री और सामुदायिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने रविवार को ही इन हत्याओं की निंदा करते हुए अपने कार्यालय से जारी बयान में कहा था, "बेगुनाह नागरिकों के खिलाफ हिंसा की ऐसी कायरतापूर्ण हरकतें बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं और हमारे समाज में इनके लिए कोई जगह नहीं है।"
कई संगठनों, कुकी और नागा समुदायों के विधायकों और नेताओं — जिनमें कैमाई विलेज अथॉरिटी भी शामिल है — ने टोलन हमले को "समुदायों के बीच अशांति और बंटवारा पैदा करने की जानबूझकर की गई और दुर्भावनापूर्ण कोशिश" बताते हुए कड़ी निंदा की।
जिरीबाम में घरों में आगज़नी
इस बीच, रिपोर्टों के अनुसार रविवार देर शाम जिरीबाम जिले के खेदाघर इलाके में रोंगमेई नागा समुदाय के सदस्यों के तीन चार घर जला दिए गए। यह घटना जिरीबाम पुलिस स्टेशन से लगभग 12 किलोमीटर दक्षिण में हुई बताई जाती है। अभी तक किसी के घायल होने या मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, कुकी और नागा समुदायों के बीच तनाव बढ़ने के बाद बदले की कार्रवाई के डर से रोंगमेई नागा परिवार कुछ सप्ताह पहले ही अपने घर खाली कर चुके थे। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर पिछले दो वर्षों से जातीय हिंसा की चपेट में है।
सुरक्षा स्थिति और आगे की राह
घटनाओं के बाद सुरक्षाकर्मी प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिए गए हैं। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक एक्शन टीमें तैयार रखी गई हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय ग्रामीणों और प्रमुख व्यक्तियों से संवाद बढ़ाएँ ताकि सतर्कता बनी रहे और तनाव को और अधिक बढ़ने से रोका जा सके। जाँच जारी है और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चल रहा है।