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वंदे मातरम बिल पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का विरोध: 'धर्मनिरपेक्षता पर हमला, ध्यान भटकाने की कोशिश'

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वंदे मातरम बिल पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का विरोध: 'धर्मनिरपेक्षता पर हमला, ध्यान भटकाने की कोशिश'

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वंदे मातरम बिल को धर्मनिरपेक्षता पर हमला बताया और BJP पर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। साथ ही वन नेशन वन इलेक्शन की व्यावहारिकता पर सवाल उठाए और कांवड़ यात्रा से पहले सौहार्द की अपील की।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 17 जुलाई को सहारनपुर में वंदे मातरम बिल को भारत की धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था के विरुद्ध बताया।
मसूद ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पहले से मौजूद हैं और कांग्रेस हर राष्ट्रीय अधिवेशन में वंदे मातरम का पाठ करती है।
वन नेशन, वन इलेक्शन की व्यावहारिकता पर सवाल — मध्यावधि सरकार गिरने की स्थिति में व्यवस्था कैसे काम करेगी?
मौलाना जर्गिस अंसारी की भगवान कृष्ण पर टिप्पणी की मसूद ने निंदा की, कहा — किसी भी धर्म के प्रति अपमानजनक भाषा अस्वीकार्य।
आगामी कांवड़ यात्रा से पहले शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 17 जुलाई को सहारनपुर में 'वंदे मातरम' के अपमान पर दंड का प्रावधान करने वाले प्रस्तावित विधेयक को भारत की धर्मनिरपेक्ष संवैधानिक व्यवस्था के विरुद्ध बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया। उनका कहना है कि केंद्र सरकार इस तरह के विषय उठाकर जनता को वास्तविक समस्याओं से भटका रही है।

वंदे मातरम बिल पर मसूद का रुख

इमरान मसूद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास जनसरोकार के असली मुद्दों पर बात करने के लिए कोई एजेंडा शेष नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और किसी भी नागरिक पर किसी विशेष पूजा-पद्धति या धार्मिक आस्था को थोपना संविधान की भावना के विरुद्ध है। मसूद ने स्पष्ट किया कि सभी धर्मों एवं उनकी उपासना-पद्धतियों का सम्मान होना चाहिए, परंतु किसी को भी अपनी मान्यता दूसरे पर लादने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि 'वंदे मातरम' के सम्मान को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पहले से मौजूद हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस हमेशा से राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करती आई है और पार्टी के प्रत्येक राष्ट्रीय अधिवेशन में 'वंदे मातरम' का पाठ किया जाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी कानून में 'अपमान' की परिभाषा पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए, अन्यथा उसके दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है।

वन नेशन, वन इलेक्शन पर सवाल

'वन नेशन, वन इलेक्शन' के प्रस्ताव पर मसूद ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर रही है, छात्र परेशान हैं और विभिन्न मुद्दों पर धरने-प्रदर्शन जारी हैं। उनके अनुसार, सरकार को इन वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने इस प्रस्ताव की व्यावहारिकता पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि किसी राज्य की सरकार कार्यकाल पूरा होने से पहले गिर जाती है, तो एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था कैसे लागू की जाएगी।

संसद सत्र और विपक्ष की भूमिका

आगामी संसद सत्र में सहयोग के सवाल पर मसूद ने कहा कि यदि सरकार सदन में सकारात्मक और जनहित से जुड़े विषय लेकर आएगी, तो विपक्ष पूरा सहयोग देगा। उनके इस बयान को विपक्ष की सशर्त सहयोग की नीति के रूप में देखा जा रहा है।

मौलाना अंसारी की टिप्पणी और कांवड़ यात्रा पर अपील

भगवान कृष्ण पर मौलाना जर्गिस अंसारी की विवादित टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर मसूद ने स्पष्ट रूप से ऐसी भाषा की निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या आराध्य के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और सभी धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

आगामी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर कांग्रेस सांसद ने श्रद्धालुओं से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और भक्ति का पर्व है तथा इसमें हिंसा या तनाव का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब कांवड़ मार्ग पर सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर संवेदनशीलता बनी हुई है। मसूद ने लोगों से भक्ति में लीन रहने और परस्पर सद्भाव बनाए रखने का आग्रह किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन पर संसद में गंभीर बहस होनी चाहिए। वन नेशन, वन इलेक्शन पर मसूद की व्यावहारिक आपत्तियाँ नई नहीं हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक मध्यावधि परिस्थितियों का ठोस समाधान सार्वजनिक नहीं किया है। मौलाना अंसारी की टिप्पणी की निंदा करके मसूद ने सांप्रदायिक संतुलन साधने की कोशिश की — यह संकेत देता है कि विपक्ष कांवड़ यात्रा के संवेदनशील मौसम में किसी भी ध्रुवीकरण से बचना चाहता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे मातरम बिल क्या है जिसका इमरान मसूद विरोध कर रहे हैं?
यह एक प्रस्तावित विधेयक है जिसमें 'वंदे मातरम' के अपमान पर दंड का प्रावधान किए जाने की बात है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का कहना है कि यह भारत की धर्मनिरपेक्ष संवैधानिक व्यवस्था के विरुद्ध है और इसमें 'अपमान' की परिभाषा स्पष्ट नहीं है।
इमरान मसूद ने वन नेशन, वन इलेक्शन पर क्या सवाल उठाए?
मसूद ने पूछा कि यदि किसी राज्य की सरकार कार्यकाल पूरा होने से पहले गिर जाती है, तो एक साथ चुनाव की व्यवस्था कैसे लागू होगी। उनके अनुसार, इस प्रस्ताव के व्यावहारिक पहलुओं पर गंभीर विचार अभी बाकी है।
मौलाना जर्गिस अंसारी की टिप्पणी पर मसूद का क्या रुख है?
इमरान मसूद ने भगवान कृष्ण पर मौलाना जर्गिस अंसारी की टिप्पणी की स्पष्ट निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या आराध्य के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस का वंदे मातरम को लेकर क्या रुख है?
इमरान मसूद के अनुसार, कांग्रेस हमेशा से राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करती आई है और पार्टी के प्रत्येक राष्ट्रीय अधिवेशन में वंदे मातरम का पाठ किया जाता है। पार्टी का विरोध बिल की कानूनी संरचना और उसके संभावित दुरुपयोग को लेकर है, न कि राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर।
कांवड़ यात्रा को लेकर इमरान मसूद ने क्या अपील की?
मसूद ने श्रद्धालुओं से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और भक्ति का पर्व है और इसमें हिंसा या तनाव का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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