वंदे मातरम विवाद पर भाजपा का हमला: 'कांग्रेस वोट बैंक के लिए राष्ट्रगीत का विरोध कर रही'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता आरपी सिंह ने 21 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कर्नाटक विधानसभा में 'वंदे मातरम' को लेकर उठे ताज़ा विवाद को सबसे अधिक तवज्जो मिली। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों से समझौता करने का आरोप लगाया।
वंदे मातरम विवाद: क्या हुआ कर्नाटक विधानसभा में
सोमवार को कर्नाटक विधानसभा में 'वंदे मातरम' के केवल दो अंतर प्रस्तुत करने के बाद आधिकारिक गायन रोक दिया गया, जिसके बाद भाजपा विधायकों ने शेष गीत स्वयं खड़े होकर गाया। आरपी सिंह ने इस पर कहा कि भाजपा विधायक पूरा राष्ट्रगीत गाते रहे जबकि कांग्रेस विधायक दो अंतरों के बाद रुक गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कथित तौर पर मुस्लिम मतदाताओं को खुश करने की राजनीति के तहत ऐसा कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि देश का मुस्लिम समाज ज़रूरी नहीं कि 'वंदे मातरम' के विरोध में हो — यह कांग्रेस की अपनी राजनीतिक सोच का प्रतिबिंब है।
दिल्ली एसआईआर नोटिस और चुनावी सूची शुद्धिकरण
दिल्ली में विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के अंतर्गत मतदाताओं को जारी नोटिसों पर आरपी सिंह ने स्वीकार किया कि उनके स्वयं के बेटे को भी एक ऐसा नोटिस प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि उनका प्रचलित नाम 'आरपी सिंह' है, जबकि बेटे ने दस्तावेज़ों में उनका पूरा नाम दर्ज किया, जिससे नाम में विसंगति उत्पन्न हुई।
उन्होंने कहा कि यदि दस्तावेज़ मांगे जाएँ तो वे प्रस्तुत किए जाएँगे और सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, अरविंद केजरीवाल, लालकृष्ण आडवाणी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई प्रमुख हस्तियों को भी एसआईआर संबंधी नोटिस मिलने की रिपोर्टें सामने आई हैं। आरपी सिंह ने इसे मतदाता सूची को निर्दोष बनाने की ज़रूरी प्रक्रिया बताया।
ममता बनर्जी की याचिका और टीपू सुल्तान विवाद
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के फैसले के विरुद्ध पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका पर आरपी सिंह ने कहा कि न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, वह सबको मान्य होगा। चुनाव आयोग ने दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच विवाद सुलझाने के लिए पार्टी के नाम और चिह्न पर अंतरिम व्यवस्था की है।
महाराष्ट्र के मालेगांव नगर निगम में टीपू सुल्तान की तस्वीर हटाने के विवाद पर आरपी सिंह ने कहा कि वह टीपू सुल्तान को आक्रांता मानते हैं और तस्वीर हटाने के फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीपू सुल्तान के शासनकाल में मंदिरों को नुकसान पहुँचाया गया और जबरन धर्मांतरण कराए गए।
पंजाब नशा संकट और 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा'
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा राज्य में नशे की स्थिति पर उठाए गए सवालों पर आरपी सिंह ने कहा कि राज्य में पहले कांग्रेस की सरकार रही और अब आम आदमी पार्टी (AAP) की — नशे की मुख्य जिम्मेदारी राज्य सरकार की है, न कि केंद्र की।
भाजपा की 13 दिवसीय 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को लेकर AAP और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आरपी सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पुराने वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि तय समयसीमा में नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि स्थिति इतनी गंभीर है कि नशे की होम डिलीवरी तक की शिकायतें सामने आ रही हैं।
राहुल गांधी के कार्यक्रम में पीएम मोदी की मिमिक्री पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री किए जाने पर आरपी सिंह ने कहा कि वह कार्यक्रम छात्रों से संबंधित था, लेकिन उसमें छात्र मुद्दों की जगह प्रधानमंत्री की नकल उतारने पर ध्यान केंद्रित रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री की माँ से जुड़े कथित मजाक को निंदनीय करार दिया और इसे कांग्रेस का 'दिमागी दिवालियापन' बताया।
आरपी सिंह ने कांग्रेस पर 'वोट चोरी' का आरोप बार-बार लगाने की परंपरा पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि समस्या कांग्रेस की अपनी राजनीतिक सोच में है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।