असम बाढ़ राहत: CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 75,000 परिवारों को ₹112 करोड़ DBT से ट्रांसफर किए
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने 3 अगस्त 2026 को डिब्रूगढ़ स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के करीब 75,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ₹112 करोड़ की अंतरिम बाढ़ राहत राशि हस्तांतरित की। इस राहत पहल के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को ₹15,000 की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
राहत वितरण का विवरण
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी — 'बाढ़ प्रभावित जिलों के परिवारों के लिए अंतरिम बाढ़ सहायता की पहली किस्त की रकम औपचारिक रूप से जारी कर दी गई है।' इस कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत भी उपस्थित रहे। DBT के ज़रिए सीधे खातों में राशि भेजना सुनिश्चित करता है कि राहत बिचौलियों के बिना पात्र परिवारों तक पहुँचे।
बाढ़ की व्यापकता और प्रभाव
29 अप्रैल से 31 जुलाई की अवधि के लिए जारी आधिकारिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, असम के 25 जिलों, 77 राजस्व सर्किलों और 2,251 गाँवों में बाढ़ का असर पड़ा। इस आपदा से 11.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए, जबकि 218 राहत शिविरों में उस दौरान 71,889 विस्थापित लोग आश्रय ले रहे थे।
राहत अभियान का विस्तार
मुख्यमंत्री सरमा ने 1 अगस्त को सोशल मीडिया पर बाढ़ की ताज़ा स्थिति साझा करते हुए बताया था कि राज्य भर में राहत कार्यों का विस्तार किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों तक पहुँचने के प्रयास जारी हैं। राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए 1,811 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं — जो कि पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।
आगे की राह
यह ₹112 करोड़ की राशि अंतरिम सहायता की पहली किस्त है, जो संकेत देती है कि आगे और राहत राशि जारी की जा सकती है। राज्य सरकार का फोकस अब सहायता वितरण के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल करने पर है। गौरतलब है कि असम हर वर्ष मानसून में गंभीर बाढ़ से जूझता है, और इस बार की आपदा ने राज्य के एक बड़े भूभाग को प्रभावित किया है।