21 सितंबर 2026
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वंदे मातरम विवाद: प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सरकार पर साधा निशाना, संसद में मुद्दा उठाने की चेतावनी

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वंदे मातरम विवाद: प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सरकार पर साधा निशाना, संसद में मुद्दा उठाने की चेतावनी

सारांश

वंदे मातरम को दो अंतरों तक सीमित करने का विवाद अब संसद तक पहुँचने की तैयारी में है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर 'राष्ट्रविरोधी' सोच का आरोप लगाया, जबकि BJP और JD(S) विधायकों ने विधानसभा में सरकारी निर्देश की खुलेआम अवहेलना कर पूरा राष्ट्रगीत गाया।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 21 सितंबर 2026 को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को संसद में घेरने की चेतावनी दी।
कर्नाटक सरकार ने विधान सौधा में वंदे मातरम का गायन केवल दो अंतरों तक सीमित करने का निर्देश जारी किया है।
BJP और JD(S) विधायकों ने विधानसभा में सरकारी आदेश की अवहेलना करते हुए वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया।
जोशी ने मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार सरकार पर 'तुगलकी शासन' और राष्ट्रीय सम्मान संबंधी संसदीय कानून के अनादर का आरोप लगाया।
कर्नाटक सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को कर्नाटक की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) सरकार पर कड़ा हमला बोला और चेतावनी दी कि वंदे मातरम के गायन को केवल दो अंतरों तक सीमित करने के फैसले को भारतीय जनता पार्टी (BJP) संसद में उठाएगी। नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान जोशी ने राज्य सरकार के इस निर्देश को राष्ट्रीय गौरव का अपमान करार दिया।

मुख्य विवाद क्या है

कर्नाटक विधानसभा के मौजूदा सत्र में राज्य सरकार ने विधान सौधा में वंदे मातरम के आधिकारिक गायन को केवल दो अंतरों तक सीमित करने का निर्देश जारी किया है। इसी फैसले पर BJP लगातार विरोध जता रही है और इसे राष्ट्रीय सम्मान से जोड़कर देख रही है। गौरतलब है कि वंदे मातरम भारत का राष्ट्रगीत है, जिसे बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने रचा था और स्वतंत्रता संग्राम में यह प्रेरणास्रोत रहा है।

जोशी के आरोप और बयान

जोशी ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह 'राष्ट्रविरोधी' सोच के साथ काम कर रही है और मनमाने तथा कथित तौर पर गैरकानूनी आदेश जारी कर 'तुगलकी शासन' चला रही है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने देशभक्ति का अपना नकाब पूरी तरह उतार दिया है। वंदे मातरम को सिर्फ दो अंतरों तक सीमित करना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है।'

मंत्री ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए सवाल किया कि कांग्रेस को राष्ट्रगीत से 'इतनी आपत्ति' क्यों है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा से जुड़े हालिया संसदीय कानून का भी अनादर कर रही है।

विधानसभा में विपक्ष का प्रतिरोध

सोमवार को कर्नाटक विधानसभा में BJP और जनता दल (सेक्युलर) [JD(S)] के विधायकों ने राज्य सरकार के निर्देश की खुलेआम अवहेलना करते हुए वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया। स्पीकर जी.एस. पाटिल के आसन ग्रहण करने के बाद आधिकारिक गायन शुरू हुआ और पहले दो अंतरों के बाद रोक दिया गया, लेकिन विपक्षी सदस्य शेष अंतरे गाते रहे।

विधायक संविधान की प्रस्तावना पढ़े जाने के दौरान भी वंदे मातरम का पूरा गायन जारी रखते रहे और अंत में 'जय हिंद' के नारे लगाए।

राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस और BJP के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर तनातनी चल रही है। जोशी ने स्पष्ट किया कि BJP इस मुद्दे को संसद के अगले सत्र में उठाएगी, जिससे यह विवाद राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है। आलोचकों का कहना है कि यह मामला राज्य की विधायी स्वायत्तता और केंद्र-राज्य संबंधों पर भी सवाल खड़े करता है।

आगे क्या होगा

BJP ने संसद में यह मुद्दा उठाने की घोषणा के साथ-साथ राज्यव्यापी आंदोलन का भी संकेत दिया है। कर्नाटक सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद विधानसभा सत्र के दौरान और गहराने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह केंद्र-राज्य राजनीति की एक और परत है जिसमें राष्ट्रीय प्रतीकों को चुनावी हथियार बनाया जा रहा है। कर्नाटक सरकार ने अभी तक इस फैसले के कानूनी आधार या व्यावहारिक कारण का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया, जिससे BJP को 'राष्ट्रविरोधी' फ्रेमिंग का मौका मिला। दूसरी ओर, जोशी का 'हालिया संसदीय कानून के अनादर' वाला आरोप भी अभी तक दस्तावेज़ी साक्ष्य के बिना है। असली सवाल यह है कि क्या इस विवाद से कर्नाटक में जमीनी शासन के मुद्दे — महंगाई, बेरोज़गारी, बुनियादी ढाँचा — पीछे चले जाएँगे, जो दोनों पक्षों के लिए सुविधाजनक होगा।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में वंदे मातरम विवाद क्या है?
कर्नाटक सरकार ने विधानसभा सत्र में वंदे मातरम के आधिकारिक गायन को केवल दो अंतरों तक सीमित करने का निर्देश दिया है। BJP और JD(S) इस फैसले को राष्ट्रीय गौरव का अपमान बताते हुए लगातार विरोध कर रहे हैं।
प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सरकार को क्या चेतावनी दी?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि BJP इस मुद्दे को संसद में उठाएगी। उन्होंने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर 'राष्ट्रविरोधी' सोच और 'तुगलकी शासन' का आरोप लगाया।
कर्नाटक विधानसभा में क्या हुआ?
21 सितंबर 2026 को कर्नाटक विधानसभा में BJP और JD(S) विधायकों ने सरकारी निर्देश की अवहेलना करते हुए वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया। आधिकारिक गायन दो अंतरों पर रोका गया, लेकिन विपक्षी सदस्य आगे भी गाते रहे और अंत में 'जय हिंद' के नारे लगाए।
इस विवाद का राजनीतिक असर क्या हो सकता है?
BJP ने संसद में यह मुद्दा उठाने की घोषणा की है, जिससे यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर गर्म हो सकता है। कर्नाटक में कांग्रेस और BJP के बीच पहले से जारी राजनीतिक तनाव और गहरा होने की आशंका है।
कर्नाटक सरकार ने इस विवाद पर क्या कहा?
अभी तक मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार की ओर से जोशी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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