वंदे मातरम विवाद: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद बोले — 'न पहले गाया, न आगे गाऊंगा'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 17 अगस्त 2026 को स्पष्ट कर दिया कि वे 'वंदे मातरम' नहीं गाएंगे — यह बयान ऐसे समय आया जब 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह में सोनिया गांधी के आचरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच तीखा राजनीतिक विवाद चल रहा है। मसूद ने अपने रुख को संवैधानिक अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़ा।
मसूद का बयान: 'मेरा संवैधानिक अधिकार है'
इमरान मसूद ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं कहीं तक (वंदे मातरम) नहीं गाता था और आगे भी कहीं तक नहीं गाऊंगा। बस खड़ा हो जाऊंगा। मैं बिल्कुल भी नहीं गाऊंगा। मेरा संवैधानिक अधिकार है। मैं अपने धर्म का पालन करूंगा।' उनका यह बयान तत्काल राजनीतिक प्रतिक्रिया का केंद्र बन गया।
विवाद की पृष्ठभूमि: 15 अगस्त का वह दृश्य
15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह में 'वंदे मातरम' के गायन के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी पास खड़े कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य नेताओं से बातचीत करती दिखीं। BJP ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने पूरे राष्ट्रीय गीत के गायन को बाधित करने की कोशिश की और राष्ट्रीय गीत के अपमान का भी आरोप लगाया। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
मसूद की BJP पर पलटवार
BJP की आलोचना पर इमरान मसूद ने तीखा जवाब दिया — 'आपको (BJP) को 'वंदे मातरम' का प्रेम हो रहा है, तो करो। हमें क्या फर्क पड़ता है? हमें जितना गाना है, उतना ही गाना है। हम वही करेंगे।' उन्होंने BJP पर गलत नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी को धार्मिक आधार पर मजबूर नहीं किया जा सकता।
वंदे मातरम के इतिहास पर मसूद की दलील
केरल में भी 'वंदे मातरम' के अधूरे गायन पर उठे विवाद के संदर्भ में मसूद ने कहा, 'पहले 'वंदे मातरम' का पूरा इतिहास पढ़ लें। उसके बाद मुझे बात कीजिएगा। ये कहाँ से आया था, किस तरह लिखा गया था और क्यों लिखा गया था, पूरा पढ़ लीजिए।' गौरतलब है कि 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्राप्त है, जबकि 'जन गण मन' राष्ट्रगान है — और इसके गायन को लेकर ऐतिहासिक रूप से कुछ मुस्लिम संगठनों ने धार्मिक आपत्ति जताई है।
NTA विवाद पर राहुल गांधी का समर्थन
इसी बातचीत में मसूद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर उठाए गए सवालों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी के सवाल वाजिब हैं। इसी से देश के नौजवान परेशान हैं।' राहुल गांधी पहले आरोप लगा चुके हैं कि NTA की गलतियों की सजा छात्रों को भुगतनी पड़ती है। यह विवाद आगामी दिनों में संसद और सड़क — दोनों मंचों पर गूंजने की संभावना है।