वंदे मातरम विवाद: केशव मौर्य बोले — कांग्रेस के दो पैराग्राफ वाले फैसले से बने पाकिस्तान-बांग्लादेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 21 अगस्त को लखनऊ में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज़ादी से पहले 'वंदे मातरम' के केवल दो पैराग्राफ गाने का जो फैसला कांग्रेस ने किया, उसी के परिणामस्वरूप पाकिस्तान और बांग्लादेश का निर्माण हुआ। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने एक साथ कांग्रेस पर यह आरोप लगाए कि राष्ट्रगीत को लेकर पार्टी का रवैया देश-विरोधी और वोट-बैंक की राजनीति से प्रेरित है।
केशव मौर्य का सीधा आरोप
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में कहा, 'आज़ादी से पहले कांग्रेस ने वंदे मातरम के सिर्फ दो पैराग्राफ गाने का जो फैसला किया, उसके चलते पाकिस्तान और बांग्लादेश बने। कांग्रेस ने देश के बंटवारे की नींव दोबारा रखने की भूमिका बनाई है, जिसे माफ नहीं किया जा सकता। देश की जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।' मौर्य ने यह भी कहा कि संसद द्वारा निर्मित कानून को न मानना — वह भी देश की सबसे पुरानी होने का दावा करने वाली पार्टी द्वारा — देश-विरोधी कार्य है और यह केवल मुसलमानों को खुश करने की राजनीति है।
अग्निमित्रा पॉल का राहुल-सोनिया पर निशाना
पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में BJP नेता और मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर सीधा हमला बोला। पॉल ने कहा, '15 अगस्त के कार्यक्रम में मौजूद राहुल गांधी को वंदे मातरम गाने में शर्म आ रही थी। उनकी माँ सोनिया गांधी ने इशारा किया कि इसे रोक दिया जाए।' यह आरोप कांग्रेस की ओर से तत्काल खंडन के बिना सामने आया।
मुख्तार अब्बास नकवी की तीखी टिप्पणी
पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 'वंदे मातरम' की सांप्रदायिक लिंचिंग जिन लोगों की ओर से की जा रही है, उनका देश और राष्ट्रवाद के प्रति न सम्मान है और न वे इसे स्वीकार करने वाले हैं। नकवी ने कहा, 'आज़ादी से पहले ये जिन्ना के सुर में सुर मिलाते दिखाई पड़ते थे। जिन्ना जैसे सांप्रदायिक व्यक्ति को खुश करने के लिए उन्होंने वंदे मातरम के टुकड़े-टुकड़े किए थे। वंदे मातरम से किसी का ईमान खतरे में नहीं है, बल्कि बेईमान को खतरा है।'
नागपुर से किरीट सोमैया का बयान
नागपुर में BJP नेता किरीट सोमैया ने कहा, 'यह वही कांग्रेस है जिसने देश को दो हिस्सों में बांटा और वंदे मातरम को भी दो हिस्सों में बांट दिया। उन्होंने तो इसका आधा हिस्सा हटा ही दिया। अब हम राष्ट्रगीत को वापस लाए हैं तो उन्हें पच नहीं रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब वंदे मातरम को लेकर संसदीय प्रक्रिया और सांस्कृतिक पहचान का सवाल एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है।
विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 'वंदे मातरम' को लेकर कांग्रेस और BJP के बीच यह विवाद नया नहीं है। ऐतिहासिक रूप से, 1896 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की रचना को कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार गाया गया था, परंतु आज़ादी से पहले ही पार्टी ने धार्मिक आपत्तियों के आधार पर केवल प्रथम दो पद गाने का निर्णय लिया था। BJP का आरोप है कि यह निर्णय तुष्टीकरण की नीति का हिस्सा था। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह विवाद संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर और तेज़ होने की संभावना है।