21 अगस्त 2026
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'वंदे मातरम' विवाद: BJP विधायक संजय उपाध्याय का कांग्रेस पर तीखा हमला — 'क्या पार्टी मुस्लिम लीग की राह पर?'

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'वंदे मातरम' विवाद: BJP विधायक संजय उपाध्याय का कांग्रेस पर तीखा हमला — 'क्या पार्टी मुस्लिम लीग की राह पर?'

सारांश

'वंदे मातरम' के केवल दो पद गाने के कांग्रेस के कथित फैसले पर BJP विधायक संजय उपाध्याय ने तीखा हमला बोला और 1937 के मुस्लिम लीग विवाद से तुलना की। ISF विधायक नौशाद सिद्दीकी ने सांप्रदायिक सौहार्द की अपील करते हुए अलग रुख अपनाया।

मुख्य बातें

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने 21 अगस्त 2026 को कांग्रेस पर 'वंदे मातरम' के केवल दो पद गाने के फैसले पर तीखा हमला बोला।
उपाध्याय ने कांग्रेस की तुलना मुस्लिम लीग से की और 1937 के ऐतिहासिक विवाद का हवाला दिया।
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक कार्यक्रम में 'वंदे मातरम' को बीच में रोकने की कोशिश की।
ISF विधायक नौशाद सिद्दीकी ने राष्ट्रगीत के सम्मान की बात करते हुए बहुसंख्यक समुदाय से संयम बरतने की अपील की।
BJP नेता ने पुणे में 'स्वराज' की कथित गलत व्याख्या पर राहुल गांधी की भी आलोचना की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 21 अगस्त 2026 को मुंबई में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के केवल दो पद गाने के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कथित फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उपाध्याय ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अब मुस्लिम लीग की विचारधारा का विकल्प बनती जा रही है।

मुख्य आरोप और बयान

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने कहा, "जब स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत का राष्ट्रगीत बज रहा था, तो कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने एक कांग्रेस कार्यक्रम में 'वंदे मातरम' को बीच में ही रोकने की कोशिश की। राहुल गांधी भी असहज दिखे, और उसके बाद कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पास किया कि उसके कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के सिर्फ दो ही पद गाए जाएंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले, 1937 में मुस्लिम लीग की आपत्तियों के बाद कांग्रेस ने पूरे 'वंदे मातरम' से दूरी बना ली थी, और आलोचकों के अनुसार उसी नीति की परिणति में देश का विभाजन हुआ, जिससे पाकिस्तान और बाद में बांग्लादेश का निर्माण हुआ।

उपाध्याय ने तर्क दिया, "जब देश की संसद 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार करती है और पूरे गीत को गाने की अनुमति देती है, तब भी अगर कांग्रेस उस पर आपत्ति जताती है, तो क्या कांग्रेस अब मुस्लिम लीग का विकल्प बन गई है?"

राहुल गांधी पर अलग से निशाना

BJP नेता ने पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा 'स्वराज' की कथित गलत व्याख्या किए जाने पर भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व राष्ट्रीय प्रतीकों और ऐतिहासिक अवधारणाओं को लेकर बार-बार भ्रम की स्थिति पैदा करता है।

ISF विधायक की प्रतिक्रिया

इंडियन सेकुलर फ्रंट (ISF) के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने इस विवाद पर अलग रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "हम सभी राष्ट्रगीत का सम्मान करते हैं। हमारे देश में हर धर्म और जाति के लोग रहते हैं। यहाँ सबसे ज़्यादा आबादी वाले समुदाय को यह देखना चाहिए कि वे ऐसा काम करें जिससे कम आबादी वाले समुदाय पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।"

ऐतिहासिक संदर्भ

गौरतलब है कि 'वंदे मातरम' को लेकर विवाद नया नहीं है। 1937 में भी मुस्लिम लीग ने इस गीत पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) ने गीत के केवल प्रारंभिक दो पद गाने की परंपरा अपनाई थी। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय प्रतीकों और अल्पसंख्यक समुदायों की भावनाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है।

आगे की स्थिति

कांग्रेस की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह विवाद आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय प्रतीकों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संसद की मान्यता से अलग नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या यह बहस राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करती है या सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को और गहरा करती है — और मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस दूसरे पहलू को नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वंदे मातरम' के दो पद गाने का विवाद क्या है?
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के एक कथित फैसले के अनुसार पार्टी के कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के केवल दो पद गाए जाएंगे। BJP विधायक संजय उपाध्याय ने इसे राष्ट्रगीत के प्रति अपमान बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
1937 में 'वंदे मातरम' विवाद क्यों हुआ था?
1937 में मुस्लिम लीग ने 'वंदे मातरम' के कुछ पदों पर धार्मिक आपत्ति जताई थी, जिसके बाद कांग्रेस ने गीत के प्रारंभिक दो पद गाने की परंपरा अपनाई। BJP नेता संजय उपाध्याय ने इसी ऐतिहासिक घटनाक्रम को आज की कांग्रेस की नीति से जोड़ा है।
ISF विधायक नौशाद सिद्दीकी ने इस विवाद पर क्या कहा?
ISF विधायक नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि वे राष्ट्रगीत का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन बहुसंख्यक समुदाय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके कार्यों से अल्पसंख्यक समुदायों पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।
BJP विधायक संजय उपाध्याय ने राहुल गांधी की आलोचना क्यों की?
उपाध्याय ने पुणे में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा 'स्वराज' की कथित गलत व्याख्या को लेकर आलोचना की। उन्होंने इसे कांग्रेस नेतृत्व के राष्ट्रीय अवधारणाओं के प्रति भ्रामक रवैये का उदाहरण बताया।
क्या संसद में 'वंदे मातरम' के सभी पद गाए जाते हैं?
BJP नेता संजय उपाध्याय के अनुसार, देश की संसद ने 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता दी है और पूरे गीत को गाने की अनुमति है। उन्होंने इसी आधार पर कांग्रेस के दो पद गाने के फैसले पर सवाल उठाया।
राष्ट्र प्रेस
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