वंदे मातरम विवाद: मंत्री मनोज पांडे ने कांग्रेस के आधे गीत गाने को बताया 'असंवैधानिक'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मनोज पांडे ने 21 अगस्त 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पूरा वंदे मातरम न गाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि उनके शब्दों में 'पूरी तरह असंवैधानिक' भी है। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी के लिए अनगिनत बलिदान दिए गए, और ऐसे में किसी राजनीतिक दल का राष्ट्रगीत के केवल कुछ हिस्से को स्वीकार करना और बाकी से परहेज करना, देशवासियों के साथ अन्याय है।
मुख्य आरोप और बयान
मंत्री मनोज पांडे ने कहा, 'आप ऐसा कैसे बोल सकते हैं कि हम वंदे मातरम के इतने हिस्से को गाएंगे और बाकी के हिस्से को नहीं। देश की लोकसभा ने इसे पारित किया है और आप गाने से मना कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने इस देश को आज़ाद कराने के लिए प्राणों की आहुति दी, उनके प्रति यह रवैया अत्यंत दुखद है।
कांग्रेस पर 'दोहरे चरित्र' का आरोप
मंत्री पांडे ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ पार्टी संविधान की दुहाई देती है, वहीं दूसरी तरफ वंदे मातरम गाने से इनकार करती है, सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाती है और न्यायालय की आलोचना करती है। उन्होंने कहा, 'भारत माता की जय बोलने पर भी इन लोगों को गुरेज होता है। ये कैसा दोहरा चरित्र है? भारत के लोग इसे देख रहे हैं।'
अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस दावे पर — कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2027 का विधानसभा चुनाव हारेगी — मंत्री पांडे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 'सभी लोगों को सपने देखने का हक है।' उन्होंने याद दिलाया कि 2014, 2017 और 2022 के चुनावों में भी इसी तरह के दावे किए गए थे, जो सही साबित नहीं हुए।
झारखंड और दिल्ली पर विरोधाभास उजागर
मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के हित में आवाज़ उठाने का दावा किया, लेकिन जब झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ तो पार्टी चुप रही। उन्होंने इसे भी कांग्रेस की चयनात्मक राजनीति का उदाहरण बताया।
भारत-जापान संबंध और उत्तर प्रदेश
इसी बातचीत में मंत्री पांडे ने भारत-जापान संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जापान ने तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आने वाले दिनों में इस तकनीक का लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें विदेशी निवेश आकर्षित करने पर ज़ोर दे रही हैं।