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असम बाढ़ राहत: CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 75,000 परिवारों को ₹112 करोड़ DBT से ट्रांसफर किए

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असम बाढ़ राहत: CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 75,000 परिवारों को ₹112 करोड़ DBT से ट्रांसफर किए

सारांश

असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 4 जिलों के 75,000 बाढ़ पीड़ित परिवारों को DBT से ₹112 करोड़ की पहली अंतरिम किस्त सीधे खातों में भेजी। राज्य में 11.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और 1,811 राहत केंद्र सक्रिय हैं।

मुख्य बातें

CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 3 अगस्त 2026 को ₹112 करोड़ की अंतरिम बाढ़ राहत राशि DBT के ज़रिए जारी की।
शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के करीब 75,000 परिवारों को प्रत्येक ₹15,000 मिले।
असम के 25 जिलों, 77 राजस्व सर्किलों और 2,251 गाँवों में बाढ़ का असर; 11.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित।
218 राहत शिविरों में 71,889 विस्थापित लोग आश्रित; राज्यभर में 1,811 राहत वितरण केंद्र स्थापित।
यह राशि अंतरिम सहायता की पहली किस्त है; आगे और राहत जारी होने की संभावना।

असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने 3 अगस्त 2026 को डिब्रूगढ़ स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के करीब 75,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ₹112 करोड़ की अंतरिम बाढ़ राहत राशि हस्तांतरित की। इस राहत पहल के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को ₹15,000 की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

राहत वितरण का विवरण

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी — 'बाढ़ प्रभावित जिलों के परिवारों के लिए अंतरिम बाढ़ सहायता की पहली किस्त की रकम औपचारिक रूप से जारी कर दी गई है।' इस कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत भी उपस्थित रहे। DBT के ज़रिए सीधे खातों में राशि भेजना सुनिश्चित करता है कि राहत बिचौलियों के बिना पात्र परिवारों तक पहुँचे।

बाढ़ की व्यापकता और प्रभाव

29 अप्रैल से 31 जुलाई की अवधि के लिए जारी आधिकारिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, असम के 25 जिलों, 77 राजस्व सर्किलों और 2,251 गाँवों में बाढ़ का असर पड़ा। इस आपदा से 11.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए, जबकि 218 राहत शिविरों में उस दौरान 71,889 विस्थापित लोग आश्रय ले रहे थे।

राहत अभियान का विस्तार

मुख्यमंत्री सरमा ने 1 अगस्त को सोशल मीडिया पर बाढ़ की ताज़ा स्थिति साझा करते हुए बताया था कि राज्य भर में राहत कार्यों का विस्तार किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों तक पहुँचने के प्रयास जारी हैं। राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए 1,811 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं — जो कि पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।

आगे की राह

यह ₹112 करोड़ की राशि अंतरिम सहायता की पहली किस्त है, जो संकेत देती है कि आगे और राहत राशि जारी की जा सकती है। राज्य सरकार का फोकस अब सहायता वितरण के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल करने पर है। गौरतलब है कि असम हर वर्ष मानसून में गंभीर बाढ़ से जूझता है, और इस बार की आपदा ने राज्य के एक बड़े भूभाग को प्रभावित किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पहली किस्त के बाद पुनर्वास की गति कितनी तेज़ रहती है। असम हर साल बाढ़ की मार झेलता है — 25 जिलों और 11 लाख से अधिक प्रभावित लोगों के आँकड़े बताते हैं कि यह आपदा प्रतिक्रिया नहीं, दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन की माँग करती है। तत्काल राहत ज़रूरी है, पर स्थायी बाढ़-नियंत्रण ढाँचे के बिना यह चक्र हर मानसून दोहराया जाता रहेगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम बाढ़ राहत के तहत कितनी राशि और किन जिलों में दी गई?
असम सरकार ने शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के लगभग 75,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को DBT के ज़रिए ₹112 करोड़ की अंतरिम राहत राशि हस्तांतरित की है। प्रत्येक परिवार को ₹15,000 की तत्काल आर्थिक सहायता दी गई है।
असम में इस बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
आधिकारिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार 29 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच असम के 25 जिलों, 77 राजस्व सर्किलों और 2,251 गाँवों में बाढ़ का असर पड़ा और 11.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए। 218 राहत शिविरों में 71,889 विस्थापित लोग आश्रय ले रहे थे।
क्या यह बाढ़ राहत की पहली किस्त है, आगे और मिलेगी?
हाँ, मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे अंतरिम सहायता की 'पहली किस्त' बताया है, जिससे संकेत मिलता है कि आगे और राहत राशि जारी की जाएगी। सरकार पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास भी जारी रखे हुए है।
असम में कितने राहत वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं?
राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को भोजन, पेयजल और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए 1,811 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने 1 अगस्त को बताया था कि राहत कार्यों का विस्तार किया जा रहा है।
DBT के ज़रिए बाढ़ राहत देने का क्या फायदा है?
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। इससे राहत राशि तेज़ी से और बिना रुकावट पात्र परिवारों तक पहुँचती है।
राष्ट्र प्रेस
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